क्या आप देवशयनी एकादशी के बारे में सरल और व्यावहारिक जानकारी ढूँढ रहे हैं? यह व्रत आशाढ़ शुक्ल एकादशी को आता है और हिंदू कैलेंडर में खास महत्व रखता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु के 'योग निद्रा' में जाने का स्मरण करते हैं और इसमें चातुर्मास (चार माह) की शुरुआत मानी जाती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर में यह जून-जुलाई के बीच पड़ता है, पर सही तिथि हर साल बदलती है—इसलिए पंडित या पंचांग देख लेना बेहतर है।
देवशयनी एकादशी को हरि शयनी या शयन एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु शेषनाग पर विश्राम करते हैं और संसार के कर्मों पर निद्रा करते हैं। यही वजह है कि चातुर्मास की अवधि शुरू होती है—इस दौरान कई धार्मिक कार्य, तप, और सत्संग पर ज़ोर दिया जाता है। लोग इस दिन व्रत रखकर, दान देकर और भजन-कीर्तन करके पुण्य कमाते हैं। पारंपरिक रूप से विवाह जैसे उत्सव चातुर्मास के भीतर नहीं किए जाते, इसलिए यह समय धार्मिक अनुशासन का माना जाता है।
व्रत रखने के कई तरीके हैं। आप पूरा निर्जल व्रत रख सकते हैं, या फल-जल और हल्का उपवास रख सकते हैं। नए व्रतियों के लिए आसान तरीका यह है कि सुबह से दिनभर हल्का आहार लें और एक बार शाम को विष्णु का संक्षिप्त पूजा-संस्कार कर लें। यहाँ कुछ प्रैक्टिकल टिप्स हैं:
ध्यान रखें कि गर्भवती, बुजुर्ग या स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोग डॉक्टर की सलाह के बिना कड़ा उपवास न रखें। ऐसे लोग आंशिक व्रत या दान-दान कर पुण्य ग्रहण कर सकते हैं।
अगर आप पहली बार व्रत कर रहे हैं तो घर के बुजुर्ग या पंडित से विधि पूछ लें—छोटे-मोटे नियम जैसे नहाना, सविशेष पूजा समय और द्वादशी पर प्रसाद का वितरण अलग हो सकता है। देवशयनी एकादशी सिर्फ व्रत का दिन नहीं, बल्कि चार महीने के आध्यात्मिक अनुशासन की शुरुआत है—थोड़ा ध्यान, दया और साधना इस समय जीवन में स्थिरता लाती है।
आखिर में, व्रत का उद्देश्य केवल भूखा रहना नहीं बल्कि मन को शुद्ध करना और अच्छे कर्मों पर टिके रहना है। इसलिए इस दिन अच्छे विचार, परोपकार और नियमित पूजा पर ज़ोर दें—यह छोटे-छोटे कदम आपको व्रत का असली फल दिलाएंगे।
देवशयनी एकादशी, जिसे आषाढ़ी एकादशी भी कहते हैं, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2024 में यह त्यौहार 17 जुलाई को पड़ रहा है। इस दिन भगवान विष्णु चातुर्मास के लिए निद्रा में जाते हैं, और धर्मग्रंथों के अनुसार यह व्रत सभी कष्टों को मिटाने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
श्रीलंका और भारत के बीच तीसरे वनडे मैच का पूरा पूर्वावलोकन। यह मैच श्रृंखला में मोड़ ला सकता है क्योंकि दोनों टीमें जीत की उम्मीद में मैदान पर उतरेंगी। श्रीलंका के लिए यह मैच बहुत महत्वपूर्ण है, जबकि भारत अपनी लगातार जीत की लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनी रिलायंस जियो 2025 में सार्वजनिक होने की तैयारी कर रही है, जबकि खुदरा क्षेत्र उसके बाद ऑर्गेनाईजेशनल प्राथमिकताओं के चलते लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ने अब तक $25 बिलियन की पूंजी जुटाई है, जिससे इसकी मूल्यांकन $100 बिलियन के पार हो गई है।
रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दुसरे दिन पाकिस्तान ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए, सईम अयूब और सऊद शकील की अर्धशतकीय पारीयों के कारण अपनी स्थिति को मजबूत किया। दूसरी ओर, बांग्लादेश शुरुआती फायदा लेने के बाद पकड़ नहीं बना सका।
मारुति सुजुकी के शेयरों में 5% से अधिक की गिरावट आई है, क्यू2 के दौरान 17% तक मुनाफा गिरा है। कंपनी के स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ में कमी के कारण यह गिरावट हुई है। राजस्व में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन बाजार की अपेक्षाएं इससे अधिक थीं। इस अवधि में डेफर्ड टैक्स व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
रिलायंस जियो ने अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान्स के दाम बढ़ा दिए हैं, जो 3 जुलाई 2024 से लागू होंगे। नए टैरिफ में मासिक, दैनिक और वार्षिक सभी प्रकार के प्लान्स शामिल हैं। टैरिफ हाइक की वजह से प्लान्स की कीमतों में ₹34 से लेकर ₹600 तक की वृद्धि हुई है। साथ ही, जियो ने दो नए एप्लीकेशन भी लॉन्च किए हैं।