नतीजे आने पर दिल धड़कना आम बात है। पहले जान लीजिए कि रिजल्ट चेक करना कितना आसान है अगर आप कुछ बेसिक चीजें हाथ में रखें। रोल नंबर, नाम और जन्मतिथि चाहिए होंगे। साथ में अपना स्कॉलरशिप/कॉलेज कोड या स्कूल का सेल्फ कोड भी काम आ सकता है।
सबसे तेज तरीका आधिकारिक बोर्ड वेबसाइट है — CBSE, BSEB, UPMSP, या आपके राज्य बोर्ड की आधिकारिक साइट। साइट पर "Results" सेक्शन खोजें, रोल नंबर और जन्मतिथि डालें और सबमिट करें। कुछ बोर्ड SMS सेवा देते हैं: बोर्ड के आधिकारिक नंबर पर "RESULT
डिजिटल विकल्प: कई बोर्ड DigiLocker या UMANG जैसी सरकारी ऐप्स पर भी मार्कशीट मैनेज करते हैं। अगर बोर्ड पेज धीमा है तो मोबाइल ब्राउज़र का "डेटा सेविंग" बंद कर लें या ऑफ-पीक समय में यानी सुबह जल्दी या रात को चेक करें।
ध्यान रखें — गैर-आधिकारिक साइट और पेड सेवाओं से सावधान रहें। हमेशा URL में HTTPS और बोर्ड का डोमेन चेक करें। रिजल्ट डाउनलोड करके उसका प्रिंट तथा स्क्रीनशॉट रखें। स्कूल द्वारा जारी आधिकारिक मार्कशीट मिलने तक डिजिटल कॉपी काम आ सकती है।
रि-इवैल्यूएशन: अधिकतर बोर्ड रि-चेक या रि-इवैल्यूएशन की सुविधा देते हैं। इसकी आखिरी तारीख, फीस और आवेदन प्रक्रिया बोर्ड की नोटिस में दी होती है। अक्सर आपको आवेदन फॉर्म ऑनलाइन भरना और फीस जमा करनी होती है। रि-इवैल्यूएशन में अंक बढ़ने का या घटने का दोनों संभावित परिणाम होता है, इसलिए समझकर आवेदन करें।
कॉपी री-टोटलिंग: कुछ छात्र केवल अंक जोड़ने में गलती होने पर री-टोटलिंग का ऑप्शन चुनते हैं। यह सस्ता और जल्दी प्रोसेस होने वाला ऑप्शन होता है।
कम्पार्टमेंट/रिइयर: अगर कोई विषय फेल है तो कम्पार्टमेंट (सप्लीमेंट्री) परीक्षा दे सकते हैं। नियम बोर्ड अनुसार अलग होते हैं — कितनी बार दी जा सकती है और कब होगी, ये बोर्ड नोटिफाई करते हैं। कम्पार्टमेंट की तैयारी के लिए पिछले पेपर और बोर्ड सिलेबस पर फोकस रखें।
अगला कदम: पास होने पर — मार्कशीट की कॉपियाँ बनवाएं, स्कूल/कॉलेज में दाखिला के लिए ऑफिशियल डॉक्यूमेंट संभाल कर रखें। यदि आपने हाई स्कूल/इंटर के बाद कॉलेज जाना है तो प्रवेश प्रक्रिया और कटऑफ की जानकारी समय पर चेक करें। स्कॉलरशिप के लिए योग्यता और आखिरी तारीख देख लें।
समस्या आने पर क्या करें: वेबसाइट डाउन हो तो स्कूल से संपर्क करें। यदि आधिकारिक मार्कशीट में गलती हो तो बोर्ड हेल्पलाइन या अपने स्कूल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। हेल्पलाइन नंबर और इमेल बोर्ड की वेबसाइट पर मिल जाएंगे।
रिजल्ट के बाद घबरा नहीं जाना चाहिए — सही जानकारी, त्वरित कार्रवाई और योजना बनाने से अगला कदम आसान हो जाता है। अगर आप चाहें तो हम आपको रिजल्ट चेक के आसान स्टेप्स या रि-इवैल्यूएशन फॉर्म भरने में स्टेप-बाय-स्टेप मदद भी दे सकते हैं।
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) ने 2023-24 शैक्षणिक वर्ष के लिए दसवीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। 14 लाख से अधिक छात्र जो परीक्षा में शामिल हुए थे, आज, 27 मई, 2024 को, दोपहर 1 बजे से maharesult.nic.in पर अपने नतीजे देख सकते हैं। डिजिटल मार्कशीट्स DigiLocker पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होंगी। असंतुष्ट छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
अफगान क्रिकेटर गुलबदीन नाइब ने टी20 विश्व कप के एक महत्वपूर्ण मैच में बांग्लादेश के खिलाफ चोट का नाटक किया। इस घटना पर भारतीय क्रिकेटर र अश्विन ने मजाकिया तरीके से 'रेड कार्ड' की मांग की। नाइब ने 'कभी खुशी कभी गम' के प्रसिद्ध संवाद से जवाब दिया। यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
जेम्स एंडरसन ने अपने अंतिम टेस्ट मैच पर विचार करते हुए एक कैच छूटने पर निराशा जाहिर की, जिससे उन्हें 705 विकेट्स की बजाय 704 ही मिल सके। मैच के बाद के एक इंटरव्यू में, एंडरसन ने अपनी उपलब्धियों पर गर्व महसूस किया और भीड़ की प्रतिक्रिया से अभिभूत हुए। उन्होंने अपनी यात्रा की सराहना की और खेल के दोस्तियों की विशेषता को स्वीकार किया।
आईपीएल 2024 के क्वालिफायर 2 मैच में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगे। चेन्नई की पिच पर खेला जाने वाला यह मुकाबला गेंदबाजों, खासकर स्पिनरों के लिए अनुकूल है। मौसम अनुकूल रहेगा, और यह मैच SRH के आक्रामक बल्लेबाजी क्रम और RR की मजबूत स्पिन आक्रमण के बीच होगा।
केरल उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने मई 28, 2024 को केरल DHSE प्लस वन और VHSE परिणाम जारी किए हैं। छात्र 이제 अपने परिणाम आधिकारिक पोर्टल keralaresults.nic.in पर देख सकते हैं। यह परिणाम विज्ञान, कला, वाणिज्य और व्यावसायिक उच्च माध्यमिक शिक्षा का सम्मिलित परिणाम है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस्लामाबाद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने आपसी सम्मान और संप्रभु समानता के आधार पर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सीमा-पार आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद को व्यापार और जनसंपर्क के लिए तीन बड़ी बाधाएं बताया। इस यात्रा ने लगभग एक दशक बाद भारतीय विदेश मंत्री की पहली पाकिस्तान यात्रा को अंकित किया।