गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन हमारे संविधान के लागू होने की याद दिलाता है और सरकारी परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम व उल्लास का प्रतीक होता है। अगर आप जश्न में शामिल होने जा रहे हैं या सिर्फ घर से कार्यक्रम देखना चाहते हैं, तो कुछ उपयोगी बातें जान लेना बेहतर रहेगा।
26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था और तभी से यह दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। परेड में सशस्त्र बलों की टुकड़ियाँ, राज्य-वार कलात्मक झाँकियाँ और स्कूलों के छात्र-छात्राएं हिस्सा लेते हैं। हर साल राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं और वीरता वाले नागरिकों को सम्मानित किया जाता है। यह दिन हमें नागरिक दायित्व और देश की विविधता की याद दिलाता है।
यदि आप परेड या सार्वजनिक कार्यक्रम में जा रहे हैं तो पहले से योजना बनाएं। शहरों में सड़कों पर यातायात बंद हो सकते हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का समय बदला जा सकता है। हल्का बैग रखें, जरूरी पहचान पत्र साथ रखें और आयोजकों द्वारा बताए गए सुरक्षा नियमों का पालन करें। बड़े आयोजनों में बैग जांच, प्रवेश सीमा और ड्रोन निगरानी जैसी व्यवस्थाएँ देखने को मिल सकती हैं।
बच्चों को लेकर जा रहे हैं तो उनसे मिलने का पक्का प्लान बनाएं: मिलने की जगह और समय तय कर लें। भीड़-भाड़ में मोबाइल का बैटरी खत्म हो जाना आम समस्या है—पावर बैंक साथ रखें। अगर मौसम ठंडा है तो बच्चे और बड़े दोनों के लिए गर्म कपड़े रखें।
समाचार संग्रह पर हम हर साल गणतंत्र दिवस से जुड़ी लाइव कवरेज और लोकल अपडेट देते हैं—जिनमें परेड का शेड्यूल, रोड क्लोज़र, सुरक्षा बढ़ोतरी और स्कूल-सरकारी कार्यक्रमों की सूचनाएँ शामिल रहती हैं। अगर आपके शहर में विशेष बंदोबस्त किए गए हैं, तो हमारी साइट पर ताज़ा खबरें और तसवीरें मिलेंगी।
क्या आप घर से परेड देखना पसंद करते हैं? टीवी और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग का समय चेक कर लें। कई बार प्रमुख हिस्सों का लाइव कवरेज मिलता है और हमारे रिएल-टाइम अपडेट से आप किसी भी बड़े बदलाव की जानकारी पाकर समय पर तैयारी कर सकते हैं।
अंत में, गणतंत्र दिवस पर शांत और सुरक्षित व्यवहार सबसे जरूरी है। शोर-शराबा कम रखें, आयोजकों के निर्देश मानें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों की मदद लें। अगर आप अपने इलाके की किसी खबर या कार्यक्रम के बारे में जानकारी चाहें तो समाचार संग्रह पर खोजें या लोकल टैग पेज पर सीधे अपडेट देखें।
हमारी सलाह: समय से निकलें, पहचान-पत्र और जरूरी सामग्री साथ रखें, और लोगों के साथ सहयोगी बनें—तभी यह दिन खुशगवार और यादगार बन पाएगा। समाचार संग्रह पर गणतंत्र दिवस की ताज़ा कवरेज के लिए बने रहिए।
भारत 26 जनवरी 2025 को अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, जो संविधान की स्वीकृति का प्रतीक है। यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों की कुर्बानियों को याद कर देश की लोकतांत्रिक यात्रा का जश्न मनाने का है। गणतंत्र दिवस भारतीय संस्कृति, विविधता, और संविधान के मूल्यों की महिमा का उत्सव है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को एक पुरातन चांदी का हाथों से नक्काशी किया हुआ ट्रेन मॉडल उपहार स्वरूप में दिया। यह विचित्र मॉडल 92.5 प्रतिशत चांदी से बना है और भारतीय शिल्पकारों की उत्कृष्ट कला को प्रदर्शित करता है। इसमें 'दिल्ली-डेलावेयर' अंकित है जो भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों का प्रतीक है। यह उपहार मोदी के तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान प्रस्तुत किया गया था।
उत्तर भारत में Swine Flu के मामलों में जबर्दस्त उछाल आया है। दिल्ली और राजस्थान समेत कई राज्य बुरी तरह प्रभावित हैं, अब तक 20,414 मामले और 347 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। वैक्सीनेशन, मास्क और समय रहते इलाज को जरूरी बताया जा रहा है।
सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने शॉर्ट-सेलर हिन्डेनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों को 'निराधार' और 'असत्य' करार दिया है। हिन्डेनबर्ग ने कथित तौर पर दावा किया था कि दोनों ने अडानी समूह को अवैध रूप से निधियों का स्थानांतरण किया। बुच दंपति ने खुलासा किया कि वे अपनी सभी वित्तीय दस्तावेज किसी भी प्राधिकारी को दिखाने के लिए तैयार हैं।
अप्रैल 2025 के अंतिम सप्ताह में भारत में कई बड़े स्मार्टफोन ब्रांड्स अपने नए फोन लॉन्च करने जा रहे हैं। इनमें बजट से लेकर प्रीमियम फ्लैगशिप तक अलग-अलग ऑप्शन शामिल हैं। इन फोन्स में लेटेस्ट प्रोसेसर, दमदार कैमरा और शानदार डिस्प्ले फीचर्स देखने को मिलेंगे।
रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियाँ (एनटीपीसी) भर्ती के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट, rrbapply.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर 2024 है। यह भर्ती अभियान एनटीपीसी श्रेणी के तहत 8,000 से अधिक रिक्तियों को भरने का उद्देश्य रखता है।