अगर आप या आपके किसी नज़दीकी को गिरफ्तारी का सामना करना पड़ रहा है तो पहली चिंता होती है: क्या जमानत मिल सकती है? जमानत यानी अस्थायी रिहाई, जिसके तहत आरोपी को निश्चित शर्तों पर अदालत या पुलिस द्वारा छोड़ा जाता है। नीचे सीधे और काम की बात बताई है ताकि आप तुरंत समझ कर कदम उठा सकें।
दो प्रमुख तरह की जमानत होती है — अग्रिम (anticipatory) और सामान्य/नियमित जमानत। अग्रिम जमानत तब ली जाती है जब किसी को पकड़ने या गिरफ्तारी का डर हो और वह पहले से सुरक्षा चाहता है। नियमित जमानत तब दी जाती है जब गिरफ्तारी हो चुकी हो और आरोपी को रिहा करने के लिए अदालत के पास आवेदन किया जाता है। कुछ मामलो में पुलिस सामान्य बाइल(बेल) दे भी सकती है — पर यह सिर्फ बाइल योग्य अपराधों में संभव है।
नोट करें: गंभीर अपराधों, जैसे कि गैर-आपराधिक या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में जमानत मुश्किल होती है। अदालत आरोपी के खतरे, सबूतों के विनाश, और समाज के नुकसान को भी ध्यान में रखती है।
1) वकील से तुरंत संपर्क करें — एक अनुभवी क्रिमिनल वकील सही फॉर्म, अफिडेविट और आवेदन तैयार कर देगा।
2) दस्तावेज तैयार रखें — पहचान पत्र, पता, पासपोर्ट साइज फोटो, किरायेदारी/आधार और किसी भी प्रकार के बांड या जमानतदार की जानकारी।
3) अपना बयान संयत रखें — अदालत में भावुक न हों। बस तथ्य और ज़रूरी बातें ही बताएं।
4) गवाही और सबूत नष्ट न करें — अगर अदालत को लगे कि आप सबूतों को प्रभावित कर सकते हैं तो जमानत टल सकती है।
5) शर्तों का पालन करना — जमानत मिलते ही जो शर्तें लगती हैं (नकद जमानत, जमानतदार की उपस्थिति, यात्रा पर पाबंदी, गवाहों से संपर्क न करना) उनका कड़ाई से पालन करें। शर्तें टूटने से जमानत रद हो सकती है और आप फिर से जेल जा सकते हैं।
छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें: अदालत को बताएं कि आप स्थायी पता और रोजगार रखते हैं, कोर्ट में लगातार हाज़िर होने का वादा करें और अगर जरूरत पड़े तो संपत्ति या फाइनेंशियल गारंटी दें। ये चीजें आपके विश्वास को बढ़ाती हैं।
अक्सर की जाने वाली गलतियाँ: गलत सलाह मानकर खुद आवेदन भरना, गवाहों से मिलने की कोशिश करना, कोर्ट की तारीखें मिस करना, और सोशल मीडिया पर केस से जुड़ी बातें पोस्ट करना। ये सभी जमानत के नुकसान में बदल सकती हैं।
अगर आप जमानत आवेदन कर रहे हैं तो वकील से मिलने के बाद शांति से सभी दस्तावेज़ और जमानतदार की जानकारी तैयार रखें। कार्रवाई तेज़ और व्यवस्थित रखिए — सही दस्तावेज और सही वकील आपकी जमानत मिलने की संभावना काफी बढ़ा देते हैं।
कानूनी सलाह जरूरी है — हर केस अलग होता है। मुफ्त कानूनी सहायता या लोकल लॉ क्लिनिक से संपर्क कर के आप पहले कदम सटीक उठा सकते हैं। यही छोटा सा प्रयास मुश्किल समय में बड़ा फर्क कर देता है।
झारखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक मनी लॉन्डरिंग मामले में जमानत दे दी है, जो कथित तौर पर एक जमीन घोटाले से जुड़ा हुआ था। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने पाया कि ईडी के दावे अस्पष्ट थे और पर्याप्त सबूत नहीं थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को एक पुरातन चांदी का हाथों से नक्काशी किया हुआ ट्रेन मॉडल उपहार स्वरूप में दिया। यह विचित्र मॉडल 92.5 प्रतिशत चांदी से बना है और भारतीय शिल्पकारों की उत्कृष्ट कला को प्रदर्शित करता है। इसमें 'दिल्ली-डेलावेयर' अंकित है जो भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों का प्रतीक है। यह उपहार मोदी के तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान प्रस्तुत किया गया था।
UEFA चैंपियंस लीग 2024/25 के राउंड 4 में पेरिस सेंट-जर्मेन एफसी (PSG) और एटलेटिको मैड्रिड के बीच होने वाले मुकाबले की तैयारी है। PSG इस समय अंक तालिका में 23वें स्थान पर है जबकि एटलेटिको मैड्रिड 28वें स्थान पर है। भारत में इस मैच का प्रसारण 7 नवंबर को 01:30 AM IST से सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। इसके साथ ही SonyLIV ऐप और वेबसाइट पर इसका लाइव स्ट्रीमिंग भी उपलब्ध होगा।
RBSE, अजमेर जल्द ही 10वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित करेगा। बोर्ड कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिसमें उत्तीर्ण प्रतिशत, टॉपर्स और जिलेवार प्रदर्शन की जानकारी दी जाएगी। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
U19 एशिया कप 2024 के रोमांचक उद्घाटन मुकाबले में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ 44 रनों से हार का सामना करना पड़ा। शाहज़ैब खान के शानदार 159 रनों ने पाकिस्तान को बुलंदियों पर पहुंचाया जबकि भारत के निखिल कुमार ने 67 रन बनाए। इतिहास में सबसे सफल टीमों में शुमार भारतीय टीम के लिए यह हार एक बड़़ा झटका साबित हुई। यह टूर्नामेंट युवा क्रिकेटरों के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का मंच है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को केपी शर्मा ओली को नेपाल के प्रधानमंत्री के तौर पर चौथी बार शपथ लेने पर बधाई दी। ओली ने काठमांडू स्थित राष्ट्रपति भवन में एक विशेष समारोह में शपथ ली। मोदी ने भारत-नेपाल संबंधों को विस्तार और मजबूती देने की इच्छा जताई। इस समारोह में ओली के साथ अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की।