जब हम डिफेमेशन मुकदमा, किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाले झूठे बयान के खिलाफ दायर किया गया कानूनी पहलू है. इसे अक्सर मानहानि मुकदमा भी कहा जाता है। भारत में यह मुकदमा मीडिया, समाचार, समाचार पत्र, टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से सम्बंधित संस्थाएँ के प्रकाशित सामग्री से जुड़ता है, इसलिए यह डिफेमेशन मुकदमा का एक मुख्य संदर्भ बन जाता है।
डिफेमेशन मुकदमे के दो प्रमुख रूप होते हैं – सिविल केस, जहाँ प्रतिवादी को नुकसान के लिए वित्तीय क्षतिपूर्ति चुकानी पड़ती है और क्रिमिनल डिफेमेशन एक्ट, जहाँ झूठी बात को दंडनीय अपराध माना जाता है. सिविल केस में पीड़ित को मुआवजा और सार्वजनिक माफी मिलती है, जबकि क्रिमिनल केस में जेल या जुर्माना हो सकता है। यही कारण है कि कई बार दावेदार दोनों बेसिक़ों को साथ-साथ चुनते हैं।
सोशल मीडिया, ब्लॉग और ई-कॉमर्स साइटें अब ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, इंटरनेट पर जानकारी प्रकाशित करने वाले सभी माध्यम बन गए हैं। बुकमायशो के CEO की कॉल, कांतारा-1 की रिव्यू, या फिर किसी फुटबॉल खिलाड़ी की बयानबाजी – इन सभी को ऑनलाइन शेयर किया जाता है और अक्सर तुरंत विवाद में बदल जाता है। जब कोई झूठा दावा वायरल हो जाता है, तो साक्ष्य इकट्ठा करना आसान नहीं रहता। इसलिए अदालतें अब डिजिटल लॉग, स्क्रीनशॉट और IP एड्रेस को महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही हैं। यह त्रिपल (डिफेमेशन मुकदमा – ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म – सिविल केस) को मजबूत बनाता है, जिससे न्याय प्रक्रिया तेज़ होती है।
कभी-कभी अवसर की कमी, कभी सूचना का अति प्रयोग, और कभी भावनात्मक प्रतिक्रिया से दावे बनते हैं। उदाहरण के तौर पर, 2025 में एक प्रमुख टिकटिंग प्लेटफ़ॉर्म पर स्कैल्पिंग केस आया, जहाँ कंपनी ने झूठे अफवाहों के कारण ब्रांड इमेज को नुकसान बताया और दायित्व उठाने की मांग की। इसी तरह, खेल जगत में खिलाड़ी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के बाद कई बार डिफेमेशन केस दायर होते हैं। यही कारण है कि हमारे टैग पेज पर आपको विभिन्न क्षेत्रों – मनोरंजन, खेल, तकनीक और व्यापार – से डिफेमेशन मुकदमे की खबरें मिलेंगी।
जब आप इस पृष्ठ को स्क्रॉल करेंगे तो आप देखेंगे कि कैसे अलग‑अलग समाचारों में डिफेमेशन की धारणा घुली है। चाहे वह बुकमायशो जैसा ई‑कॉमर्स विवाद हो, या फिर किसी अभिनेता की फिल्म समीक्षाओं में उलझी बात, हमारे संग्रह में हर केस की मूल कथा, अदालत में प्रस्तुत मुख्य तर्क और संभावित परिणाम स्पष्ट रूप से लिखे हैं। इससे आप न सिर्फ मौजूदा घटनाओं को समझ पाएँगे, बल्कि भविष्य में ऐसे मुद्दों से बचने के लिए भी तैयार रहेंगे। अब नीचे जारी लेखों की सूची में डुबकी लगाएँ और जानें कि डिफेमेशन मुकदमों का वास्तविक परिदृश्य क्या है।
पूर्व NCB अधिकारी Sameer Wankhede ने दिल्ली हाईकोर्ट में Shah Rukh Khan, Gauri Khan, Netflix और अनेक प्रोडक्शन कंपनियों को 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए डिफेमेशन केस दायर किया है। वह कहानी बताता है कि Netflix की वेब‑सीरीज़ ‘The Bastards of Bollywood’ में उसका चित्रण झूठा और बदनाम करने वाला है। केस 2021 के ड्रग बस्ट और 2023 के भ्रष्टाचार मामले के बीच आता है, जिससे फिल्म‑इंडस्ट्री और कानून व्यवस्था के बीच तनाव फिर से उजागर हो रहा है।
WCL 2025 के रोचक मुकाबले में वेस्टइंडीज लेजेंड्स ने साउथ अफ्रीका लेजेंड्स को 8 विकेट से शिकस्त दी। इस जीत के हीरो रहे एविन लुईस, जिन्होंने ताबड़तोड़ छक्कों की बारिश की। टीम में मौजूद बड़े नाम जैसे क्रिस गेल और आंद्रे रसेल फ्लॉप रहे, लेकिन लुईस की पारी ने टीम को जीत दिलाई।
प्रोफेशनल रेसलर जॉन सीना ने 23 से अधिक वर्षों के बाद WWE से संन्यास की घोषणा की है। उन्होंने यह घोषणा टोरंटो, कनाडा में आयोजित मनी इन द बैंक इवेंट में की। 16 बार के वर्ल्ड चैंपियन सीना ने बताया कि रेसलमेनिया 2025 उनकी आखिरी रिंग उपस्थिति होगी। हालांकि, वे जनवरी 2025 में नेटफ्लिक्स पर जाने वाले मंडे नाइट रॉ में भाग लेते रहेंगे।
आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाला गठबंधन निर्णायक जीत की ओर अग्रसर है, जो 175 में से 150 सीटों पर आगे चल रहा है। यह चुनावी सफलता टीडीपी के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को मुख्यमंत्री के रूप में वापसी कराने की उम्मीद है।
केरल उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने मई 28, 2024 को केरल DHSE प्लस वन और VHSE परिणाम जारी किए हैं। छात्र 이제 अपने परिणाम आधिकारिक पोर्टल keralaresults.nic.in पर देख सकते हैं। यह परिणाम विज्ञान, कला, वाणिज्य और व्यावसायिक उच्च माध्यमिक शिक्षा का सम्मिलित परिणाम है।
मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (एमपीएसओएस) ने 'रुक जाना नहीं' योजना के तहत कक्षा 10वीं और 12वीं के पंजीकृत छात्रों के परिणाम घोषित किए हैं। ये परिणाम आधिकारिक वेबसाइट mpsos.nic.in पर उपलब्ध हैं। इस घोषणा के साथ, राज्य सरकार ने शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उन छात्रों को अवसर प्रदान करने की महत्वाकांक्षाओं को ठोस रूप देने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है।