गुरु नानक देव जी एक गुरु नानक देव जी, सिख धर्म के प्रथम गुरु, जिन्होंने 15वीं सदी में भाईचारे, समानता और निरंकार ईश्वर की अवधारणा को जन्म दिया। इन्हें नानक शाह भी कहा जाता है, और ये वही हैं जिन्होंने यह कहा: "कोई हिंदू नहीं, कोई मुसलमान नहीं"। इनकी शिक्षाएँ आज भी धर्म, जाति और भाषा के बंधनों को तोड़ती हैं।
गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का आधार था निरंकार, एक अनंत, अनादि, निराकार ईश्वर, जो किसी भी मंदिर, मस्जिद या धर्म की सीमा में बंधा नहीं है। इन्होंने यह भी कहा कि ईश्वर की पूजा केवल नमाज़ या जप तक सीमित नहीं है—वह तो सेवा, अपने आसपास के लोगों की भलाई करने का काम है। आज भी गुरुद्वारों में लंगर चलता है, जहाँ कोई भी, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या आर्थिक स्थिति का हो, बिना किसी भेदभाव के खाना खाता है। ये वही अवधारणा है जिसे गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन में अपनाया।
उनकी विरासत का दूसरा पहलू है समानता, जो उनके जमाने में अभूतपूर्व था—जाति, लिंग और धर्म के आधार पर भेदभाव को खारिज करना। आज भी जब कोई भारतीय गुरुद्वारे में जाता है, तो वह देखता है कि एक रिक्शावाला और एक डॉक्टर एक साथ बैठकर लंगर खा रहे हैं। ये वही विचार है जो आज भी दुनिया के लिए एक उदाहरण बनता है।
गुरु नानक देव जी के जीवन और शिक्षाओं से जुड़ी ताजा घटनाएँ आज भी देश भर में देखी जा रही हैं। कुछ राज्यों में स्कूलों में उनकी शिक्षाओं को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। कुछ गुरुद्वारे अपने लंगर को नए तरीके से चला रहे हैं—डिजिटल ऑर्डर, रोबोट्स और सोशल मीडिया के जरिए। इस वेबसाइट पर आप ऐसे ही अपडेट देख सकते हैं, जो बताते हैं कि गुरु नानक देव जी की बातें आज भी कैसे जीवित हैं। यहाँ आपको उनके जीवन से जुड़े त्योहार, उनके सिद्धांतों के आधार पर चल रहे सामाजिक अभियान, और उनकी शिक्षाओं को आधुनिक दुनिया में अपनाने वाले लोगों की कहानियाँ मिलेंगी।
गुरु नानक जयंती 2025 को दुनिया भर में मनाया गया, जहाँ लंगर, नगर कीर्तन और अखंड पाठ के माध्यम से गुरु नानक देव जी के समानता और सेवा के संदेश को जीवंत रखा गया।
भारत के अद्वितीय फुटबॉलर सनिल छेत्री ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का समापन कुवैत के खिलाफ 0-0 ड्रॉ के साथ किया। 151वें और आखिरी मुकाबले में छेत्री ने कई मौकों पर गोल करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उनकी करियर की यही मील का पत्थर उनकी प्रेरणादायक यात्रा की याद दिलाता है।
रियल मैड्रिड ने दस खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए वेलेंसिया के खिलाफ 2-1 की नाटकीय जीत दर्ज की, जिससे वे ला लिगा की शिखर पर पहुँच गए। शुरुआती बढ़त के बावजूद वेलेंसिया अपनी स्थिति बनाए रखने में असफल रही और रियल मैड्रिड ने अन्ततः खेल आखिरी क्षणों में जीत लिया।
अहमदाबाद की 148वीं जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 में सुरक्षा के नए आयाम देखने को मिलेंगे। 23,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, NSG कमांडो, AI-आधारित सर्विलांस, और ड्रोन तैनात होंगे। गनशॉट डिटेक्शन और रियल टाइम भीड़ प्रबंधन के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। निजी विशेषज्ञों की मदद से भीड़ नियंत्रण की तैयारियां पूरी की गई हैं।
10 अप्रैल 2025 को अँत अंबानी ने पिता मुक्श अंबानी के साथ मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में जन्मदिन मनाया, राधिका मर्चेंट की सगाई के बीच.
महेंद्र सिंह धोनी, जो 'कप्तान कूल' के नाम से मशहूर हैं, आज 43 साल के हो गए हैं। धोनी ने भारतीय क्रिकेट को अपने तीखे दिमाग और शांत कप्तानी से आधुनिक रूप दिया। उनके नेतृत्व में भारत ने तीन प्रमुख आईसीसी ट्रॉफियाँ जीतीं, जिनमें 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का क्रिकेट विश्व कप और 2013 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। उनका अंतर्राष्ट्रीय करियर 2004 में शुरू हुआ और 2020 में उन्होंने सभी तरह के क्रिकेट से सन्यास लिया।