जब हम IMD, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, जो राष्ट्रीय स्तर पर मौसम संबंधी डेटा एकत्रित, विश्लेषित और जनता को जानकारी देता है. Also known as Indian Meteorological Department, it मौसम पूर्वानुमान बनाता है, चेतावनी प्रणाली चलाता है और प्राकृतिक आपदा प्रबंधन में सहयोग देता है। क्या आपने कभी सोचा है कि सुबह की बारिश का अंदाजा कैसे लगाते हैं? वही काम IMD के वैज्ञानिक रोज़ करते हैं, और उनकी रिपोर्टें ही हमारे दैनिक निर्णयों की दिशा तय करती हैं।
IMD के काम को समझने के लिए दो प्रमुख पहलुओं को देखना ज़रूरी है: मौसम पूर्वानुमान और सतर्कता चेतावनी। पहला पहलू डेटा सेंसर्स, सैटेलाइट इमेज और कंप्यूटेशनल मॉडल पर आधारित है। जब तापमान, वायुदाब और नमी का विश्लेषण होता है, तो मॉडल अगले 24‑48 घंटों की सटीक भविष्यवाणी देता है। दूसरा पहलू – चेतावनी प्रणाली – उन स्थितियों में काम आती है जब मौसमी आगे बढ़कर हरिकेन, तेज़ बारीश या दुष्कर तूफ़ान बनाता है। तब IMD SMS, रेडियो, टीवी और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर अलर्ट भेजता है, जिससे किसानों, यात्रियों और सामान्य जनता को समय पर कार्रवाई करने का मौका मिलता है। इस तरह प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
इसी संदर्भ में जलवायु परिवर्तन का जुड़ाव भी समझना जरूरी है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण मौसम के पैटर्न बदल रहे हैं, और IMD को नए मॉडल बनाकर इन बदलावों को ट्रैक करना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर, पिछले साल डार्जिलिंग में हुई लैंडस्लाइड और उत्तराखंड में बाढ़, दोनों ही असामान्य बारिश के कारण हुईं। ऐसे घटनाक्रम IMD को अपने पूर्वानुमान प्रणाली को अधिक लवचिक बनाने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे भविष्य में ऐसे जोखिमों की पहचान जल्दी हो सके। यही कारण है कि IMD न केवल मौसमी डेटा बल्कि दीर्घकालिक जलवायु रिपोर्ट भी तैयार करता है, जो नीति निर्माताओं को सतत विकास योजना बनाने में मदद करती है।
अब जब आप जानते हैं कि IMD कैसे काम करता है, तो नीचे दी गई लेखों की सूची में आप पाएँगे: वारंटेड बाढ़ चेतावनी, हाई-स्पीड ब्रीज़ के वैज्ञानिक विश्लेषण, और विभिन्न क्षेत्रीय मौसम रिपोर्ट। चाहे आप किसान हों, व्यापारी या सिर्फ मौसम में दिलचस्पी रखने वाले—इन लेखों से आपको रोज़मर्रा की योजना बनाने में रियल‑टाइम जानकारी मिलेगी। आगे चलकर पढ़ते रहें और देखिए कैसे IMD की हर रिपोर्ट आपके निर्णयों को स्मार्ट बनाती है।
इंडिया मीटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने 6‑7 अक्टूबर के लिए दिल्ली‑NCR में ऑरेंज और येलो चेतावनी जारी की। पश्चिमी व्यवधान की वजह से बारिश, तापमान में तेज गिरावट और तेज़ हवाएँ दर्ज हुईं।
जॉइंट सीट अलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) ने JoSAA काउंसलिंग 2024 की आधिकारिक तिथियों की घोषणा की है, जो 10 जून, 2024 से शुरू होगी। JEE Main 2024 और JEE Advanced 2024 में पास उम्मीदवार इस काउंसलिंग में भाग लेकर आईआईटी एवं एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में सीट पा सकेंगे।
उत्तर प्रदेश के गोंडा के पास 18 जुलाई, 2024 को चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना में चार डिब्बे पटरी से उतर गए थे। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मरने वालों की संख्या चार बताई है। घटना की जांच हो रही है और स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।
10 अप्रैल 2025 को अँत अंबानी ने पिता मुक्श अंबानी के साथ मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में जन्मदिन मनाया, राधिका मर्चेंट की सगाई के बीच.
भारतीय तट रक्षक के महानिदेशक राकेश पाल का चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 59 वर्ष के थे और चेन्नई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की यात्रा की तैयारियों के समन्वय के लिए गए थे। राजनाथ सिंह और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अस्पताल में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली लाया जा रहा है।
भारत के राष्ट्रपति ने कई राज्यों के लिए नए राज्यपालों की नियुक्ति की है। इसमें पूर्व रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान को झारखण्ड का राज्यपाल, तमिलिसाई सौंदरराजन को तेलंगाना का राज्यपाल, रमेश बैस को झारखण्ड का राज्यपाल और फागू चौहान को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियां संबंधित राज्यों में शासन और प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए की गई हैं।