कभी-कभी कंपनियाँ घोषणा करती हैं कि वे लाभांश (डिविडेंड) नहीं देंगी या इसे अस्थायी रूप से रोकेंगी। इसे ही डिविडेंड निलंबन कहते हैं। ऐसा सुनकर निवेशक चिंतित हो जाते हैं, पर हर निलंबन का मतलब कंपनी खत्म हो रही है, यह जरूरी नहीं।
कई बार कंपनियाँ पैसा बचाने के लिए लाभांश रोकती हैं। प्रमुख कारण होते हैं—कम नकदी प्रवाह, भारी कर्ज, अपातकालीन खर्च, या भविष्य के निवेश के लिए पैसा जुटाना। कभी-कभी सरकारी नियमों या बजट में बदलाव (जैसे डिविडेंड पर टैक्स/टीडीएस नीति) भी कंपनियों की पॉलिसी प्रभावित करते हैं। कभी-कभी एक नुकसान भरा वित्तीय वर्ष आ जाता है और बोर्ड निर्णायक रूप से लाभांश रोक देता है।
कभी-कभी यह रणनीतिक निर्णय भी होता है: कंपनी नई परियोजनाएँ या अधिग्रहण करना चाहती है और उस पर पैसा लगाना ज्यादा फायदेमंद दिखता है। इसलिए निलंबन का कारण जानना ज़रूरी है — क्या यह अस्थायी नकदी समस्या है या दीर्घकालिक कमजोर वित्तीय स्थिति?
डिविडेंड निलंबन से सीधे तौर पर आपकी आय पर असर होता है — खासकर अगर आप नियमित लाभांश पर निर्भर हैं। शेयर की कीमत पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि कुछ निवेशक लाभांश के लिए ही शेयर रखते हैं। पर ध्यान दें: कीमत का प्रभाव हमेशा स्थायी नहीं होता।
कंपनी की घोषणा पढ़ते समय इन बातों पर ध्यान दें:
अगर कंपनी ने स्पष्ट रोडमैप दिया है कि निलंबन अस्थायी है और पुनरारम्भ की शर्तें क्या होंगी, तो यह सकारात्मक संकेत हो सकता है। पर अगर सिर्फ सामान्य वाक्य और कोई ठोस योजना नहीं है, तो सावधानी जरूरी है।
आप क्या कर सकते हैं? हमेशा भावनाओं में आकर फैसले न लें। पहले अपनी इन्वेस्टमेंट थेसिस देखें — क्या आपने शेयर खरीदते समय लाभांश को मुख्य वजह माना था? अगर हाँ, तो विकल्पों पर सोचें: पोर्टफोलियो डायवर्सिफाई करना, लंबी अवधि के विकास पर भरोसा रखना, या लाभांश देने वाली और कंपनियाँ ढूँढना।
छोटे निवेशकों के लिए सुझाव: कंपनी की क्वार्टरली रिपोर्ट और मैनेजमेंट चर्चा पढ़ें, नया बजट या नियामक बदलाव देखें, और यदि जरूरत हो तो वित्तीय सलाह लें।
डिविडेंड निलंबन अक्सर चिंता पैदा करता है, लेकिन सही जानकारी और ठंडे दिमाग से आप बेहतर निर्णय ले सकते हैं। सबसे जरूरी है कारण समझना और कंपनी के भविष्य के नक्शे को परखना।
इंटल ने अपने 15% कर्मचारियों को निकालने का निर्णय लिया है, जो लगभग 17,500 नौकरियों के बराबर है। इस कदम का उद्देश्य 10 अरब डॉलर के लागत कटौती प्रयास के हिस्से के रूप में कंपनी की वित्तीय प्रदर्शन में सुधार करना है। कंपनी ने अपने शेयर की कीमत में भारी गिरावट देखी है, जो घोषणा के बाद 12% तक गिर गई।
बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने 25 मार्च, 2025 को दोपहर 1:15 बजे 12वीं का परिणाम घोषित किया। परीक्षा 1 से 15 फरवरी तक 1,677 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। 12.92 लाख से अधिक छात्र सम्मिलित हुए थे। परिणाम ऑनलाइन पोर्टल पर रोल नंबर और कोड से उपलब्ध हैं। पास होने के लिए थ्योरी में 33% और प्रैक्टिकल में 40% अंक आवश्यक हैं।
PM Kisan योजना की 20वीं किस्त अब तक जारी नहीं हुई है, जिससे लगभग 9.8 करोड़ किसान परेशान हैं। पीएम मोदी के बिहार दौरे में उम्मीद थी कि यह किस्त जारी होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। किसानों को अभी और इंतजार करना होगा। जिन किसानों ने e-KYC पूरी कर ली है, वे पोर्टल पर अपनी स्थिति देख सकते हैं।
18 मई 2024 को बेंगलुरु से कोच्चि जा रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX 1132 को इंजन में आग लगने के बाद केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। उड़ान में सवार 179 यात्रियों और 6 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाला गठबंधन निर्णायक जीत की ओर अग्रसर है, जो 175 में से 150 सीटों पर आगे चल रहा है। यह चुनावी सफलता टीडीपी के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को मुख्यमंत्री के रूप में वापसी कराने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को एक पुरातन चांदी का हाथों से नक्काशी किया हुआ ट्रेन मॉडल उपहार स्वरूप में दिया। यह विचित्र मॉडल 92.5 प्रतिशत चांदी से बना है और भारतीय शिल्पकारों की उत्कृष्ट कला को प्रदर्शित करता है। इसमें 'दिल्ली-डेलावेयर' अंकित है जो भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों का प्रतीक है। यह उपहार मोदी के तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान प्रस्तुत किया गया था।