दिवाली छुट्टी भारत के सबसे बड़े और सबसे ज़्यादा उत्साह से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है, जो हर साल दिवाली, हिंदू धर्म में अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक, जिसे लक्ष्मी पूजा, दीपक जलाना और रंगीन रॉकेट्स के साथ मनाया जाता है के अनुसार अमावस्या के दिन आती है। यह त्योहार न सिर्फ घरों में बल्कि सरकारी और निजी दोनों स्तर पर एक बड़ी छुट्टी के रूप में मनाया जाता है। दिवाली की छुट्टी आमतौर पर छुट्टियाँ, सरकारी और निजी कार्यालयों में बंद रहने का आधिकारिक दिन, जिसमें बैंक, स्कूल, और सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं के रूप में घोषित की जाती है, और इसकी अवधि एक दिन से लेकर पाँच दिन तक हो सकती है।
दिवाली छुट्टी की तारीख हर साल चाँद के चक्र पर निर्भर करती है, इसलिए यह ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार अलग-अलग होती है। 2025 में दिवाली भारतीय त्योहार, भारत के विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक समुदायों द्वारा मनाए जाने वाले पारंपरिक उत्सव, जिनमें दिवाली, होली, दशहरा और रक्षाबंधन शामिल हैं के रूप में 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन देश भर में बैंक, स्कूल, और अधिकांश कार्यालय बंद रहते हैं। कुछ राज्य जैसे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में दिवाली के बाद के दिन भी छुट्टी माने जाते हैं, जैसे भातू या बलि प्रतिपदा। दक्षिण भारत में दिवाली को नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है, और यही दिन अक्सर सबसे महत्वपूर्ण होता है।
दिवाली छुट्टी के दौरान आम लोग घरों में दीपक जलाते हैं, रंगीन रंगोली बनाते हैं, और दोस्तों और परिवार के साथ मिठाइयाँ बाँटते हैं। व्यापारी इस दिन नए लेखा वर्ष की शुरुआत करते हैं, और बैंक और बीमा कंपनियाँ अपने नए वर्ष का खाता खोलती हैं। इसका मतलब है कि दिवाली की छुट्टी सिर्फ आराम का दिन नहीं, बल्कि एक नए शुरुआत का प्रतीक भी है। इस दौरान ट्रांसपोर्ट, खरीदारी और ई-कॉमर्स पर बहुत ज़ोर आता है, और लोग नए कपड़े, जेवरात, और घर की सजावट के लिए खर्च करते हैं।
दिवाली की छुट्टी के बारे में जानना सिर्फ तारीख याद करने से ज्यादा है। यह जानना है कि यह त्योहार किस तरह देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को आकार देता है। आपको यहाँ उन खबरों का संग्रह मिलेगा जो दिवाली की छुट्टी के दिन क्या होता है, किन राज्यों में कितने दिन छुट्टी होती है, और इस त्योहार के साथ जुड़ी हर छोटी-बड़ी घटना को कैसे देखा जाता है।
राजस्थान शिक्षा विभाग ने सिताराम जाट के आदेश से 13 से 24 अक्टूबर 2025 तक 12 दिन की दिवाली छुट्टी घोषित की है, जिसमें धनतेरस, दिवाली और भाई दूज जैसे सभी त्योहार शामिल हैं।
प्रसिद्ध मराठी और बॉलीवुड अभिनेता अतुल परचुरे का 57 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लगभग एक वर्ष से लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और 14 अक्टूबर 2024 को इस भयानक बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हो गई। अतुल अपने हास्य अभिनय के लिए प्रसिद्ध थे और 'द कपिल शर्मा शो', 'खट्टा मीठा', 'पार्टनर' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जाने जाते थे। उनकी पत्नी और बेटी ने इस कठिन समय में गोपनीयता की मांग की है।
भारत के अद्वितीय फुटबॉलर सनिल छेत्री ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का समापन कुवैत के खिलाफ 0-0 ड्रॉ के साथ किया। 151वें और आखिरी मुकाबले में छेत्री ने कई मौकों पर गोल करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उनकी करियर की यही मील का पत्थर उनकी प्रेरणादायक यात्रा की याद दिलाता है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने महाकुंभ 2025 की वजह से प्रयागराज में 24 फरवरी को होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर 9 मार्च 2025 को निर्धारित कर दिया है। माघमेले के महाशिवरात्रि पर्व पर भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने 25 मार्च, 2025 को दोपहर 1:15 बजे 12वीं का परिणाम घोषित किया। परीक्षा 1 से 15 फरवरी तक 1,677 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। 12.92 लाख से अधिक छात्र सम्मिलित हुए थे। परिणाम ऑनलाइन पोर्टल पर रोल नंबर और कोड से उपलब्ध हैं। पास होने के लिए थ्योरी में 33% और प्रैक्टिकल में 40% अंक आवश्यक हैं।
गुरु नानक जयंती 2025 को दुनिया भर में मनाया गया, जहाँ लंगर, नगर कीर्तन और अखंड पाठ के माध्यम से गुरु नानक देव जी के समानता और सेवा के संदेश को जीवंत रखा गया।