भीड़ में, घर पर या ऑनलाइन — छोटी-छोटी भूलें बड़ी मुश्किल खड़ी कर देती हैं। यहाँ सीधे और काम आने वाले सुरक्षा उपाय मिलेंगे जिन्हें आप आज ही अपना सकते हैं। हर टिप साफ़, व्यावहारिक और तुरंत लागू करने लायक है।
अपने घर की बेसिक चीजें चेक करें: मजबूत ताले, अच्छी लाइटिंग और काम करने वाला डोर-लॉक। रात में गुमनाम रास्तों से बचें और जहाँ शक हो वहां केबिलिटी या CCTV लगवाना फायदेमंद रहता है। मोबाइल पर अपने पास की लोकेशन किसी भरोसेमंद को शेयर करने का आदत डालें—खासकर अकेले यात्रा करते वक्त।
यात्रा के दौरान पासपोर्ट, आधार और बैंक कार्ड की स्कैन कॉपी फोन के सुरक्षित फोल्डर में रखें और मूल दस्तावेज़ अलग सामान में रखें। सार्वजनिक वाई-फाई से बैंकिंग या संवेदनशील काम न करें; अगर करना ही हो तो VPN का इस्तेमाल करें। टैक्सी लेते समय राइड का रजिस्ट्रेशन और ड्राइवर की जानकारी अपने करीबी को भेज दें।
बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की जानकारी पहले से देख लें। अहमदाबाद जगन्नाथ रथ यात्रा जैसी बड़ी भव्याओं में 23,000 पुलिस और AI निगरानी की व्यवस्था रहती है — पर आप भी अपनी जगह रखें: बच्चों को हाथ में रखें, मिलन बिंदु तय करें, और भीड़ में अटकने पर शांत रहें।
भीड़ में बाहर निकलने का आसान रास्ता हमेशा याद रखें। भारी भीड़ वाले क्षेत्र में बैग पीछे रखें और कीमती चीजें शरीर के सामने रखें। अगर कोई हिंसा या धक्का-मुक्की दिखे तो तुरंत निकटतम सुरक्षा कर्मी से संपर्क करें या 112 डायल करें।
इमर्जेंसी किट रखें: एक छोटी डिब्बी में बैंक नोट, मोबाइल चार्जर पावर बैंक, प्राथमिक चिकित्सा आइटम और महत्वपूर्ण फोन नंबर। यह छूटते ही परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए इसे अपनी यात्रा बैग में हमेशा रखें।
ऑनलाइन और परीक्षा सुरक्षा भी उतनी ही ज़रूरी है। NEET 2020 मामले जैसा फ्रॉड दिखाता है कि पहचान और पेपर वेरिफिकेशन में सावधानी कितनी जरूरी है। अपने ई-केवाईसी, पासवर्ड और परीक्षा एडमिट कार्ड की सुरक्षा पर ध्यान दें। किसी भी शख्स को अपना लॉगिन डिटेल न दें और सरकारी पोर्टलों पर ही जानकारी अपडेट करें।
पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें, दो-चरणीय प्रमाणीकरण (2FA) चालू रखें, और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। कंपनियों या एजेंसी की तरफ़ से कोई गैरमामूली अनुरोध आए तो आधिकारिक चैनलों से सत्यापित करें।
अंत में, छोटे नियम बड़ी सुरक्षा बनते हैं: अपने आसपास जागरूक रहें, योजना बनाकर चलें, और अनदेखी संकेतों को न अनदेखा करें। इन सरल सुरक्षा उपायों से आप अपने परिवार और खुद को ज्यादा सुरक्षित रख सकते हैं।
उत्तर भारत में Swine Flu के मामलों में जबर्दस्त उछाल आया है। दिल्ली और राजस्थान समेत कई राज्य बुरी तरह प्रभावित हैं, अब तक 20,414 मामले और 347 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। वैक्सीनेशन, मास्क और समय रहते इलाज को जरूरी बताया जा रहा है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के कारण 20 नवंबर, 2024 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बंद रहे, जिससे 'एनएसई छुट्टियां' गूगल ट्रेंड्स में सबसे ऊपर पहुंच गया। सभी बाजार खंड बंद रहे, जैसे इक्विटी, डेरिवेटिव और एसएलबी। चुनाव 288 सीटों पर एक चरण में हुआ, जबकि 23 नवंबर को परिणाम घोषित होंगे। बाजार 25 दिसंबर को फिर से बंद होंगे।
अहमदाबाद की 148वीं जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 में सुरक्षा के नए आयाम देखने को मिलेंगे। 23,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, NSG कमांडो, AI-आधारित सर्विलांस, और ड्रोन तैनात होंगे। गनशॉट डिटेक्शन और रियल टाइम भीड़ प्रबंधन के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। निजी विशेषज्ञों की मदद से भीड़ नियंत्रण की तैयारियां पूरी की गई हैं।
पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों के महिला 68 किग्रा भारवर्ग में भारत की निशा दहिया को चोट के कारण क्वार्टरफाइनल में कठिन हार का सामना करना पड़ा। शुरुआत में मजबूत प्रदर्शन करने वाली निशा को मैच के दौरान अंगुली में चोट लग गई, जिससे उनकी खेल क्षमता प्रभावित हुई। इस चोट ने उनके ओलंपिक अभियान के सपनों को धक्का दिया।
तेलुगु फिल्म 'सारिपोध्या सनिवारम', जो 29 अगस्त 2024 को रिलीज़ हुई थी, ने अपने अनोखे दृष्टिकोण और अधिकारिकता की जटिलताओं के कारण ध्यान आकर्षित किया है। यह फिल्म, जिसमें नानी, एसजे सूर्याह, और प्रियंका अरुल मोहन मुख्य भूमिकाओं में हैं, बदले, न्याय और नियंत्रित गुस्से के परिणामों की थीम पर गहराई से चर्चा करती है।
बी के बिड़ला ग्रुप की प्रमुख कंपनी केसोराम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की चेयरपर्सन मंजुश्री खेतान का गुरुवार को कोलकाता के उनके आवास पर संक्षिप्त बीमारी के बाद 68 वर्ष की आयु में निधन हो गया। खेतान ने केसोराम और उसकी सहायक कंपनियों को महत्वपूर्ण प्रगति की ओर अग्रसर किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।