गुरु पूर्णिमा हर साल आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह दिन गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक है और हिन्दू धर्म में इसे व्यास जयंती के रूप में भी जाना जाता है। बौद्ध और जैन परंपराओं में भी इस दिन का खास महत्व है—बौद्ध परंपरा में इसे बुद्ध के पहले उपदेश से जोड़ा जाता है।
रिवाज़ सरल होते हैं: गुरु को प्रणाम, पुष्प-प्रसाद अर्पित करना, भजन-कीर्तन, और गुरु-दक्षिणा देना। अगर आपके पास कोई आध्यात्मिक गुरु है तो उनसे आशीर्वाद लेना और उनके मार्गदर्शन के बारे में दिल से धन्यवाद कहना सबसे महत्वपूर्ण होता है। शिष्य अपने गुरु के साथ बीते अनुभव साझा कर सकता है और उनसे सीखें हुई बातें लिखकर दे सकता है।
गृहस्तों में छोटी सी पूजा रखें—दीप, अगरबत्ती और किसी पवित्र ग्रंथ का पाठ। कई जगहों पर मंदिर और आश्रमों में विशेष प्रवचन और सत्संग होते हैं, जिनमें भाग लेकर आप दिन को अधिक अर्थपूर्ण बना सकते हैं।
आज के डिजिटल जमाने में गुरु पूर्णिमा का जश्न ऑनलाइन भी किया जा सकता है। अगर आपका गुरु कहीं दूर है, तो वीडियो कॉल पर मिलने या एक वीडियो संदेश भेजने से भी असर पड़ता है। संस्थानों में शिक्षक-छात्र कार्यक्रम, वर्कशॉप और फीडबैक सत्र आयोजित किये जाते हैं।
छात्रों के लिए सरल कदम: एक छोटा धन्यवाद नोट लिखें, अपने गुरु के लिए एक प्रेरक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर करें, या कक्षा में उनसे जुड़ी एक छोटी प्रस्तुति दें। इससे गुरु का मन बढ़ता है और रिश्ते मजबूत होते हैं।
गुरु-दक्षिणा और उपहार चुनते समय विचार रखें — उपयोगी और सम्मानजनक चीजें जैसे किताबें, नोटबुक, पौधा, या ऑनलाइन कोर्स वाउचर बेहतर रहते हैं। बहुत महंगे उपहार देने से बचें; सच्चा सम्मान समय और ध्यान देने में दिखता है।
यदि आप आयोजन कर रहे हैं तो योजना पहले से बनाएं: वक्ताओं की सूची, समय-सारिणी, और टेक्निकल व्यवस्था (लाइवस्ट्रीम/माइक) की जाँच कर लें। छोटा, व्यवस्थित और सार्थक कार्यक्रम ज्यादा प्रभावी होता है।
गुरु पूर्णिमा केवल पारंपरिक पूजा तक सीमित नहीं है—यह अपना ज्ञान साझा करने वालों, मेंटर्स, कोच और जीवन में मदद करने वालों के लिए आभार जताने का दिन भी है। किसी को बेहतर महसूस कराना आसान है: एक ईमेल, कॉल, या व्यक्तिगत कहानी सुनाकर आप बहुत कुछ दे सकते हैं।
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गुरु पूर्णिमा 2024 के अवसर पर अपने गुरुओं को श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने के लिए शुभकामनाएं, संदेश, उद्धरण और चित्र शेयर करें। इस महत्वपूर्ण अवसर को मनाने के लिए यह लेख व्यापक संसाधन प्रदान करता है।
बंदी संजय कुमार, जो कारीमनगर से सांसद हैं, नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली है। उनका राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से शुरू हुआ। उनकी नियुक्ति तेलंगाना बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गूगल ने अपने प्रबंधकीय कर्मचारियों में 10% की कटौती की घोषणा की है जिसमें निदेशक और उपाध्यक्ष शामिल हैं। यह कदम सीईओ सुंदर पिचाई के नेतृत्व में चल रहे दक्षता अभियान का हिस्सा है और AI-केंद्रित कंपनियों से बढ़ते प्रतिस्पर्धा के बीच लिया गया है। सितंबर 2022 में शुरू किए गए इस रणनीति के तहत गूगल का उद्देश्य 20% अधिक दक्षता प्राप्त करना है।
RBSE, अजमेर जल्द ही 10वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित करेगा। बोर्ड कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिसमें उत्तीर्ण प्रतिशत, टॉपर्स और जिलेवार प्रदर्शन की जानकारी दी जाएगी। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
AIIMS जोधपुर के छात्र सचिन गोरा ने 2020 NEET-UG परीक्षा में डमी कैंडिडेट की मदद से 60 लाख की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने सचिन, डॉ. अजीत गोरा और डॉ. सुभाष सैनी को गिरफ्तार किया है। जांच में नियमों की गंभीर खामियां उजागर हो रही हैं।
तमिल स्टार विजय सेतुपति की 50वीं फिल्म 'महाराजा' का निर्देशन निथिलान समीनाथन ने किया है। फिल्म में विजय सेतुपति, अनुराग कश्यप, ममता मोहन दास और अभिरामी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। कहानी महाराजा के इर्दगिर्द घूमती है जो अपनी बेटी ज्योति के साथ एक सैलून चलाता है। एक गुड़िया के गायब होने के बाद, महाराजा और सेल्वम के बीच जुड़ी कहानी धीरे-धीरे सामने आती है।