अगर आप अमेरिकी राजनीति में दिलचस्पी रखते हैं तो डोनाल्ड ट्रम्प नाम सुनते ही दिमाग़ में कई बातें आती हैं—रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख, दो बार राष्ट्रपति पद की दौड़ और हमेशा चर्चा में रहने वाले बयानों का खजाना। यहां हम इस टैग पेज पर उनके ताज़ा कदमों, आगामी चुनावी प्लान और सोशल मीडिया पे चल रहे बहसों को सरल भाषा में समझाते हैं।
2025 के राष्ट्रपति चुनाव में फिर से ट्रम्प का नाम सामने आया है। उन्होंने अपने इंट्रूज़र वीडियो में कहा कि "अमेरिका को फिर से महान बनाना" उनका मुख्य मिशन रहेगा। इस बार वे आर्थिक नीति, इमिग्रेशन और टेक उद्योग पर ज्यादा ज़ोर दे रहे हैं। कैंपेन टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर नई रणनीति लागू की—TikTok और Instagram Reels के जरिए युवा वोटर को आकर्षित करने की कोशिश।
ट्रम्प का हर कदम अक्सर कोर्ट में जाता है या मीडिया में बवाल खड़ा करता है। पिछले महीने उनका एक ट्वीट फिर से चुनावी फंडिंग के बारे में सवाल उठाया, जिससे फ़ेडरल इलेक्शन कमीशन ने जांच शुरू कर दी। लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि यह सब राजनीति की सामान्य खेल है और ट्रम्प हमेशा सच्चाई बोलते हैं। दूसरी ओर, कई प्रमुख समाचार एजेंसियों ने बताया कि उनकी नई नीति प्रस्तावों में कुछ आर्थिक जोखिम हो सकते हैं, खासकर छोटे व्यवसायों के लिए.
सार्वजनिक राय भी दो ध्रुवीय पक्षों में बँटी हुई है। एक तरफ जो लोग ट्रम्प को "अमेरिका का सच्चा नेता" मानते हैं, वही दूसरी ओर उन्हें "विवादित व्यक्तित्व" कहकर देख रहे हैं। इस विभाजन को समझना जरूरी है क्योंकि यह ही चुनावी परिणामों पर बड़ा असर डालता है.
ट्रम्प की विदेशी नीति भी अब चर्चा में है—विशेष रूप से चीन और रूस के साथ उनके पिछले बयानों को देखते हुए। उन्होंने कहा कि "अमेरिका को अपने हितों का बचाव करना चाहिए, चाहे दुनिया कुछ भी कहे". इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं, खासकर व्यापार समझौते की बातचीत में.
अगर आप ट्रम्प के अगले कदमों पर नज़र रखना चाहते हैं तो हमारी साइट रोज़ अपडेटेड लेख और विशेषज्ञ विश्लेषण देती है। यहां आप सीधे पढ़ सकते हैं कि कैसे उनके बयानों का असर स्टॉक मार्केट, रोजगार और आम जनता की जीवनशैली पर पड़ रहा है।
अंत में, याद रखिए—राजनीति हमेशा बदलती रहती है और ट्रम्प जैसे बड़े खिलाड़ी कभी भी नई दिशा ले सकते हैं। इसलिए हर खबर को ध्यान से पढ़ें, कई स्रोतों से जानकारी लें और अपना मत बनाएं। हमारे साथ जुड़े रहें, ताकि आप हर अपडेट पहले प्राप्त कर सकें।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में अमेरिकी बाजारों में तीखी उथल-पुथल दिखी। 2 अप्रैल 2025 को व्यापक टैरिफ घोषणाओं से S&P 500 दो सत्रों में 10% से ज्यादा गिरा और करीब 7 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू उड़ गई। 9 अप्रैल को टैरिफ रोकने के संकेत के बाद जोरदार रैली आई और जून में रिकॉर्ड हाई बने। अगस्त तक S&P 500 साल-दर-साल 8.4% ऊपर रहा।
प्रिया सरोज की रिंकू सिंह से सगाई की अफवाहों ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, उनके पिता तुफानी सरोज ने यह स्पष्ट किया है कि इनके बीच बातों का सिलसिला चल रहा है लेकिन कोई सगाई नहीं हुई है। प्रिया उत्तर प्रदेश के मछलीशहर क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं और एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आती हैं।
भारत और कुवैत के बीच फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर मैच पर केंद्रित यह लेख बताता है कैसे भारतीय फुटबॉल टीम ऐतिहासिक तीसरे राउंड में पहुंच सकती है। यह मैच भारतीय कप्तान सुनील छेत्री के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है जो 19 साल की सेवा के बाद संन्यास ले रहे हैं। लेख में छेत्री की विदाई और टीम की संभावनाओं के बारे में चर्चा की गई है।
गुरमीत राम रहीम और चार अन्य आरोपियों को 22 साल पुराने रंजीत सिंह हत्या मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बरी कर दिया है। डेरे प्रमुख राम रहीम वर्तमान में दो महिला अनुयायियों के बलात्कार के मामले में सजा काट रहे हैं। इस फैसले से राम रहीम को बड़ी राहत मिली है। दो और गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं। रंजीत सिंह की हत्या का आरोप डेरे के प्रबंधन से जुड़े एक पत्र को लेकर था।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनावों के दौरान ही राज्य को याद करने का आरोप लगाया है। पटनायक ने कहा कि मोदी के वादे केवल रूखी-सूखी घोषणाएँ हैं।
बी के बिड़ला ग्रुप की प्रमुख कंपनी केसोराम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की चेयरपर्सन मंजुश्री खेतान का गुरुवार को कोलकाता के उनके आवास पर संक्षिप्त बीमारी के बाद 68 वर्ष की आयु में निधन हो गया। खेतान ने केसोराम और उसकी सहायक कंपनियों को महत्वपूर्ण प्रगति की ओर अग्रसर किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।