सहकारिता एक ऐसी चीज़ है जिसे आप सिर्फ़ शब्दों में नहीं, बल्कि सहकारिता, एक ऐसा सामाजिक और आर्थिक मॉडल जहाँ लोग मिलकर काम करते हैं, अकेले नहीं, और लाभ सबका होता है. यह भी जाना जाता है सामूहिक स्वामित्व, जिसमें कोई एक नहीं, बल्कि सब जिम्मेदार होते हैं। ये कोई नया विचार नहीं—ये तो हमारी जड़ों में बसा हुआ है। जब गाँव के लोग मिलकर खेती करते थे, जब लंगर के तहत सब बैठकर खाते थे, जब एक दुकानदार दूसरे के लिए उधार देता था—वहीं सहकारिता जीवित थी।
आज भी ये ताकत बरकरार है। गुरु नानक देव जी, एक ऐसे संत जिन्होंने समानता और सेवा को धर्म बना दिया, और लंगर के माध्यम से सहकारिता को एक अखंड सिद्धांत बनाया. उनका संदेश सिर्फ़ धार्मिक नहीं, बल्कि आर्थिक भी था—कोई भूखा न रहे, कोई अकेला न रहे। आज जब तमिलनाडु में 12,400 करोड़ का बुनियादी ढांचा बन रहा है, तो वहाँ भी यही सिद्धांत छिपा है: एक व्यक्ति की ताकत नहीं, बल्कि समुदाय की ताकत से बड़ा कोई विकास नहीं।
सहकारिता का मतलब सिर्फ़ धन बाँटना नहीं। इसका मतलब है जिम्मेदारी बाँटना। जब राजस्थान के स्कूलों में दिवाली की छुट्टी दी जाती है, तो ये निर्णय एक छोटे से समुदाय के सहयोग से आया है—माताओं ने अपने बच्चों के लिए व्रत रखा, शिक्षकों ने छुट्टी की योजना बनाई, और सरकार ने उसे स्वीकार किया। यही है सहकारिता का असली रूप। ये वो जगह है जहाँ एक व्यक्ति की ज़रूरत, पूरे समुदाय की ज़िम्मेदारी बन जाती है।
आज के युग में जब बड़ी कंपनियाँ अपने लाभ के लिए अकेले दौड़ रही हैं, तो सहकारिता एक विकल्प बन गई है। जब TCS 11,000 नए लोगों को नौकरी देता है, तो वह न सिर्फ़ काम दे रहा है, बल्कि एक समुदाय को बना रहा है। जब Sun Pharma लाभांश बाँटती है, तो वह अपने शेयरधारकों के साथ नहीं, बल्कि उनके परिवारों के साथ भी बाँट रही है। ये सब अलग-अलग लगता है, लेकिन एक ही तार पर बँधे हैं—सहकारिता।
इस पेज पर आपको ऐसे ही कहानियाँ मिलेंगी—जहाँ एक व्यक्ति का निर्णय पूरे समुदाय को बदल देता है। जहाँ एक व्रत एक गाँव की उम्मीद बन जाता है। जहाँ एक बुनियादी ढांचे की शुरुआत, एक पूरे राज्य के भविष्य को बदल देती है। ये सभी कहानियाँ एक ही बात को साबित करती हैं: अगर आप अकेले नहीं चलेंगे, तो आप दूर तक जा सकते हैं।
उत्तराखंड में नीदरलैंड के सहकारी मॉडल को अपनाकर सहकारिता वर्ष-2025 शुरू किया गया है। डॉ. धन सिंह रावत ने गांवों में बहुउद्देशीय समितियों का गठन करने की घोषणा की, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी।
71वीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मोहनलाल को जीवन‑भर की प्रशंसा हेतु दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिया। शाहरुख़ खान और विक्रांत मैसी दोनों ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ख़िताब जिते, जबकि रानी मुखर्जी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री से सम्मानित किया गया। विभिन्न भाषा क्षेत्रों के फ़िल्मों और तकनीकी कार्यों को भी सराहा गया, जिससे भारतीय सिनेमा की विविधता उजागर हुई।
मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (एमपीएसओएस) ने 'रुक जाना नहीं' योजना के तहत कक्षा 10वीं और 12वीं के पंजीकृत छात्रों के परिणाम घोषित किए हैं। ये परिणाम आधिकारिक वेबसाइट mpsos.nic.in पर उपलब्ध हैं। इस घोषणा के साथ, राज्य सरकार ने शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उन छात्रों को अवसर प्रदान करने की महत्वाकांक्षाओं को ठोस रूप देने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है।
स्वीडिश वैज्ञानिकों ने मानव स्टेम‑सेल से मिनी‑ब्रेन ऑर्गनॉइड बनाकर पहला जीवित कंप्यूटर तैयार किया, जिससे चिकित्सा और ऊर्जा दोनों में नई संभावनाएँ सामने आईं।
अल्काराज़ ने यूएस ओपन 2025 सेमीफाइनल में जोकोविच को 6-4, 7-6(4), 6-2 से हराकर फाइनल में जगह पक्की की, जबकि जोकोविच ने शारीरिक थकावट का ज़िकर किया।
मारुति सुजुकी के शेयरों में 5% से अधिक की गिरावट आई है, क्यू2 के दौरान 17% तक मुनाफा गिरा है। कंपनी के स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ में कमी के कारण यह गिरावट हुई है। राजस्व में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन बाजार की अपेक्षाएं इससे अधिक थीं। इस अवधि में डेफर्ड टैक्स व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।