भारी बारिश अचानक किसी का प्लान बदल सकती है। आप सोच रहे होंगे — क्या बस छाता और रेनकोट काफी है? नहीं। बारिश में सुरक्षित रहने के लिए छोटे, सटीक कदम ही फर्क डालते हैं। नीचे सीधे, काम आने वाले और आसान नियम दिए गए हैं जिन्हें आप अभी अपनाकर जोखिम कम कर सकते हैं।
सबसे पहले, अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें। अगर बाढ़ का अलर्ट है तो निचले हिस्सों से ऊपर जाएँ। बिजली कट सकती है—मोबाइल चार्ज रखें और जरूरी दवाइयाँ साथ रखें।
कहाड़ों और निचले इलाकों में गाड़ी न चलाएँ। पेड़ों या तारे गिरने का खतरा हो सकता है, इसलिए बिजली लाइनों से दूर रहें। अगर पानी घर में घुस रहा है, तो जरूरी सामान ऊँची जगह पर रखें और जलनिकासी के रास्ते खोलें।
पानी में न चलें—यहाँ छुपे ओपन मैनहोल, तेज धाराएँ और संदूषित पानी से संक्रमण का खतरा रहता है। बच्चों और बुज़ुर्गों को सुरक्षित जगह पर रखें और जरूरत पड़ने पर स्थानीय आपदा प्रबंधन की मदद लें।
भारी मौसम की भविष्यवाणी मिलते ही एक छोटा आपातकालीन किट बना लें: पानी, सूखे खाने के पैकेट, फ़्लैशलाइट, पावर बैंक, प्राथमिक चिकित्सा किट और जरूरी दस्तावेज़ (स्कैन या फोटोकॉपी)।
घर की तैयारी में छतों और नालियों की सफाई जरूरी है—रूका गंदा पानी नुकसान बढ़ाता है। कमजोर दीवार, छत या लोअर फ्लोर वाले सामान को ऊपर स्थानांतरित करें। अगर आप मकान मालिक हैं तो ड्रेनेज और गटर की मरम्मत समय पर करवा लें।
बारिश के बाद पानी जमा होने से बीमारियाँ फैल सकती हैं—साफ़ पानी पिएं और खुले पानी से परहेज़ करें। खाने-पीने की चीजें बंद रखें और सब्ज़ियों/फल को अच्छी तरह धोएं। कट या घाव होने पर तुरंत सैनिटाइज़ करें।
किसी भी नुकसान या गंभीर स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन कार्यालय से संपर्क करें। मोबाइल पर IMD और स्थानीय मौसम सेवाओं को फॉलो करें ताकि ताज़ा अलर्ट मिलते रहें।
क्या आपके पास समय है? बारिश से पहले फ़ोटो लें—यदि बाद में बीमा क्लेम करना पड़े तो यह काम आएगा। गाड़ियाँ ऊँची जगह पर रखें और ईंधन टैंक भरवाना सुनिश्चित करें, ताकि बिजली कटने पर भी आप ज़रूरी काम कर सकें।
समय-समय पर अपने पड़ोसियों से संपर्क रखें। अक्सर सबसे तेज़ मदद पास के लोग ही दे पाते हैं। बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए विशेष ध्यान रखें—उन्हें गर्म, सूखा और सुरक्षित जगह दें।
भारी बारिश को नियंत्रित नहीं किया जा सकता, पर तैयारी और सही फैसले नुकसान काफी कम कर देते हैं। छोटे-छोटे कदम आजमाइए—नकली अफ़वाहों पर भरोसा न करें, आधिकारिक अलर्ट पर ही आगे की योजना बनाइए और सुरक्षित रहिए।
केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है, जिससे प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है। इस घटना के कारण कोझिकोड- बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हैं। निवासी को घर में रहने की सलाह दी गई है। अगले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना है।
पुणे में भारी बारिश के कारण कम से कम 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। अब तक चार लोगों की बारिश से संबंधित घटनाओं में मौत हो चुकी है। कई इलाकों में जलभराव हो गया है और सात राज्य राजमार्गों को बंद कर दिया गया है। शाम को स्कूल बंद करने पर निर्णय लिया जाएगा।
फीफा विश्व कप 2026 क्वालिफायर में भारत का सफर विवादास्पद निर्णयों के बाद कतर के खिलाफ 2-1 की हार के साथ समाप्त हुआ। कई महत्वपूर्ण पलों के बावजूद भारतीय टीम जीत दर्ज नहीं कर पाई। लल्लिज़ुआला छांगटे ने 37वें मिनट में पहला गोल किया, लेकिन विवादास्पद गोलों के कारण कतर ने मैच को अपने नाम कर लिया।
Oppo F29 5G और F29 Pro 5G भारत में लॉन्च हुए हैं, जिसमें मजबूत डिजाइन, 120Hz AMOLED डिस्प्ले, 6000mAh बैटरी और दमदार कैमरा फीचर्स मिलते हैं। F29 Pro 5G IP69 रेटिंग के साथ आता है और इसमें MediaTek Dimensity 7300 एनर्जी चिपसेट एवं ColorOS 15 शामिल है। दोनों मॉडल्स की कीमतें ₹25,999 से शुरू होती हैं।
U19 एशिया कप 2024 के रोमांचक उद्घाटन मुकाबले में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ 44 रनों से हार का सामना करना पड़ा। शाहज़ैब खान के शानदार 159 रनों ने पाकिस्तान को बुलंदियों पर पहुंचाया जबकि भारत के निखिल कुमार ने 67 रन बनाए। इतिहास में सबसे सफल टीमों में शुमार भारतीय टीम के लिए यह हार एक बड़़ा झटका साबित हुई। यह टूर्नामेंट युवा क्रिकेटरों के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का मंच है।
अप्रैल 2025 के अंतिम सप्ताह में भारत में कई बड़े स्मार्टफोन ब्रांड्स अपने नए फोन लॉन्च करने जा रहे हैं। इनमें बजट से लेकर प्रीमियम फ्लैगशिप तक अलग-अलग ऑप्शन शामिल हैं। इन फोन्स में लेटेस्ट प्रोसेसर, दमदार कैमरा और शानदार डिस्प्ले फीचर्स देखने को मिलेंगे।
भारत के अद्वितीय फुटबॉलर सनिल छेत्री ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का समापन कुवैत के खिलाफ 0-0 ड्रॉ के साथ किया। 151वें और आखिरी मुकाबले में छेत्री ने कई मौकों पर गोल करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उनकी करियर की यही मील का पत्थर उनकी प्रेरणादायक यात्रा की याद दिलाता है।