छत पर सोलर पैनल लगवाने का विचार अच्छा है, लेकिन सही जानकारी के बिना निकलना महंगा पड़ सकता है। यह गाइड सीधे और प्रैक्टिकल तरीके से बताएगा कि कौन सा सिस्टम चुनें, इंस्टालेशन में क्या-क्या देखना है और किस तरह आप बिजली बिल में असली बचत कर सकते हैं।
सबसे पहले तय करें कि आप ग्रिड से जुड़े सिस्टम (नेट-मीटरिंग) चाहते हैं या बैटरी के साथ ऑफ-ग्रिड सिस्टम। अगर बिजली विश्वसनीय है तो रूफटॉप ग्रिड-टाइप आमतौर पर बेहतर और सस्ता होता है। ग्रिड से जुड़ने पर अतिरिक्त बिजली आप नेट-मीटरिंग से डिस्कॉम को दे सकते हैं और क्रेडिट मिल सकता है।
पैनल प्रकारों में मुख्य तीन हैं: मोनोक्रिस्टलाइन (अधिक एफिशिएंसी), पोलिक्रिस्टलाइन (थोड़ा सस्ता) और थिन-फिल्म (हल्का और फ्लेक्सिबल)। घर के लिए मोनोक्रिस्टलाइन अक्सर बेस्ट चॉइस होते हैं क्योंकि जगह सीमित रहती है।
1) विंडो की दिशा और छत की शेडिंग चेक करें — सुबह-शाम में छाया होने पर उत्पादन कम होगा।
2) पैनल की एफिशिएंसी और वारंटी देखें — कम से कम 25 साल की पैनल वारंटी और 5-10 साल की इन्वर्टर वारंटी अच्छा संकेत है।
3) सर्टिफ़िकेशन और ब्रांड वैरीफाई करें — BIS, IEC जैसे सर्टिफिकेट और लोकप्रिय सत्यापित ब्रांड सुरक्षा देते हैं।
4) इंस्टालर से 3-4 कोटेशन लें — कीमत के साथ-साथ मॉड्यूल, इन्वर्टर ब्रांड, मेनटेनेंस और इंस्टालेशन टाइमलाइन जांचें।
5) सरकारी स्कीम और सब्सिडी की जानकारी लें — आपके राज्य या स्थानीय डिस्कॉम के तहत नेट-मीटरिंग, सब्सिडी या आसान फाइनेंसिंग मिल सकती है।
इंवर्टर और बैटरी का चुनाव आपके बिजली उपयोग और बजट पर निर्भर करता है। अगर कट-ऑफ ज़्यादा आते हैं तो बैटरी जोड़ना समझदारी होगी, वरना ग्रिड-टाइप सस्ता और कम रख-रखाव वाला रहता है।
इंस्टालेशन के समय छत की मजबूती, पैनल के माउंटिंग एंगल और सुरक्षात्मक ग्राउनिंग की जांच ज़रूरी है। अनुभवी इंस्टॉलर से ही काम कराएं और स्थानीय बिजली नियमों के अनुसार कनेक्शन लें।
रख-रखाव सरल है — पैनल को हर 3-6 महीने में साफ करें, पक्षियों के घेरे और पत्तों की सफाई रखें। गहरे धूप में पानी से साफ करना आम तौर पर ठीक रहता है पर सुबह-सुबह या शाम को करें। इन्वर्टर के लॉग्र और वार्निंग लाइट्स पर नज़र रखें, समस्या दिखे तो सर्विस बुलाएँ।
अंत में, लागत और बचत का हिसाब लगाना जरूरी है। इंस्टॉलर से सालाना उत्पादन (kWh), विद्युत दर और पेबैक पीरियड का अनुमान लें। यह जानकर आप तय कर पाएँगे कि निवेश आपके लिए सही है या नहीं।
चाहे आप पहली बार सोलर देख रहे हों या अपग्रेड करना चाहते हों, स्थानीय विक्रेता से ऊर्जा ऑडिट कराएँ और कम से कम तीन कोटेशन की तुलना के बाद निर्णय लें। छोटा सा कदम अभी आपकी बिजली लागत में बड़ी बचत ला सकता है।
भारत की सबसे बड़ी सोलर पैनल निर्माता कंपनी Waaree Energies ने अपना IPO खोला है, जिसका मूल्य बैंड 1,427 से 1,503 रुपये प्रति शेयर है। कंपनी के पास घरेलू और विदेशी ऑर्डर्स की बड़ी बुक है, लेकिन उसका व्यापार जोखिम निर्यात निर्भरता के कारण है। इसलिए वह अपनी उत्पादन निर्भरता कम करने के प्रयास में भी जुटी है। वित्त वर्ष 24 के लिए कंपनी ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है।
भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा में शहरी क्षेत्रों में अपार सफलता हासिल करते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे प्रमुख शहरों में बीजेपी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। बीजेपी की यह जीत रणनीतिक संदेश और जातिगत समीकरणों के चलते संभव हुई। भाजपा की 'खर्ची और पर्ची' अभियान ने भी कांग्रेस के खिलाफ काम किया।
भारतीय तट रक्षक के महानिदेशक राकेश पाल का चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 59 वर्ष के थे और चेन्नई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की यात्रा की तैयारियों के समन्वय के लिए गए थे। राजनाथ सिंह और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अस्पताल में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली लाया जा रहा है।
मैनचेस्टर सिटी ने एफए कप के चौथे राउंड में लीटन ओरिएंट के खिलाफ 2-1 से रोमांचक जीत हासिल की। अन्य मुकाबलों में मिलवॉल ने लीड्स को 2-0 से हराया और प्रेस्टन ने पेनल्टी में वायकोम्ब को मात दी। प्रीमियर लीग की टीमों को निम्न डिवीज़न टीमों से चुनौती मिली।
दिल्ली की Bhumika Realty ने वेस्ट इंडीज़ टेस्ट जर्सी को ₹3,000 करोड़ मूल्य के एक‑सीरीज़ प्रायोजन से सजेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा, जिससे ब्रांड दृश्यता बढ़ेगी।
23 जुलाई 2024 को, भारतीय शेयर बाजार में मिश्रित संकेतों के साथ सप्ताह की शुरुआत हुई। एनएसई निफ्टी 50 में 31.05 अंकों या 0.13% की गिरावट आई और यह 24,478.20 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि बीएसई सेंसेक्स 81.16 अंकों या 0.10% की गिरावट के साथ 80,420.92 पर बंद हुआ। निवेशक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संभावित कर स्लैब परिवर्तन, सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस टैक्स पर घोषणाओं की प्रतीक्षा कर रहे थे।