NSUI यानी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया, कांग्रेस पार्टी की छात्र शाखा है। अगर आप कैंपस में राजनीति में रुचि रखते हैं या छात्र मुद्दों को लेकर आवाज़ उठाना चाहते हैं, तो NSUI एक अच्छा प्लेटफ़ॉर्म है। इसका मकसद छात्रों के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा सुधार और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देना है।
NSUI के प्रमुख लक्ष्य में शिक्षा को सुलभ बनाना, छात्र वेलफ़ेयर सुधारना और राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को राजनीति में शामिल करना शामिल है। नियमित रूप से वो कैंपस में रैलियाँ, सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित करते हैं, जहाँ छात्रों को नीति निर्माण की समझ बढ़ती है। आप इन इवेंट्स में भाग लेकर अपने नेटवर्क को तेज़ कर सकते हैं।
साथ ही, NSUI विभिन्न सामाजिक अभियानों में हिस्सा लेती है, जैसे कि स्कॉलरशिप की मांग, परीक्षा के दौरान छात्र राहत, और रोजगार के अवसरों की सूचना देना। अगर आपके कॉलेज में कोई समस्या है, तो NSUI स्थानीय स्तर पर आपके प्रतिनिधि से मदद ले सकता है।
जुड़ने की प्रक्रिया काफी सरल है। आप अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय की NSUI यूनिट में संपर्क कर सकते हैं। आम तौर पर, एक फ़ॉर्म भरना, छात्र प्रमाणपत्र अपलोड करना और कुछ छोटे इंटरव्यू क्लियर करना होता है। एक बार सदस्य बन जाने के बाद, आप एकाग्रता से राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं, जो आपके नेतृत्व कौशल को निखारते हैं।
सदस्यता के फ़ायदे में रिसर्च प्रोजेक्ट्स, नेशनल कांग्रेस के साथ सहयोग, इंटर्नशिप की संभावना और मीडिया एक्स्पोज़र शामिल हैं। यह आपके रिज़्यूमे को भी मजबूत बनाता है, खासकर अगर आप सरकारी या सार्वजनिक सेवा में करियर बनाना चाहते हैं।
हाल ही में NSUI ने कई बड़़ी खबरें छापी हैं – जैसे कि छात्र ट्यूशन फीस में कटौती के लिए राष्ट्रीय आंदोलन, या नई शिक्षा नीति पर चर्चा। इन अभियानों में भाग लेकर आप न केवल अपने कैंपस की समस्याओं को उजागर कर सकते हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी आवाज़ बना सकते हैं।
अगर आप NSUI की आगामी इवेंट्स, मीटिंग्स या कैंपेन के बारे में अपडेट चाहते हैं, तो वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज़ को फॉलो करना न भूलें। नियमित सूचना आपको सही समय पर सही कदम उठाने में मदद करेगी।
सारांश में, NSUI छात्र राजनीति में एक सशक्त मंच है, जहाँ आप अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ सकते हैं, नेटवर्क बना सकते हैं और भविष्य की राजनीति के लिए तैयार हो सकते हैं। तो देर मत करो, आज ही जुड़ें और अपने कैंपस में बदलाव की शुरुआत करें।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 में ABVP ने 4 में से 3 शीर्ष पद जीते। आर्यन मान अध्यक्ष बने, जबकि उपाध्यक्ष पद NSUI के राहुल झांसला ने जीता। सचिव कुनाल चौधरी और सह-सचिव दीपिका झा (दोनों ABVP) जीते। 52 केंद्रों पर 195 बूथों और 711 EVM के साथ 39.45% मतदान हुआ। हाई कोर्ट ने विजय जुलूसों पर रोक लगाई थी।
उत्तर भारत में Swine Flu के मामलों में जबर्दस्त उछाल आया है। दिल्ली और राजस्थान समेत कई राज्य बुरी तरह प्रभावित हैं, अब तक 20,414 मामले और 347 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। वैक्सीनेशन, मास्क और समय रहते इलाज को जरूरी बताया जा रहा है।
भारतीय तट रक्षक के महानिदेशक राकेश पाल का चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 59 वर्ष के थे और चेन्नई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की यात्रा की तैयारियों के समन्वय के लिए गए थे। राजनाथ सिंह और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अस्पताल में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली लाया जा रहा है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच महिला टी20 विश्व कप 2024 के एक महत्वपूर्ण ग्रुप मैच में मुकाबला होगा। जिसमें भारत को सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए जीत की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया चोटिल खिलाड़ियों के बावजूद मजबूत नजर आ रही है जबकि भारत की नजरें अपनी पूरी ताकत के साथ जीत पर हैं। हर्मनप्रीत कौर और एलिसा हीली के बीच व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता मैच को और भी रोमांचक बनाएगी।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा केरल के वायनाड लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ेंगी, जबकि उनके भाई और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट बनाए रखेंगे। यह निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मैराथन बैठक के बाद घोषित किया।
अफगान क्रिकेटर गुलबदीन नाइब ने टी20 विश्व कप के एक महत्वपूर्ण मैच में बांग्लादेश के खिलाफ चोट का नाटक किया। इस घटना पर भारतीय क्रिकेटर र अश्विन ने मजाकिया तरीके से 'रेड कार्ड' की मांग की। नाइब ने 'कभी खुशी कभी गम' के प्रसिद्ध संवाद से जवाब दिया। यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।