यह पेज उन लोगों के लिए है जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के बारे में पढ़ना, समझना या पढ़ाना चाहते हैं। यहाँ आप छोटे-छोटे जीवन परिचय, ऐतिहासिक घटनाओं की टाइमलाइन, और हाल की यादगार खबरें एक जगह पाएंगे। टैग से जुड़े लेख रोज़ाना अपडेट होते हैं, इसलिए नई खोजें और पुरानी कहानियाँ दोनों मिलती रहती हैं।
यहाँ केवल तारीखें और नाम नहीं मिलते। हर आलेख में किसी नेता के संघर्ष, उनके विचार, जेल की यातनाएँ, अहंकार नहीं बल्कि बलिदान की सच्ची कहानी होती है। आप जान पाएंगे कि किसने किस जगह प्रदर्शन किया, किस आंदोलन ने स्थानीय जीवन को कैसे बदला और किन दस्तावेज़ों से ये तथ्य पुष्ट होते हैं। पढ़ने का मकसद याद रखना नहीं, बल्कि समझना होना चाहिए — कैसे छोटी-छोटी घटनाएँ बड़े बदलाव ला सकती हैं।
क्या आप छात्र हैं, शिक्षक या बस इतिहास में रुचि रखते हैं? यह टैग आपको क्लास प्रोजेक्ट, देसी प्रेरणा और संदर्भ सामग्री दोनों देगा। रोजमर्रा की भाषा में लिखे गए लेख पढ़ने में आसान होते हैं और लंबे संसाधनों की तुलना में तेज़ समझ देते हैं।
सबसे पहले किसी एक नेता या घटना का चुनाव करिए। उसके बाद उस पर उपलब्ध तीन तरह के लेख पढ़ें: संक्षिप्त बायोग्राफी, ऐतिहासिक संदर्भ (किस आंदोलन का हिस्सा था) और कोई समकालीन समीक्षा या रिपोर्ट। इससे आपको एक संतुलित नजरिए से जानकारी मिलेगी — तथ्य, संदर्भ और वर्तमान अर्थ।
ऑफलाइन सामग्री भी अहम है: स्मारक, संग्रहालय और सरकारी अभिलेखागार से मिली जानकारी अक्सर ऑनलाइन से ज्यादा भरोसेमंद होती है। जब किसी दावे की पुष्टि करें, तो स्रोत देखें — सरकारी दस्तावेज़, मूल भाषण या समकालीन समाचार रिपोर्ट्स सबसे भरोसेमंद रहेंगे।
अगर आप शिक्षक हैं तो विद्यार्थी से छोटे-छोटे प्रोजेक्ट कराइए: एक स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी की जीवनी, उनकी भूमिका और समाज पर असर। इससे बच्चे केवल नाम नहीं बल्कि कारण और परिणाम समझेंगे।
यह टैग त्योहारों और शहीद दिवसों पर यादों को ताज़ा करने का अच्छा स्रोत भी है। पड़ताल करें कि किन-किन घटनाओं पर विशेष कवरेज आया था और क्यों। ऐसे लेख अक्सर नई जानकारी या कुछ अनसुने पहलू सामने लाते हैं।
आखिर में, इतिहास से सीखें पर अटके नहीं रहें। स्वतंत्रता सेनानी की कहानियाँ रोज़मर्रा की चुनौतियों से जुड़ी प्रेरणा देती हैं। यहाँ पढ़कर आप न सिर्फ़ जानकारी इकट्ठा करेंगे बल्कि बदलाव के छोटे-छोटे रास्ते भी पहचान पाएंगे।
भारत 26 जनवरी 2025 को अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, जो संविधान की स्वीकृति का प्रतीक है। यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों की कुर्बानियों को याद कर देश की लोकतांत्रिक यात्रा का जश्न मनाने का है। गणतंत्र दिवस भारतीय संस्कृति, विविधता, और संविधान के मूल्यों की महिमा का उत्सव है।
जून‑जुलाई 2025 में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड में पहली बार T20I सीरीज 3‑2 से जीती। स्मृति मंदाना की शतक, अमनजोत कौर‑जेमिमा रोड्रिगेज की रफ़्तार और कप्तान हरमनप्रीत कौर के ODI शतक ने इस जीत को यादगार बनाया। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए विदेशी जमीन पर नया मुकाम साबित हुई।
अक्षय कुमार की नई फिल्म 'सर्फिरा', जो कि तमिल हिट 'सूरराई पोटरु' का हिंदी रीमेक है, ने अपने पहले दिन भारत में लगभग 2.40 करोड़ रुपये की कमाई की है। फिल्म में कैप्टन गोपीनाथ की प्रेरक कहानी दिखाई गई है। फिल्म की कमाई पर 'इंडियन 2' के साथ प्रतिस्पर्धा का भी असर पड़ा।
तेलंगाना राज्य इंजीनियरिंग, कृषि और फार्मेसी सामान्य प्रवेश परीक्षा (TS EAPCET) 2024 के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री बी. वेंकटेशम और तेलंगाना राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष आर. लिंबाद्री ने संयुक्त रूप से परिणाम जारी किए। कृषि और फार्मेसी धाराओं के लिए उत्तीर्ण प्रतिशत 89.66% रहा, जिसमें लड़कियों ने 90.18% और लड़कों ने 88.25% हासिल किया।
Agnikul Cosmos के CEO श्रीनाथ रविचंद्रन ने हालिया लॉन्च में दो महिला नेताओं के महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया। कंपनी अपने पहले ऑर्बिटल लॉन्च की तैयारी कर रही है, जो आगामी नौ से दस महीनों में होने की उम्मीद है। कंपनी ने पहले ही विभिन्न तकनीकों को मान्य किया है और लगभग 12-13 ग्राहकों के साथ उन्नत चरण में बातचीत कर रही है।
भारत के राष्ट्रपति ने कई राज्यों के लिए नए राज्यपालों की नियुक्ति की है। इसमें पूर्व रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान को झारखण्ड का राज्यपाल, तमिलिसाई सौंदरराजन को तेलंगाना का राज्यपाल, रमेश बैस को झारखण्ड का राज्यपाल और फागू चौहान को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियां संबंधित राज्यों में शासन और प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए की गई हैं।