गुरु नानक जयंती एक ऐसा दिन है जो केवल एक व्यक्ति की जन्मतिथि नहीं, बल्कि एक ऐसे विचार की जन्मदिन है जिसने भारत की सामाजिक और आध्यात्मिक धरातल को हमेशा के लिए बदल दिया। गुरु नानक देव, शिख धर्म के प्रथम गुरु और 15वीं शताब्दी के एक बदलाव लाने वाले संत-कवि, जिन्होंने जाति, धर्म और लिंग के भेदभाव को नकारते हुए एक ऐसी दुनिया की कल्पना की जहाँ हर इंसान बराबर हो। उनका संदेश सिर्फ गुरुद्वारों तक सीमित नहीं, बल्कि सड़कों, बाजारों और घरों में भी गूंजता है।
शिख धर्म, गुरु नानक देव के सिद्धांतों पर आधारित एक जीवन शैली और आध्यात्मिक मार्ग, सिख धर्म के रूप में भी जाना जाता है, जो सेवा, सच्चाई और समानता के तीन स्तंभों पर टिका है। निष्पक्षता, किसी भी व्यक्ति को उसके जन्म, धर्म या समाज के आधार पर नहीं, बल्कि उसके कर्मों से जानने का दर्शन और समानता, सभी मनुष्यों के बीच भेदभाव के बिना एकता का विचार आज भी उनकी यादगार हैं। गुरु नानक ने अपने दिनों में ही लोगों को बताया कि भगवान की आराधना करने के लिए बाहरी आडंबर की जरूरत नहीं, बल्कि ईमानदारी और दूसरों की सेवा करने की जरूरत है।
आज की दुनिया में, जहाँ भेदभाव अक्सर राजनीति और समाज का हिस्सा बन गया है, गुरु नानक का संदेश और भी ज्यादा ज़रूरी हो गया है। उनके गाने, उनके विचार, उनका जीवन दर्शन — ये सब आज भी एक राहत का स्रोत हैं। जहाँ लोग अपनी पहचान के लिए लड़ रहे हैं, वहाँ उन्होंने बताया कि पहचान तो अंदर होती है। जहाँ लोग अपने आप को ऊँचा बताने के लिए दूसरों को नीचा दिखाते हैं, वहाँ उन्होंने अपनी आँखें बंद करके बस एक बात कही — एक ही ईश्वर, एक ही मानवता।
इस त्योहार पर आप जो भी खबरें पढ़ेंगे — चाहे वो गुरुद्वारों में कीर्तन हो, चाहे निःशुल्क भोजन का संचालन हो, चाहे विद्यालयों में उनके जीवन पर नाटक हो — ये सब उनके विचारों की एक ही धारा के विभिन्न रूप हैं। यहाँ आपको गुरु नानक जयंती के बारे में ऐसी ही विभिन्न पहलुओं की खबरें मिलेंगी, जो इस दिन को सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक जीवन शैली बनाती हैं।
गुरु नानक जयंती 2025 को दुनिया भर में मनाया गया, जहाँ लंगर, नगर कीर्तन और अखंड पाठ के माध्यम से गुरु नानक देव जी के समानता और सेवा के संदेश को जीवंत रखा गया।
मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (एमपीएसओएस) ने 'रुक जाना नहीं' योजना के तहत कक्षा 10वीं और 12वीं के पंजीकृत छात्रों के परिणाम घोषित किए हैं। ये परिणाम आधिकारिक वेबसाइट mpsos.nic.in पर उपलब्ध हैं। इस घोषणा के साथ, राज्य सरकार ने शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उन छात्रों को अवसर प्रदान करने की महत्वाकांक्षाओं को ठोस रूप देने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है।
झारखंड में रिटायरमेंट के बाद लोग अपने अनुभव को नई करियर की शुरुआत में बदल रहे हैं, जो उनके लिए एक नया सफर साबित हो रहा है। यह लोग मेंटरिंग, उद्यमिता और सामुदायिक कार्य के माध्यम से समाज में योगदान कर रहे हैं, जिससे उन्हें नया उद्देश्य मिल रहा है।
भारतीय फैशन इन्फ्लुएंसर नैंसी त्यागी ने 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपने खुद के डिजाइन किए हुए गुलाबी गाउन में शानदार डेब्यू किया। 20 किलो से अधिक वजन वाला यह गाउन 1,000 मीटर से अधिक कपड़े से बना था और इसे तैयार करने में 30 दिन लगे।
RBSE, अजमेर जल्द ही 10वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित करेगा। बोर्ड कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिसमें उत्तीर्ण प्रतिशत, टॉपर्स और जिलेवार प्रदर्शन की जानकारी दी जाएगी। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
मारुति सुजुकी के शेयरों में 5% से अधिक की गिरावट आई है, क्यू2 के दौरान 17% तक मुनाफा गिरा है। कंपनी के स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ में कमी के कारण यह गिरावट हुई है। राजस्व में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन बाजार की अपेक्षाएं इससे अधिक थीं। इस अवधि में डेफर्ड टैक्स व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।