जब हम Google Doodle, Google द्वारा विशेष अवसरों को दर्शाने के लिए होमपेज पर दिखाया जाने वाला कलात्मक लोगो. Also known as Doodle की बात करते हैं, तो यह सिर्फ एक चित्र नहीं, एक कहानी है। ये छोटे-छोटे एनीमेशन हमें इतिहास, वैज्ञानिक खोज, कला या सामाजिक मुद्दों से जोड़ते हैं। यही वजह है कि हर साल नई‑नई थीम देख कर हम सब उत्सुक रह जाते हैं।
इसको समझने में मददगार दो और एंटिटी हैं – Google, वर्ल्ड‑वाइड सर्च इंजन और टेक कंपनी और स्मृति दिवस, ऐसे विशेष दिन जिनका जश्न Doodle में मनाया जाता है। Google Doodle इन दो एंटिटी को मिलाकर हर खास दिन को डिजिटल रूप से सजाता है।
Google Doodle का पहला संस्करण 1998 में डैन वाइल्ड और लिंडा जॉन्सन ने बनाया था, जब Google का लोगो सिर्फ सादे अक्षर थे। तब से लेकर अब तक, Doodle ने 4500 से ऊपर थीम को कवर किया है – चाहे वह थिची स्मृति दिवस हो या अंतरिक्ष मिशन का जश्न। हर Doodle को बनाने में ग्राफिक डिजाइन, एनीमेशन और कभी‑कभी कोडिंग की जरूरत होती है, इसलिए इसे तैयार करने के लिये डिज़ाइन स्किल और तकनीकी समझ दोनों जरूरी होते हैं।
1. थीम चयन – Google टीम विश्व भर के इवेंट, जन्मदिन या उत्सव से प्रेरित थीम चुनती है। उदाहरण के लिए, 2025 में "महिला शक्ति" थीम पर Doodle आया, जो अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को उजागर करता था। 2. इंटरैक्टिविटी – कई Doodles अब प्लेएबल गेम या क्विज़ होते हैं, जिससे यूज़र न केवल देखता है बल्कि खेलता भी है। 3. तकनीकी इंटेग्रेशन – AR (ऑगमेंटेड रियालिटी) और AI का प्रयोग अब Doodle में बढ़ रहा है, जिससे अनुभव और इमर्सिव बनता है।
इन त्रिप्ल्स को देखें: "Google Doodle दुनिया भर में खास दिन को याद दिलाता है", "Google Doodle बनाने के लिये ग्राफिक और कोडिंग दोनों चाहिए", "भविष्य के Doodle में AR तकनीक का उपयोग हो सकता है"। ये वाक्य हमारे मुख्य एंटिटी को अन्य एंटिटी से जोड़ते हैं, जिससे समझ आसान हो जाती है।
जब हम बात करते हैं ऑनलाइन इवेंट, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर आयोजित किसी भी प्रकार का आयोजन की, तो Google Doodle इस श्रेणी में सबसे पहचान वाला उदाहरण है। यह न केवल सूचना देता है बल्कि यूज़र को भागीदारी का मौका भी देता है। चाहे वह 2024 का "कोविड वैक्सीन" Doodle हो या 2025 का "सतत ऊर्जा" थीम, सभी एक ही लक्ष्य रखते हैं – जागरूकता बढ़ाना।
यह पेज नीचे विभिन्न लेखों की सूची देता है जहाँ आप पढ़ेंगे कि कैसे Doodle बनते हैं, कौन‑से टूल इस्तेमाल होते हैं, और किन‑किन घटनाओं को Doodle ने यादगार बनाया। यदि आप नई थीम की झलक देखना चाहते हैं या खुद Doodle बनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह संग्रह आपके लिए काम आएगा। आगे की सामग्री में आपको विस्तृत विश्लेषण, डिज़ाइन टिप्स और केस स्टडी मिलेंगे, जो आपके ज्ञान को गहरा करेंगे।
Google ने K.D. Jadhाव की जन्म तिथि पर विशेष डूडल जारी कर भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदकधारक को सम्मानित किया। 1952 के हेलेन्सिंकी खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले जाधव ने स्वतंत्रता के बाद भारतीय खेलों को नई दिशा दी। डूडल के जरिए उनकी कहानी नई पीढ़ी तक पहुँच रही है।
दुबई में शाम 8 बजे खेले जाने वाले Super Four मैच में भारत और श्रीलंका आमने-सामने होंगे। जीतने वाली टीम पाकिस्तान के बाद फाइनल में पहुंचेगी। भारत ने समूह चरण में तीन जीतें हासिल की हैं, जबकि पाकिस्तान ने पहले ही फाइनल की जगह पक्की कर ली है। इस टक्कर को टूनामेंट की अंतिम बाधा कहा जा रहा है।
WCL 2025 के रोचक मुकाबले में वेस्टइंडीज लेजेंड्स ने साउथ अफ्रीका लेजेंड्स को 8 विकेट से शिकस्त दी। इस जीत के हीरो रहे एविन लुईस, जिन्होंने ताबड़तोड़ छक्कों की बारिश की। टीम में मौजूद बड़े नाम जैसे क्रिस गेल और आंद्रे रसेल फ्लॉप रहे, लेकिन लुईस की पारी ने टीम को जीत दिलाई।
कियारा आडवाणी की बहन इशिता आडवाणी ने अपनी सुंदरता के चलते सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी हैं। इशिता की खूबसूरती और कियारा से उनकी समानता की चर्चा हो रही है। इसके साथ ही, कियारा आडवाणी की आगामी फिल्म 'RC 15' की भी चर्चा हो रही है जो बॉलीवुड में एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के कारण 20 नवंबर, 2024 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बंद रहे, जिससे 'एनएसई छुट्टियां' गूगल ट्रेंड्स में सबसे ऊपर पहुंच गया। सभी बाजार खंड बंद रहे, जैसे इक्विटी, डेरिवेटिव और एसएलबी। चुनाव 288 सीटों पर एक चरण में हुआ, जबकि 23 नवंबर को परिणाम घोषित होंगे। बाजार 25 दिसंबर को फिर से बंद होंगे।
21 जुलाई, 2023 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में कुछ ही घंटों में कई भूकंपों के झटके महसूस किए गए, जिससे लोग घबरा गए लेकिन कोई हानि नहीं हुई। पहले झटका सुबह 4:09 बजे 4.4 तीव्रता का आया, फिर 4:22 बजे और 4:25 बजे 3.1 और 3.4 तीव्रता के दो और झटके आए। अन्त में 4:31 बजे 2.5 तीव्रता का एक और झटका भी आया। सभी भूकंपों के एपिसेंटर जयपुर के अंदर ही थे। हालांकि, कोई हानि नहीं हुई और ना ही कोई घायल हुआ।