अगर आपने चुनावी खबरों में "डमी कैंडिडेट" का जिक्र सुना है तो आप अकेले नहीं हैं। डमी कैंडिडेट अक्सर वह व्यक्ति होता है जिसे किसी असल उम्मीदवार के खिलाफ वोट बटोरने, मतदाता को भ्रमित करने या चुनावी रणनीति के हिस्से के रूप में मैदान में उतारा जाता है। यह खबरों में इसलिए आता है क्योंकि इससे वोट शेयर, परिणाम और चुनावी चर्चा प्रभावित होती है।
अक्सर देखा जाता है कि डमी कैंडिडेट का नाम या छवि असल उम्मीदवार के समान ही होता है। कभी-कभी उनका अभ्यर्थी नाम बहुत मिलता-जुलता होता है, तो कभी उन्हें सिर्फ इसलिए मैदान में उतारा जाता है ताकि किसी खास उम्मीदवार का वोट कम हो जाए। इससे सीटों का गणित बदल सकता है, खासकर जहां मुकाबला करीबी हो।
इसी वजह से मीडिया, विपक्ष और चुनाव आयोग की निगरानी तेज़ हो जाती है। अगर कोई उम्मीदवार समय पर नाम वापस लेता है या दस्तावेज़ों में अनियमितता मिलती है, तो खबर बन जाती है और जांच-छानबीन शुरू हो जाती है।
अगर आपको शक हो कि कोई डमी कैंडिडेट है तो कुछ आसान तरीके अपनाकर सच्चाई पता कर सकते हैं। सबसे पहले आधिकारिक उम्मीदवार सूचियाँ देखें — चुनाव आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर नाम, पत्ता और हलफ़नामा (affidavit) मौजूद रहते हैं।
दूसरा, उम्मीदवार का हल्फनामा पढ़ें। वहां शिक्षा, संपत्ति और आपराधिक मामलों की जानकारी मिलती है। अगर कोई नया नाम अचानक आ गया है या जानकारी अस्पष्ट है तो शक होना स्वाभाविक है।
तीसरा, स्थानीय पार्टी कार्यालय या प्रत्याशी के आधिकारिक संचार को चेक करें। फर्जी या नकल के पोस्टर/फ्लायर के फोटो मीडिया में अक्सर दिखते हैं — उन्हें देखकर तुरंत पुष्टि कर लें।
अगर आप वोटर हैं तो ऐसे मामलों में शांत रहें और सही जानकारी के लिए आधिकारिक सूचनाओं का इंतज़ार करें। पत्रकारों और रिपोर्टरों के लिए सुझाया गया तरीका है: कागजात की कॉपी लें, चुनाव आयोग के डेटा से मिलान करें और उम्मीदवार से सीधी बात करें — फोन या व्यक्तिगत साक्षात्कार से जानकारी पकड़ी जा सकती है।
कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण है। उम्मीदवारों का पंजीकरण, हल्फनामा और नाम वापसी प्रक्रियाएँ कानून के तहत होती हैं। किसी के द्वारा जानबूझकर मतदाताओं को भ्रमित करने पर कानूनी कार्यवाही संभव है, और चुनाव आयोग आवश्यक कदम उठा सकता है।
समाचार कवर करते समय स्पष्ट, पुष्ट सूचना देकर ही रिपोर्ट करें। अफवाहें फैलाने से बचें। डमी कैंडिडेट की कहानियाँ अक्सर चुनी हुई रणनीति, प्रशासनिक चूक या चेतावनी के संकेत होती हैं — इन्हें समझना चाहिये, न कि बस sensational बनाना।
आखिर में, जिम्मेदार मतदान और सूचित रिपोर्टिंग ही ऐसे मामलों को रोकने में मदद कर सकती है। चुनाव आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखें और अगर कुछ संदिग्ध लगे तो लोकल अधिकारियों या आयोग को सूचित करें।
AIIMS जोधपुर के छात्र सचिन गोरा ने 2020 NEET-UG परीक्षा में डमी कैंडिडेट की मदद से 60 लाख की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने सचिन, डॉ. अजीत गोरा और डॉ. सुभाष सैनी को गिरफ्तार किया है। जांच में नियमों की गंभीर खामियां उजागर हो रही हैं।
आरबीआई के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूसरा प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। यह नई भूमिका उन्हें प्रमोद कुमार मिश्रा के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में सौपी गई है, जो मौजूदा प्रधान सचिव हैं। दास की नियुक्ति आर्थिक नीतियों और महामारी प्रबंधन में उनके अनुभव को देखते हुए की गई है।
रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दुसरे दिन पाकिस्तान ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए, सईम अयूब और सऊद शकील की अर्धशतकीय पारीयों के कारण अपनी स्थिति को मजबूत किया। दूसरी ओर, बांग्लादेश शुरुआती फायदा लेने के बाद पकड़ नहीं बना सका।
अफगानिस्तान के स्टार ऑल-राउंडर मोहम्मद नबी ने 2025 में पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। 39 वर्षीय नबी ने 2009 में अपना पदार्पण किया था और उन्होंने 165 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 3549 रन बनाए और 171 विकेट लिए। नबी टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके हैं और आगे भी T20 क्रिकेट खेलते रहेंगे।
भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने चेन्नई में बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 400 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेकर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। वह कपिल देव और मोहम्मद शमी के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे सबसे तेज भारतीय गेंदबाज हैं। बुमराह ने 227 पारियों में यह मुकाम हासिल किया।
सितंबर 2025 में Xiaomi ने 17 Pro और 17 Pro Max को डुअल‑डिस्प्ले और Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट के साथ पेश किया। दोनों फ़्लैगशिप 16 GB रैम, लेइका कैमरा साझेदारी और हल्के बॉडी के साथ आते हैं। 7 000 mAh से 7 500 mAh तक की बैटरी आयु iPhone 17 Pro Max को मात देने का दावा करती है। ये मॉडल एन्ड्राइड बाजार में एप्पल के फ़्लैगशिप को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।