जब बात दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, भारतीय फिल्म जगत में सभी‑समय का सबसे बड़ा सम्मान. Phalke Award की आती है, तो तुरंत भारतीय सिनेमा, दुनीया में सबसे पुरानी और विविध फिल्म परंपराओं में से एक याद आता है। यह पुरस्कार 1969 में स्थापित हुआ, और तब से हर साल एक ऐसे कलाकार या तकनीशियन को दिया जाता है जिसने फिल्म निर्माण के सभी पहलुओं में अभूतपूर्व योगदान दिया हो। इसी कारण राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार, सरकार द्वारा स्वीकृत औपचारिक मान्यता प्रणाली के साथ उसकी तुलना अक्सर की जाती है, लेकिन फाल्के पुरस्कार सिर्फ मान्यता नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म इतिहास में नई दिशा तय करने का प्रेरक मोटर है।
फ़िल्म निर्देशक, संगीतकार, चित्रकार, संपादक और यहां तक कि ध्वनि अभियंता भी इस सम्मान के योग्य हो सकते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में फ़िल्म निर्देशक, जो कहानी को स्क्रीन पर जीवंत बनाते हैं को अक्सर सबसे प्रमुख उम्मीदवार माना जाता है। उदाहरण के तौर पर, राज कपूर, सतीश कौशल, और लक्ष्मीकांत परसेन जैसी नामी हस्तियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि फाल्के पुरस्कार केवल व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि कला के परिपक्वता को भी सराहता है। इस पुरस्कार की चयन प्रक्रिया में एक स्वतंत्र जूरी शामिल होती है, जो फिल्म के सामाजिक, सांस्कृतिक और तकनीकी पहलुओं को गहराई से मूल्यांकित करती है—यह एक सिंटैक्स जैसा है जहाँ हर घटक का अपना महत्व होता है।
फ़िल्म इतिहास के अध्ययन से पता चलता है कि दादासाहेब फाल्के, जिन्हें अक्सर "भारतीय सिनेमा के जनक" कहा जाता है, ने 1913 में "राजकुमारी सविता" जैसी पहली भारतीय फ़ीचर फिल्म बनाई। इस पृष्ठभूमि को समझना यह दिखाता है कि फाल्के पुरस्कार सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की जड़ें, विकास और भविष्य की दिशा को आँकता है। जब कोई कलाकार इस सम्मान को प्राप्त करता है, तो उसकी कृति अक्सर नई पीढ़ियों को प्रेरित करती है और उद्योग में नवाचार को बढ़ावा देती है। इस प्रकार, फाल्के पुरस्कार फ़िल्म इतिहास को संरक्षित करने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहन देता है।
नीचे आप पाएँगे उन लेखों और ख़बरों का चयन, जो इस पुरस्कार के विभिन्न पहलुओं—विजेताओं के प्रोफ़ाइल, समारोह की कवरेज, और फ़िल्म उद्योग में इसके प्रभाव—को विस्तार से समझाते हैं। चाहे आप पुरस्कार के इतिहास में रुचि रखते हों, या वर्तमान में कौन‑से कलाकार इस सम्मान के करीब हैं, यह संग्रह आपको संक्षिप्त और सटीक जानकारी देगा। आइए, साथ मिलकर दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से जुड़े रोचक तथ्यों और नवीनतम अपडेट्स की ओर बढ़ते हैं।
71वीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मोहनलाल को जीवन‑भर की प्रशंसा हेतु दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिया। शाहरुख़ खान और विक्रांत मैसी दोनों ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ख़िताब जिते, जबकि रानी मुखर्जी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री से सम्मानित किया गया। विभिन्न भाषा क्षेत्रों के फ़िल्मों और तकनीकी कार्यों को भी सराहा गया, जिससे भारतीय सिनेमा की विविधता उजागर हुई।
झारखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक मनी लॉन्डरिंग मामले में जमानत दे दी है, जो कथित तौर पर एक जमीन घोटाले से जुड़ा हुआ था। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने पाया कि ईडी के दावे अस्पष्ट थे और पर्याप्त सबूत नहीं थे।
हर्मनप्रीत कौर ने 13 जुलाई 2024 को अपना 334वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर मिथाली राज के रिकॉर्ड को तोड़ा और इंग्लैंड में तीन ODI शतक बनाकर नया इतिहास रचा।
बी के बिड़ला ग्रुप की प्रमुख कंपनी केसोराम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की चेयरपर्सन मंजुश्री खेतान का गुरुवार को कोलकाता के उनके आवास पर संक्षिप्त बीमारी के बाद 68 वर्ष की आयु में निधन हो गया। खेतान ने केसोराम और उसकी सहायक कंपनियों को महत्वपूर्ण प्रगति की ओर अग्रसर किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी और उद्योगपति वीरन मर्चेंट की बेटी राधिका मर्चेंट की शादी 12 जुलाई को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में हो रही है। इस आयोजन में भारत और विदेश से अनेक उच्च-प्रोफ़ाइल मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर के आसपास यातायात प्रतिबंधों की घोषणा की है।
बार्सिलोना ने रियल सोसिएडाड को 2-0 से हराकर ला लीगा में दूसरा स्थान हासिल किया। युवा स्टार लामिन यामल और राफिन्हा के गोल की बदौलत बार्सिलोना ने यह जीत दर्ज की। इस जीत के साथ बार्सिलोना 76 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।