हर साल जब केंद्र सरकार अपना बजट पेश करती है तो कई फैसले सीधे आपकी जेब और रोज़मर्रा की ज़िन्दगी पर असर डालते हैं। करों में बदलाव, सार्वजनिक खर्च, किसानों और छोटे व्यवसायों के लिए घोषणाएँ — ये सब कुछ मिनटों में बाजार और भावों को हिला देते हैं। यहाँ पर हम सरल भाषा में बताते हैं कि बजट क्या होता है, किन बातों पर ध्यान दें और आप खुद कैसे तैयार रह सकते हैं।
केंद्रीय बजट असल में सरकार की आमदनी और खर्च का खाका होता है। आमदनी में टैक्स और गैर-टैक्स शामिल होते हैं; खर्च में सब्सिडी, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और एम्प्लॉयमेंट योजनाएँ आती हैं। दो बड़े हिस्से होते हैं — राजस्व बजट (सामान्य खर्च) और पूंजीगत खर्च (लंबे समय के प्रोजेक्ट)। इसके अलावा, फिस्कल डेफिसिट और कर्ज के लक्ष्य भी अहम संकेतक होते हैं जो आर्थिक दिशा बताते हैं।
जब बजट सामने आता है तो सबसे पहले तीन चीज़ें जल्दी चेक करें: (1) इनकम टैक्स दरों और स्लैब में कोई बदलाव है या नहीं, (2) प्रमुख सब्सिडी और योजनाओं का फंडिंग बढ़ा या घटा गया है, और (3) कैपेक्स (capital expenditure) बढ़ा है तो इसका मतलब कामकाजी परियोजनाएँ बढ़ेंगी। छोटे व्यवसायियों को कस्टम और कॉर्पोरेट टैक्स से जुड़ी घोषणाएँ पढ़नी चाहिए; किसानों को PM Kisan जैसे पैकेज पर ध्यान देना चाहिए।
टैक्सपेयर के रूप में आप क्या कर सकते हैं? नई टैक्स पॉलिसी जारी होते ही अपनी टैक्स बचत रणनीति अपडेट करें — निवेश योजनाएँ, धारा 80C विकल्प और HRA/IT रिटर्न की तैयारी। अगर कर स्लैब बदला है तो EMI, बचत और निवेश का प्लान दोबारा देखें।
व्यवसायों के लिए भी बजट जरूरी सूचक देता है: कच्चा माल पर कस्टम ड्यूटी, इनपुट टैक्स क्रेडिट, कैपिटल सब्सिडी — ये निर्णय महँगे या सस्ते उत्पादन में फर्क डालते हैं।
नागरिक के तौर पर आप बजट का असर रोज़मर्रा की चीज़ों पर भी महसूस कर सकते हैं — पेट्रोल-डीजल पर ड्यूटी, सार्वजनिक परिवहन निवेश, स्वास्थ्य-शिक्षा पर आवंटन। बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से नौकरियाँ बढ़ने की उम्मीद बनती है।
हम "समाचार संग्रह" पर बजट की लाइव कवरेज, प्रमुख घोषणाओं की आसान समझ, और कदम-दर-कदम असर दिखाते हैं। चाहें आप टैक्सपेयर हों, विद्यार्थी, किसान या बिजनेस ओनर — यहाँ आपको सीधे और उपयोगी अपडेट मिलेंगे।
बजट के बाद क्या करें? सबसे पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें, अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग अपडेट करें, और अगर जरूरी हो तो टैक्स सलाहकार से बात कर लें। हमारे टैग पेज पर नियमित पढ़ें — हम मुख्य प्वाइंट्स, FAQs और आपकी रोज़मर्रा की तैयारी के टिप्स देते रहेंगे।
अगर कोई खास घोषणा आपके लिए फायदेमंद या चिंताजनक लगती है, तो कमेंट में पूछिए — हम उसे आसान भाषा में तोड़कर समझाएँगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। इसमें शेयर और म्यूचुअल फंड के डिविडेंड पर टीडीएस की सीमा बढ़ाई गई है, जिससे खुदरा निवेशकों को लाभ होगा। बाजार ने बजट के प्रति मिश्रित प्रतिक्रिया दी है, जहां बीएसई सेंसेक्स में मामूली वृद्धि हुई है। निवेशकों और व्यापारियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 में ABVP ने 4 में से 3 शीर्ष पद जीते। आर्यन मान अध्यक्ष बने, जबकि उपाध्यक्ष पद NSUI के राहुल झांसला ने जीता। सचिव कुनाल चौधरी और सह-सचिव दीपिका झा (दोनों ABVP) जीते। 52 केंद्रों पर 195 बूथों और 711 EVM के साथ 39.45% मतदान हुआ। हाई कोर्ट ने विजय जुलूसों पर रोक लगाई थी।
दीप्ति शर्मा को सहेली आरुषि की 25 लाख की धोखाधड़ी और जेवरात चोरी ने झटका दिया। मामला कोर्ट में, विशेषज्ञों ने सुरक्षा उपायों की चेतावनी दी।
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ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनावों के दौरान ही राज्य को याद करने का आरोप लगाया है। पटनायक ने कहा कि मोदी के वादे केवल रूखी-सूखी घोषणाएँ हैं।
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