बिहार की नई कैबिनेट के शपथ लेने के सिर्फ 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि पटना की सड़कों पर तूफान आ गया। Mithilesh Tiwari, Education Minister of Bihar Government ने तो अभी अपनी कुर्सी गर्म ही की थी कि Bihar Public Service Commission (BPSC) की TRE-4 भर्ती को लेकर हাজারों अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए। यह कोई साधारण प्रदर्शन नहीं था; यह एक विस्फोट था जिसमें पुलिस और छात्रों के बीच जबरदस्त टकराव हुआ।
यह घटना शुक्रवार की सुबह Patna College से शुरू हुई, लेकिन जल्दी ही पूरे शहर में फैल गई। अभ्यर्थियों का गुस्सा दो बातों पर था: एक तो वक्त से ज्यादा देर हो चुकी है और दूसरा, परीक्षा पैटर्न में अचानक बदलाव। सरकारी वादे और जमीनी हकीकत के बीच अब खाई गहरी होती जा रही है।
सड़क पर क्यों उतरे हज़ारों छात्र?
बात थोड़ी पीछे जाती है। 16 अप्रैल को BPSC के एग्जाम कंट्रोलर ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि TRE-4 का अधिसूचना (notification) 'तीन-चार दिनों' के भीतर जारी होगी। लोग इंतजार कर रहे थे, लेकिन मई का महीना बीतने को आ गया और पोर्टल पर कुछ नहीं दिखा। लगभग 46,595 पदों पर होने वाली इस भर्ती को लेकर लगभग लाखों युवाओं की नौकरी अधर में लटक रही है।
लेकिन रुको, यहीं पर कहानी मुड़ती है। समस्या सिर्फ देरी की नहीं है। पहले TRE-4 एक ही चरण (Single Stage) में होती थी, जहां सीधे रिजल्ट के आधार पर नियुक्ति होती थी। अब BPSC ने योजना बनाई है कि परीक्षा दो चरणों में होगी: पहले प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Test - PT) और फिर मुख्य परीक्षा (Mains Exam)। अभ्यर्थियों का मानना है कि इससे प्रक्रिया लंबी और जटिल हो जाएगी, जिससे उनका भविष्य अनिश्चित हो जाएगा।
"सरकार हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। जब तक स्पष्टता नहीं मिलती, हम शांत नहीं बैठेंगे।"
पटना कॉलेज से JP गोलंबर तक का सफर
प्रदर्शन का रास्ता काफी लंबा था। जुलूस Patna College से निकलकर बकरगंज (Bakarganj) और मछुआ टोली (Machhua Toli) होते हुए आगे बढ़ा। इस दौरान शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। जब जुलूस JP Golambar पहुंचा, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस ने जुलूस को रोकने की कोशिश की, लेकिन उत्साहित भीड़ नहीं रुकी। परिणामस्वरूप, पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि कैसे लाठियां छात्रों पर बरसीं और कई अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। Kartikeya Sharma, SSP of Patna Police स्वयं मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने न दें, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी।
सरकार की प्रतिक्रिया और नए मंत्री का वादा
इस तूफान के बीच, नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक शांत स्वर में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि "TRE-4 की वैकेंसी बिल्कुल नहीं फंसेगी। इस पर बैठक चल रही है और जल्द ही फैसला लिया जाएगा।" हालांकि, उनके ये शब्द अभी तक सड़क पर उतरे लोगों के गुस्से को शांत करने में असफल रहे हैं।
रोचक बात यह है कि इस आंदोलन को आयोजक 'शुद्ध रूप से छात्रों का आंदोलन' घोषित कर रहे हैं। छात्र नेता Dilip (जिन्हें अक्सर 'दिलीप जी' कहा जाता है) की रिहाई की मांग को लेकर भी मार्च निकाला गया। आंदोलन के संयोजकों ने शिक्षकों और कोचिंग संचालकों से अनुरोध किया है कि वे इसमें शामिल न हों, ताकि प्रदर्शन पर 'कोचिंग वालों का आंदोलन' होने का आरोप न लगे।
TRE-3 का दूसरा मोर्चा
समानांतर रूप से, TRE-3 के अभ्यर्थियों ने भी अपना रोष जताया। मंगलवार को Sunil Kumar, Former Education Minister की गाड़ी को बकरगंज स्थित राजकीय उर्दू पुस्तकालय के उद्घाटन समारोह के बाद घेर लिया गया। मुख्यमंत्री Nitish Kumar वहां उपस्थित थे, लेकिन उद्घाटन के बाद तुरंत चले गए। TRE-3 के छात्रों ने सप्लीमेंटरी रिजल्ट जारी करने की मांग करते हुए गाड़ी के आगे लेटकर धरना दिया।
8 मई: महाराष्ट्र का क्या है?
अगला बड़ा दिन 8 मई है। इस दिन BPSC TRE 4.0 Maha AndolanPatna College का आयोजन निर्धारित है। आयोजकों का दावा है कि यह बिहार के शैक्षिक परिदृश्य की नींव हिला देने वाला होगा। हजारों छात्रों को एकजुट होने की अपील की गई है।
Frequently Asked Questions
BPSC TRE-4 परीक्षा पैटर्न में क्या बदलाव हुआ है?
पहले TRE-4 एक ही चरण (Single Stage) में होती थी। अब BPSC इसे दो चरणों में बांट रहा है: पहले प्रारंभिक परीक्षा (PT) और उसके बाद मुख्य परीक्षा (Mains)। जो उम्मीदवार PT में पास करेंगे, उन्हें ही Mains में बैठने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य चयन प्रक्रिया को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना बताया जा रहा है।
पटना में प्रदर्शन क्यों हुआ?
प्रदर्शन का मुख्य कारण TRE-4 अधिसूचना (Notification) जारी करने में हुई देरी और परीक्षा पैटर्न में अचानक बदलाव था। अभ्यर्थियों ने 16 अप्रैल के बाद जारी किए गए वादों को खोखल पाया, जबकि मई का महीना बीतने को आ गया। इसके अलावा, छात्र नेता दिलीप की रिहाई की भी मांग की गई।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने क्या कहा?
नियुक्त शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आश्वासन दिया कि TRE-4 की वैकेंसी नहीं फंसेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बैठक चल रही है और सरकार जल्द ही कोई ठोस निर्णय लेगी। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है।
8 मई को क्या होने वाला है?
8 मई को पटना कॉलेज में 'BPSC TRE 4.0 महा आंदोलन' का आयोजन निर्धारित है। आयोजक इसे एक निर्णायक मोड़ मान रहे हैं और हजारों छात्रों को एकत्र होने की अपील की है। यह आंदोलन विशेष रूप से छात्रों द्वारा संचालित होने का दावा करता है।
TRE-3 और TRE-4 आंदोलन में क्या अंतर है?
TRE-4 के अभ्यर्थी नोटिफिकेशन की देरी और नए परीक्षा पैटर्न के खिलाफ हैं। वहीं, TRE-3 के अभ्यर्थी सप्लीमेंटरी रिजल्ट जारी करने में देरी के खिलाफ हैं। दोनों ही समूह सरकार पर अपने भविष्य के साथ खेलने का आरोप लगा रहे हैं और अलग-अलग मोर्चों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।