बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का नाम सिर्फ उनकी फिल्मों या रोमांटिक छवि के लिए नहीं, बल्कि उनके असाधारण व्यक्तित्व और संघर्षों के लिए भी जाना जाता है। साल 1990 में Movie Magazine के साथ एक साक्षात्कार में, खन्ना ने अपने जीवन के एक बहुत ही नाटकीय और दर्द भरे क्षण को उजागर किया था। यह वह समय था जब वे करियर के सबसे गहरे संकट से गुजर रहे थे।
खन्ना ने बताया कि एक रात को तीन बजे, जब बारिश हो रही थी और आसमान घने बादलों से ढका हुआ था, वे नशे की हालत में अपने घर आशीर्वाद की छत पर चढ़ गए। तब तक उनकी लगातार सात फिल्में बक्स ऑफिस पर असफल हो चुकी थीं। इस निराशा और शराब के प्रभाव में, उन्होंने ईश्वर से जो कहा, उसने सबको चौंका दिया।
छत पर वह अकेला पल और ईश्वर से अपील
खन्ना ने अपनी आवाज़ में कहा, "एक के बाद एक सात फिल्में लगातार फ्लॉप हुईं। बारिश हो रही थी, अंधेरा घना था और मैं अपनी छत पर अकेला था। मैंने अपना नियंत्रण खो दिया। मैं चिल्लाया, 'परवरदीगार, हम गरीबों पर ऐसा कठोर परीक्षण मत डालो कि हम आपके अस्तित्व को इनकार करने लगें।'" यह कोई साधारण शिकायत नहीं थी; यह एक सफल अभिनेता की वह चीख थी जिसने सफलता के ऊंचाइयों को जाना था लेकिन असफलता के गिरते हुए झोंके सहने में असमर्थ था।
उस रात, डिम्पल कपाड़िया, जो उस समय खन्ना की पत्नी थीं, और उनके स्टाफ ने हंगामा सुना। वे दौड़कर छत पर पहुंचे। देखकर उन्हें लगा कि राजेश खन्ना पागल हो गए हैं। खन्ना ने बाद में खुद स्वीकार किया, "डिम्पल और मेरा स्टाफ दौड़कर आए। उन्हें लगा कि मैं पागल हो गया हूं। वास्तव में, सफलता ने मुझे इतना प्रभावित किया था कि मैं असफलता को सहारा नहीं दे सका।" यह कबूलनाती उस दौर के बॉलीवुड की कड़वी सच्चाई को दर्शाती है जहां स्टारडम एक धोखा देने वाला दोस्त था।
1973 की शादी और टूटते रिश्ते
इस घटना को समझने के लिए खन्ना के निजी जीवन के संदर्भ को देखना जरूरी है। साल 1973 में, जब राजेश खन्ना 31 वर्ष के थे, उन्होंने 16 वर्षीय डिम्पल कपाड़िया से शादी की। यह शादी उस समय बॉलीवुड की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक थी। खन्ना तब हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार थे, जबकि डिम्पल की फिल्मी करियर अभी शुरू होने वाली थी।
शादी के बाद, डिम्पल कपाड़िया की फिल्मों में एंट्री रुक गई। वे एक गृहिणी बन गईं और घरेलू जीवन में कैद हो गईं। दोनों के दो बेटियां थीं, लेकिन रिश्ते में दरारें तेजी से बढ़ रही थीं। खन्ना की क्रोध प्रवृत्ति, शराब की लत और करियर में आई गिरावट ने उनके विवाहित जीवन को अस्थिर बना दिया। 1982 में, शादी के नौ साल बाद, डिम्पल कपाड़िया अपने दो बच्चों के साथ पति के घर से चली गईं। यह बिछड़ाव सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं थी, बल्कि उस युग के स्टार सिस्टम के दबाव का परिणाम था।
सफलता का बोझ और मानसिक संघर्ष
राजेश खन्ना का मामला मनोविज्ञान के दृष्टिकोण से दिलचस्प है। जब कोई व्यक्ति लगातार सफल होता है, तो उसके लिए असफलता को सामने लेना बहुत कठिन हो जाता है। खन्ना ने स्पष्ट रूप से कहा कि सफलता ने उन्हें इतना बदल दिया था कि वे असफलता का सामना नहीं कर पा रहे थे। उनकी क्रोध समस्याएं और शराब का सेवन इस मानसिक तनाव के लक्षण थे।
जैसे-जैसे उनकी फिल्में फ्लॉप होती गईं, उनका गुस्सा बढ़ता गया। यह क्रोध न केवल उनके करियर पर, बल्कि उनके निकटतम लोगों पर भी निकल रहा था। डिम्पल कपाड़िया ने बाद के साक्षात्कारों में कई बार यह बात दोहराई कि खन्ना के व्यवहार ने उनके रिश्ते को कैसे तोड़ दिया। हालांकि, खन्ना ने हमेशा अपनी गलतियों को स्वीकार करने की हिम्मत दिखाई, चाहे वह करियर हो या निजी जीवन।
अंतिम विदाई और वारिस
राजेश खन्ना का निधन साल 2012 में हुआ। उनकी मौत के बाद जो दृश्य सामने आया, वह उनकी लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण था। अनुमानित 10 लाख लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। यह भीड़ सिर्फ उनके प्रशंसकों की नहीं थी, बल्कि उस समाज की थी जिसने उन्हें अपने दिल में जगह दी थी।
उनकी मौत के बाद, डिम्पल कपाड़िया और उनकी बेटियां भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंची थीं, जो यह दर्शाता है कि बावजूद सभी तनाव और बिछड़े के, रिश्ते में कुछ भावनाएं हमेशा बची रहती हैं। आज, जब हम राजेश खन्ना की याद करते हैं, तो हम सिर्फ उनके रोमांटिक हीरो की नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान की याद करते हैं जिसने सफलता और असफलता दोनों के कड़वे अनुभव किए।
Frequently Asked Questions
राजेश खन्ना ने छत पर क्यों चिल्लाया था?
राजेश खन्ना ने छत पर इसलिए चिल्लाया क्योंकि उनकी लगातार सात फिल्में फ्लॉप हो चुकी थीं। वे शराब के नशे में थे और करियर की असफलता से परेशान थे। उन्होंने ईश्वर से अपील की कि वह गरीबों पर इतना कठोर परीक्षण न डाले।
डिम्पल कपाड़िया और राजेश खन्ना की शादी कब हुई थी?
राजेश खन्ना और डिम्पल कपाड़िया की शादी साल 1973 में हुई थी। उस समय राजेश खन्ना 31 वर्ष के थे और डिम्पल कपाड़िया मात्र 16 वर्ष की थीं। यह शादी बॉलीवुड के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है।
राजेश खन्ना और डिम्पल कपाड़िया का तलाक क्यों हुआ?
राजेश खन्ना की बढ़ती शराब की लत, क्रोध प्रवृत्ति और करियर में आई गिरावट ने उनके विवाहित जीवन को प्रभावित किया। डिम्पल कपाड़िया ने 1982 में, शादी के नौ साल बाद, अपने दो बच्चों के साथ घर छोड़ दिया।
राजेश खन्ना की मौत के बाद कितने लोग अंतिम संस्कार में आए?
राजेश खन्ना के निधन के बाद, अनुमानित 10 लाख लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। यह भीड़ उनकी व्यापक लोकप्रियता और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान का प्रतीक थी।
राजेश खन्ना ने Movie Magazine को दिए इंटरव्यू में क्या कबूल किया?
1990 के इंटरव्यू में, राजेश खन्ना ने कबूल किया कि सफलता ने उन्हें इतना प्रभावित किया था कि वे असफलता को सहारा नहीं दे पा रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी क्रोध और शराब की लत इसी मानसिक तनाव का परिणाम थी।