कंचनजंगा एक्सप्रेस नाम से कई लोग परिचित होंगे। अगर आप इससे यात्रा करने वाले हैं तो यहां आपको रूट, समय, टिकट और छोटे‑छोटे काम के टिप्स मिलेंगे जो सफर को आरामदायक और परेशानी‑मुक्त बनाएंगे। ये जानकारी उन यात्रियों के काम की है जो पहले बार या बार‑बार इस मार्ग से जा रहे हैं।
कंचनजंगा एक्सप्रेस अक्सर पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल/बंगाल के प्रमुख शहरों को जोड़ती है। ट्रेन के प्रमुख स्टेशन आमतौर पर बड़ी हब जैसे सेलबदा/हावड़ा, गुवाहाटी, सिलचर या उनसे जुड़े स्टेशनों पर रहती है। हर ट्रेन का ठहराव और समय अलग हो सकता है, इसलिए किसी भी यात्रा से पहले आपकी ट्रेन का वास्तविक टाइमटेबल और प्लेटफॉर्म नंबर चेक कर लें।
टाइमिंग में देरी सामान्य है, खासकर मौसम या पटरियों के काम के कारण। स्टेशन पर पहुंचने से कम से कम 30-45 मिनट पहले होना अच्छा रहता है, ताकि टिकट/बैगेज और प्लेटफॉर्म बदलने जैसी स्थितियों में आप जल्दी संभाल सकें।
IRCTC वेबसाइट या मोबाइल ऐप से कनेक्ट कर के आप सीट आरक्षित कर सकते हैं। अगर लेट मिनट प्लान है तो Tatkal विकल्प लें, पर उसकी फीस और नियम अलग होते हैं। स्लीपर क्लास लंबी दूरी के लिए सस्ती होती है, जबकि 3AC या 2AC में आराम मिलता है। टिकट लेते वक्त अपनी पहचान दस्तावेज और मोबाइल नंबर ठीक से भरें—PNR और सन्देश मिलना जरूरी है।
ट्रेन लाइव ट्रैक करने के लिए NTES और कई थर्ड‑पार्टी ऐप्स काम आते हैं। PNR नंबर के जरिए सीट कन्फर्मेशन और रिज़र्वेशन स्टेटस देखिए। अगर ट्रेन रद्द या बड़ी देरी हो तो IRCTC और रेलवे की वेबसाइट पर अपडेट मिलते ही विकल्प देखें—रिफंड और alternate ट्रेन की जानकारी वहीं से मिल सकती है।
बोर्डिंग के समय सामान संभालना आसान रखें। प्लेटफॉर्म पर भीड़ होती है, इसलिए कीमती सामान पास रखें और बैग पर नाम‑टैग लगाएं। खानपान के लिए स्टेशन पर मिलने वाले ठेले अच्छे नहीं होते तो बेहतर है कि पावर‑पैक्ड खाना साथ ले जाएं या प्री‑बुक मास्टर ब्लास्ट/IRCTC के ई‑कैटरिंग से ऑर्डर कर लें।
सुरक्षा के लिए पलक झपकते ही दूसरों पर आंख न डालें और रात में अकेले यात्रा करते समय सीट की सुरक्षा पर ध्यान दें। अगर बच्चों या बुजुर्गों के साथ हैं तो कोच के कॉन्क्यूर्सन और टिकट की क्लास अनुसार सीट चुनें।
अंत में, अगर आपका सफर लम्बा है तो आराम के लिए हल्का रोमाल, पानी और पावर‑बैंक रखें। छोटे‑छोटे तैयार‑दिल से ये चीजें आपकी यात्रा को आरामदायक बना देंगी। किसी भी नए अपडेट के लिए अपने नियत दिन से पहले ट्रेन की लाइव स्टेटस जरूर चेक कर लें।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बहनागा बाजार रेलवे स्टेशन पर खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस को मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में कई कोचों को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हो गए। इस घटना के पीछे सिग्नल फेलियर को कारण माना जा रहा है। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
जून‑जुलाई 2025 में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड में पहली बार T20I सीरीज 3‑2 से जीती। स्मृति मंदाना की शतक, अमनजोत कौर‑जेमिमा रोड्रिगेज की रफ़्तार और कप्तान हरमनप्रीत कौर के ODI शतक ने इस जीत को यादगार बनाया। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए विदेशी जमीन पर नया मुकाम साबित हुई।
ओली पोप ने टेस्ट क्रिकेट में 147 साल के इतिहास में एक अद्वितीय कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने अपने पहले सात शतकों को अलग-अलग टीमों के खिलाफ बनाया है, जिसके चलते उनके साथी खिलाड़ी बेन स्टोक्स और जो रूट उन्हें विशेष रूप से बधाई दी है। उनका यह शतक तीसरे टेस्ट के दौरान श्रीलंका के खिलाफ द ओवल में आया।
अफगानिस्तान के स्टार ऑल-राउंडर मोहम्मद नबी ने 2025 में पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। 39 वर्षीय नबी ने 2009 में अपना पदार्पण किया था और उन्होंने 165 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 3549 रन बनाए और 171 विकेट लिए। नबी टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके हैं और आगे भी T20 क्रिकेट खेलते रहेंगे।
भारत के अद्वितीय फुटबॉलर सनिल छेत्री ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का समापन कुवैत के खिलाफ 0-0 ड्रॉ के साथ किया। 151वें और आखिरी मुकाबले में छेत्री ने कई मौकों पर गोल करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उनकी करियर की यही मील का पत्थर उनकी प्रेरणादायक यात्रा की याद दिलाता है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डोडा जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए चार सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई का आह्वान किया और नागरिकों से सटीक जानकारी प्रदान करने का आग्रह किया।