यह पन्ना समाज के वो मुद्दे और कहानियाँ समेटता है जो सीधे आपकी रोज़मर्रा ज़िन्दगी से जुड़ी होती हैं। यहाँ आप भ्रष्टाचार या राजनीति की बड़ी बहसों के बजाय लोगों की असली कहानी, स्थानीय प्रयास और व्यवहारिक बदलाव पा सकते हैं। हर खबर का मकसद सीधा है — समझाना कि क्या हुआ, किसका असर है और आप क्या कर सकते हैं।
रिटायरमेंट के बाद नया सफर (झारखंड) — कई लोग पेंशन के बाद खालीपन में नहीं फंसते; वे मेंटर बनते हैं, छोटे व्यवसाय शुरू करते हैं या सामुदायिक काम में हाथ बटाते हैं। यह कहानी विशेष रूप से बताती है कि अनुभव कैसे नई रोजगार और उद्देश्य में बदल सकता है। अगर आपके आस-पास भी कोई बुजुर्ग है जो नया कदम उठाना चाहता है, तो यह लेख प्रेरणा देगा और व्यावहारिक सुझाव भी देता है।
विश्व पर्यावरण दिवस: ITC ग्रैंड चोला (चेन्नई) — यह रिपोर्ट बताती है कि कैसे एक होटल ने स्थानीय और मौसमी सामग्री इस्तेमाल करके, कटलरी बदलकर और खाद्य अपशिष्ट घटाकर स्थिरता को अपनाया। अगर आप अपने घर या किसी आयोजन में कचरा कम करना चाहते हैं, तो इन छोटे-छोटे कदमों से फर्क दिखता है।
इन कहानियों में एक बात सामान्य है: छोटे कदम बड़े असर करते हैं। हम ऐसी रिपोर्ट लाते हैं जो न सिर्फ खबर बताती है बल्कि रास्ता भी दिखाती है — किस तरह समुदाय खुद बदलाव ला रहा है।
क्या आप भी स्थानीय मुद्दों से जुड़ना चाहते हैं? आसान तरीका यह है कि पहले सुने — स्थानीय मीटिंग्स, पब्लिक पोस्टर, सोशल मीडिया ग्रुप्स देखें। अगले कदम में छोटे काम करें: पड़ोस के बुजुर्गों को मेंटरशिप के लिए जोड़ें, किसी स्कूल में पढ़ाने का समय दें, या स्थानीय क्लीनअप में भाग लें।
यदि आप कोई पहल शुरू कर रहे हैं, तो लोगों की कहानियाँ और स्थानीय उदाहरण साझा करें — इससे भरोसा बनता है और और लोग जुड़ते हैं। समाचार संग्रह पर मिलने वाली रिपोर्टें आपको प्रेरणा देंगी और स्पष्ट कदम सुझाएँगी।
हमारी कोशिश रहती है कि समाज से जुड़ी खबरें सिर्फ सूचनात्मक न हों, बल्कि उपयोगी भी हों — यानी आप पढ़ें और अगला कदम उठाएँ। पेज को फॉलो कीजिए, नोटिफिकेशन चालू रखिए और अपनी स्थानीय खबरें हमें भेजिए। ऐसे ही सच बोलने वाले और काम करने वाले लोगों की कहानियाँ हम लाते रहेंगे।
अगर आप किसी खास मुद्दे पर रिपोर्ट देखना चाहते हैं — जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, या उम्रदराज़ों की पहल — नीचे दिये गए सेक्शन में खोजें या प्रतिक्रिया भेजें। आपकी आवाज़ से समाज ज्यादा जुड़ा और बेहतर बनेगा।
उत्तराखंड में नीदरलैंड के सहकारी मॉडल को अपनाकर सहकारिता वर्ष-2025 शुरू किया गया है। डॉ. धन सिंह रावत ने गांवों में बहुउद्देशीय समितियों का गठन करने की घोषणा की, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी।
झारखंड में रिटायरमेंट के बाद लोग अपने अनुभव को नई करियर की शुरुआत में बदल रहे हैं, जो उनके लिए एक नया सफर साबित हो रहा है। यह लोग मेंटरिंग, उद्यमिता और सामुदायिक कार्य के माध्यम से समाज में योगदान कर रहे हैं, जिससे उन्हें नया उद्देश्य मिल रहा है।
आईटीसी ग्रैंड चोला, चेन्नई ने विश्व पर्यावरण दिवस पर एक विशेष डाइनिंग अनुभव पेश किया है। यह अनुभव स्थिरता और पारंपरिक भारतीय भोजन का संगम है। कार्यकारी शेफ विक्रमजीत रॉय द्वारा तैयार किए गए मेनू में स्थानीय और मौसमी सामग्री का उपयोग किया गया है। होटल ने खाद्य अपशिष्ट कम करने के साथ-साथ बायोडिग्रेडेबल कटलरी का उपयोग भी सुनिश्चित किया है।
भारत की सबसे बड़ी सोलर पैनल निर्माता कंपनी Waaree Energies ने अपना IPO खोला है, जिसका मूल्य बैंड 1,427 से 1,503 रुपये प्रति शेयर है। कंपनी के पास घरेलू और विदेशी ऑर्डर्स की बड़ी बुक है, लेकिन उसका व्यापार जोखिम निर्यात निर्भरता के कारण है। इसलिए वह अपनी उत्पादन निर्भरता कम करने के प्रयास में भी जुटी है। वित्त वर्ष 24 के लिए कंपनी ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है।
रिलायंस जियो ने अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान्स के दाम बढ़ा दिए हैं, जो 3 जुलाई 2024 से लागू होंगे। नए टैरिफ में मासिक, दैनिक और वार्षिक सभी प्रकार के प्लान्स शामिल हैं। टैरिफ हाइक की वजह से प्लान्स की कीमतों में ₹34 से लेकर ₹600 तक की वृद्धि हुई है। साथ ही, जियो ने दो नए एप्लीकेशन भी लॉन्च किए हैं।
पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों के महिला 68 किग्रा भारवर्ग में भारत की निशा दहिया को चोट के कारण क्वार्टरफाइनल में कठिन हार का सामना करना पड़ा। शुरुआत में मजबूत प्रदर्शन करने वाली निशा को मैच के दौरान अंगुली में चोट लग गई, जिससे उनकी खेल क्षमता प्रभावित हुई। इस चोट ने उनके ओलंपिक अभियान के सपनों को धक्का दिया।
अल्काराज़ ने यूएस ओपन 2025 सेमीफाइनल में जोकोविच को 6-4, 7-6(4), 6-2 से हराकर फाइनल में जगह पक्की की, जबकि जोकोविच ने शारीरिक थकावट का ज़िकर किया।
इज़राइल और हिज़बुल्लाह के बीच बढ़ते तनाव के कारण पश्चिमी सरकारें अपने नागरिकों को लेबनान से निकलने की सलाह दे रही हैं। हिज़बुल्लाह द्वारा गोलन हाइट्स पर संदिग्ध रॉकेट हमले में 12 द्रूज़ बच्चों और युवाओं के मारे जाने के कारण तनाव बढ़ा है। इज़राइल की धमकी से क्षेत्रीय संघर्ष और संभावित युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है।