अफवाहें हर जगह फैलती हैं — व्हाट्सएप पर, सोशल मीडिया पर या दोस्तों की बतकही में। यहाँ हमने ऐसे लेख और टिप्स इकट्ठा किए हैं जो बताते हैं कोई खबर सच है या सिर्फ चर्चा। अगर आपने भी कभी सोचा है कि खबर पर भरोसा कैसे करें, तो यह पेज उस सरल गाइड की तरह है।
पहला कदम: स्रोत देखें। किस वेबसाइट या अकाउंट ने खबर दी? भरोसेमंद न्यूज़ साइटों और आधिकारिक संस्थाओं की पुष्टि ढूँढिए। दूसरा: शीर्षक पढ़कर तुरंत शेयर मत कीजिए — अक्सर सनसनीखेज हेडलाइन में गलत सूचनाएँ छिपी होती हैं। तीसरा: तारीख और समय चेक करें। पुरानी खबरें नए संदर्भ में फिर से चलती हैं और भ्रामक लग सकती हैं।
अगर तस्वीर या वीडियो है, तो रिवर्स इमेज सर्च (Google Images, TinEye) से देखिए कि वह पहले कहाँ इस्तेमाल हुआ था। कई बार पुरानी तस्वीरें अलग घटना के साथ जोड़ी जाती हैं। फोरेंसिक या फ्रेम-लेवल जांच के लिए आसान टूल भी उपलब्ध हैं, पर आम यूज़र के लिए रिवर्स सर्च अक्सर काफी मददगार होता है।
सबसे पहले पैनिक मत होइए। आधिकारिक बयान ढूँढकर देखें — सरकारी विभाग, अस्पताल, टीम या व्यक्तित्व का आधिकारिक सोशल अकाउंट अधिक भरोसेमंद रहता है। अगर पुष्टि नहीं मिलती तो शेयर न करें। पहचानिए कि जानकारी किस हिस्से से अनिश्चित लग रही है: वक़्त, स्थान, व्यक्तियों के नाम या आंकड़ों की जांच करें।
आप चाहें तो खबर का स्क्रीनशॉट लेकर किसी भरोसेमंद फैक्ट-चेकिंग साइट (जैसे Alt News, Boom या AFP Fact Check) पर खोज कर सकते हैं। अगर पक्का झूठ मिले तो प्लेटफ़ॉर्म पर रिपोर्ट करें — फेसबुक, ट्विटर या व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को बताइए। इससे आगे फैलने से रोका जा सकता है।
यहाँ हमारी वेबसाइट पर भी हमने कई मामलों की पड़ताल की है — राजनीतिक अफवाहें, सेलिब्रिटी गपशप और वायरल वीडियो की सच्चाई। उदाहरण के तौर पर कुछ लेखों में दर्शाया गया है कि कैसे सटीक जांच से झूठे दावे उजागर हुए और किस तरह आधिकारिक दस्तावेज़ों ने कहानी बदल दी।
अंत में, थोड़ा सतर्क रहना सबसे बड़ा बचाव है। जानकारी को दुबारा पढ़िए, स्रोत की जाँच कीजिए और तुरंत री-ट्वीट या फॉरवर्ड करने से पहले सोचना सीखिए। अगर आप चाहते हैं तो इस टैग को फॉलो करें — हम अफवाहों की तह तक जाकर सत्यापन और आसान कदम बताते रहेंगे।
अगर आपके पास कोई संदिग्ध खबर है, तो कमेंट में बताइए या हमारी टीम को रिपोर्ट भेजिए — हम उसे वेरिफाई करके रीडर के साथ साझा करेंगे। साथ मिलकर हम झूठी खबरों को फैलने से रोक सकते हैं।
X पर 'RIPCartoonNetwork' ट्रेंड अचानक से बढ़ने के कारण फैंस को कार्टून नेटवर्क चैनल के बंद होने की आशंका हो गई है। 'एनिमेशन वर्कर्स इग्नाइटेड' के एक वीडियो के बाद यह ट्रेंड फैला, जिसमें कहा गया कि एनिमेशन इंडस्ट्री लालच के कारण संकट में है। यह वीडियो बताता है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी एनिमेशन ने दूर से काम करना जारी रखा पर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी हुई। कार्टून नेटवर्क ने अभी तक बंद होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। इस ट्रेंड ने फैंस के बीच पुरानी यादों को ताजा कर दिया है, जो अपने पसंदीदा शो के बारे में पोस्ट कर रहे हैं।
तेलंगाना राज्य इंजीनियरिंग, कृषि और फार्मेसी सामान्य प्रवेश परीक्षा (TS EAPCET) 2024 के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री बी. वेंकटेशम और तेलंगाना राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष आर. लिंबाद्री ने संयुक्त रूप से परिणाम जारी किए। कृषि और फार्मेसी धाराओं के लिए उत्तीर्ण प्रतिशत 89.66% रहा, जिसमें लड़कियों ने 90.18% और लड़कों ने 88.25% हासिल किया।
RBSE, अजमेर जल्द ही 10वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित करेगा। बोर्ड कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिसमें उत्तीर्ण प्रतिशत, टॉपर्स और जिलेवार प्रदर्शन की जानकारी दी जाएगी। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
जैगर लैंड रोवर (JLR) पर 2 सितंबर 2025 को हुए साइबर‑अटैक ने यूके की प्रमुख कारखानों को बंद कर दिया, 33,000 कर्मचारियों को घर भेजा और टैटा मोटर्स को संभावित ₹21,000‑23,864 करोड़ का नुकसान पहुंचा। शेयरों में गिरावट, बीमा नहीं होने की परेशानी और पूरे सप्लाई चैन में असर इस घटना को उद्योग के लिए चेतावनी बनाते हैं।
कोच ग्रेग बेरहाल्टर को टिम वेह के दो मैचों के निलंबन के बाद अपनी शुरुआती लाइनअप में बदलाव करना पड़ रहा है। USMNT का मुकाबला उरुग्वे से होगा, जो कोपा अमेरिका क्वार्टरफाइनल की उम्मीदें बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
किंग्स कप के नाटकीय मुकाबले में अल-हिलाल ने पेनल्टी शूटआउट में अल-नस्र को हराकर खिताब जीता। क्रिस्टियानो रोनाल्डो के संगठित प्रयास भी अल-नस्र को जीत नहीं दिला सके। मुकाबले में तीन खिलाड़ियों को लाल कार्ड दिखाए गए। मुकाबला पेनल्टी तक पहुंचा जिसमें अल-हिलाल ने जीत हासिल की।