रेलवे दुरघटना किसी के भी साथ कभी भी हो सकती है। अगर आप मौके पर हैं या किसी रिश्तेदार के बारे में खबर मिली है, तो ठंडे दिमाग से काम लें। त्वरित सही कदम कई जीवन बचा सकते हैं और बाद में क्लेम-प्रक्रिया में मदद करते हैं।
सबसे पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें। वहां पर टूट-फूट, आग, बिजली के खतरे या खतरनाक माल हो सकता है। खुद को सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ और बिना ट्रेन या रेल लाइन के पास जाएँ।
इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल करें और घटना का ठिकाना, समय और स्थिति संक्षेप में बताएं। साथ ही रेलवे कंट्रोल रूम/स्टेशन मास्टर को भी सूचित करने की कोशिश करें। अगर संभव हो तो ट्रेन नंबर और कोच की जानकारी दें।
घायलों की मदद करते समय पहले प्राथमिक चिकित्सा दें—रक्तस्राव रोकें, साँस न ले रहे हों तो एअरवे चेक करें। गंभीर स्थिति में घायल को अड़ो-गाड़ से हिलाएँ नहीं जब तक कि दुश्मनी खतरा न हो; बिना ट्रेन या बिजली के खतरों के घायल को सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ।
मौके पर मौजूद लोगों से सहयोग लें और आपदा राहत टीमों के आने तक स्थिति नियंत्रण में रखें। भीड़ को संयमित करने की कोशिश करें ताकि बचाव कार्य में बाधा न आए।
अगर आपका रिश्तेदार हादसे में है तो आधिकारिक जानकारी पाने के लिए स्टेशन मास्टर, रेल कंट्रोल रूम या रेलवे हेल्पलाइन 139 से संपर्क करें। सोशल मीडिया पर अफवाहें आम हैं—पहले आधिकारिक बयान देखें।
घटना की सूचना पुलिस (GRP/RPF) और स्थानीय आपात सेवाओं को होना चाहिए। मौके पर FIR या आधिकारिक रिपोर्ट बनना आवश्यक है—यह बाद में क्लेम और मुआवज़ा के लिए काम आएगा।
दावे के लिए जरूरी दस्तावेजों में पहचान पत्र, टिकट/आरक्षण संबंधी कागजात, घटना की रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट शामिल होते हैं। रेलवे क्लेम के लिए आप पास के रेलवे क्लेम ऑफिस या Railway Claims Tribunal से जानकारी ले सकते हैं।
यदि किसी ने मृत्यु या गंभीर चोट का दावा किया है, तो रेलवे द्वारा मुआवज़ा और राहत की प्रक्रिया शुरू होती है। क्लेम फाइल करने से पहले सभी मेडिकल बिल और अधिकारी रिपोर्ट्स को संभालकर रखें।
सामान्य तौर पर रेल सुरक्षा बढ़ाने के लिए आप पास के स्तर क्रॉसिंग, टूटी फेंसिंग या संदिग्ध उपकरण की रिपोर्ट रेलवे को भेजें। सार्वजनिक तौर पर सुरक्षित दूरी रखें और बच्चों को रेलवे परिसरों से दूर रखें।
समाचार और जानकारी ज़्यादा तेज़ फैलती हैं, पर सही जानकारी के लिए आधिकारिक रेलवे घोषणाओं और पुलिस बुलेटिन पर भरोसा करें। अगर आप रिपोर्ट कर रहे हैं तो तथ्य स्पष्ट रखें—अटकलें नहीं।
यदि आप पढ़ना चाहेंगे तो हादसों के कारणों में मानव त्रुटि, सिग्नल खराबी, पटरियों पर बाधा या तकनीकी दोष आम हैं। परिचितों को ट्रेन यात्रा के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देश मानने के लिए कहें।
यह पृष्ठ आपको तुरंत कदम और संपर्क बिंदु बताने के लिए है—अगर आप इस घटना से प्रभावित हैं तो तुरंत स्थानीय अधिकारियों से जुड़ें और निजी दवाइयों व बिलों के साथ डॉक्यूमेंटेशन रखें। जरूरत पड़े तो कानूनी सलाह लें।
उत्तर प्रदेश के गोंडा के पास 18 जुलाई, 2024 को चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना में चार डिब्बे पटरी से उतर गए थे। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मरने वालों की संख्या चार बताई है। घटना की जांच हो रही है और स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।
परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर हुए विवाद के बीच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक सुभोध कुमार सिंह को पद से हटा दिया गया। सिंह की सेवाएं कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में 'अनिवार्य प्रतीक्षा' पर रखी गई हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन प्रदीप सिंह खरोला को एनटीए का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनटीए की 'शीर्ष नेतृत्व' की जांच की बात कही है।
रिषभ शेट्टी द्वारा निर्देशित कांतारा‑1 ने यूएई में 4.5/5 स्टार रेटिंग हासिल की, 2 अक्टूबर रिलीज़ के साथ 75,000 हिन्दी टिकट बेचकर ₹15‑20 करोड़ कमाने की उम्मीद।
गूगल ने अपने प्रबंधकीय कर्मचारियों में 10% की कटौती की घोषणा की है जिसमें निदेशक और उपाध्यक्ष शामिल हैं। यह कदम सीईओ सुंदर पिचाई के नेतृत्व में चल रहे दक्षता अभियान का हिस्सा है और AI-केंद्रित कंपनियों से बढ़ते प्रतिस्पर्धा के बीच लिया गया है। सितंबर 2022 में शुरू किए गए इस रणनीति के तहत गूगल का उद्देश्य 20% अधिक दक्षता प्राप्त करना है।
मुंबई में लोकसभा चुनाव के कारण आज, सोमवार 20 मई को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) बंद रहेंगे। हालांकि, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) शाम 5 बजे से रात 11:30\/11:55 बजे तक ट्रेडिंग के लिए खुला रहेगा।
इंग्लैंड और भारत की तीसरी टी20 महिला मुकाबले में इंग्लैंड ने आख़िरी डिलीवरी पर ही 5 रनों से जीत दर्ज की। मैच की बारीकियों, प्रमुख खिलाड़ियों के प्रदर्शन और निर्णायक क्षणों को इस लेख में पढ़ें।