क्या आप माराठा इतिहास की बड़ी तस्वीर तेज और साफ तरीके से जानना चाहते हैं? यह पेज उसी के लिए है — सीधे, आसान भाषा में और काम आने वाली जानकारियाँ। यहाँ आप मुख्य घटनाएँ, प्रमुख व्यक्तित्व और पढ़ने के बेहतरीन तरीके पाएँगे।
शिवाजी महाराज (1630–1680) को अक्सर मराठा साम्राज्य का संस्थापक कहा जाता है। उन्होंने दुर्दम्य किले व्यवस्था, गनिमी-काव्य (गोरिल्ला वारफेयर) और स्थायी प्रशासनिक ढाँचा बनाया। उसके बाद आने वाले शासक—सांभाजी, राजाराम और फिर पेशवा परिवार—ने सत्ता का स्वरूप बदला।
पेशवा काल, खासकर बाजीराव प्रथम के नेतृत्व में, मराठों ने उत्तर भारत तक प्रभाव बढ़ाया। पर 1761 का पानीपत का तीसरा युद्ध मराठा शक्ति के लिए निर्णायक मोड़ रहा। यह लड़ाई साम्राज्य के विस्तार को रोकने वाली घटना बनी और उसके बाद मराठा राजनीति में कई आंतरिक झटके आए।
प्रमुख बातें जिन्हें याद रखें: चौंथ और सदेशमुखी जैसे कर रूप, किले (रायगढ़, प्रतापगढ़, सिंहगढ़), और मराठा रणकौशल जिसमें घुड़सवारी व गुप्त संचालन शामिल थे। साथ ही महिलाओं का रोल भी महत्वपूर्ण था—जैसे ताराबाई ने अपने समय में राजनीतिक नेतृत्व दिखाया।
माराठा इतिहास से आपको सिर्फ युद्ध की कहानियाँ नहीं मिलेंगी—यह समझने में मदद मिलती है कि कैसे स्थानीय शासन, कर व्यवस्था और सामाजिक बदलाव मिलकर आधुनिक महाराष्ट्र और भारत के कुछ हिस्सों को आकार देते हैं।
कहाँ से पढ़ें: शुरुआती पढ़ने वालों के लिए संक्षिप्त जीवनी और कालक्रम वाली किताबें, फिर मूल दस्तावेज़ों के लिए 'बाखर' और ब्रिटिश राज के अभिलेख देखें। स्थानीय संग्रहालयों और किले पर लगे शिलालेख सीधे अनुभव देते हैं—अगर आप यात्रा कर सकें तो रायगढ़ और प्रतापगढ़ ज़रूर जाएँ।
कैसे पढ़ें—पहला कदम: कालानुक्रम बनाएँ। दूसरे कदम: प्रमुख नेताओं और उनकी नीतियों को अलग करें। तीसरा कदम: युद्धों के कारण और परिणाम पर ध्यान दें, न कि सिर्फ तारिख़ पर। यह तरीका आपको घटनाओं के पीछे के कारण समझने में मदद करेगा।
हमारी साइट पर इस टैग के जरिए आप संबंधित लेख, फोटो-गैलरी और समीक्षा ढूँढ सकते हैं। अगर आप किसी खास घटना या नाम के बारे में जानना चाहते हैं तो सर्च बार में लिखकर सीधे संबंधित लेख पढ़ें।
क्या आप गहन शोध कर रहे हैं या बस सामान्य जानकारी चाहते हैं? बताइए—हम पढ़ने के सुझाव और स्रोत सूची साझा करेंगे। नीचे दिए गए लेख और संदर्भों से शुरुआत कर सकते हैं और धीरे-धीरे गहराई में जा सकते हैं।
माराठा इतिहास जटिल है, पर इसे छोटे हिस्सों में बाँटकर समझना आसान है। यदि आप चाहें तो मैं प्रमुख पुस्तकें, दस्तावेज़ या किले देखने की सूची भेज दूँगा।
विक्की कौशल की फिल्म 'छावा' ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन ₹31 करोड़ की कमाई करके तहलका मचा दिया, जो 2025 की सबसे बड़ी ओपनिंग बन गई। लक्ष्मण उतेकर द्वारा निर्देशित यह फिल्म मराठा राजा संभाजी के जीवन पर आधारित है। पुणे में 79.75% ऑक्यूपेंसी के साथ इस फिल्म ने इसे विक्की कौशल के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग बना दिया। फिल्म को बड़े पैमाने पर बनाने और कौशल की परफॉर्मेंस के लिए सराहा गया है।
तमिल स्टार विजय सेतुपति की 50वीं फिल्म 'महाराजा' का निर्देशन निथिलान समीनाथन ने किया है। फिल्म में विजय सेतुपति, अनुराग कश्यप, ममता मोहन दास और अभिरामी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। कहानी महाराजा के इर्दगिर्द घूमती है जो अपनी बेटी ज्योति के साथ एक सैलून चलाता है। एक गुड़िया के गायब होने के बाद, महाराजा और सेल्वम के बीच जुड़ी कहानी धीरे-धीरे सामने आती है।
PM Kisan योजना की 20वीं किस्त अब तक जारी नहीं हुई है, जिससे लगभग 9.8 करोड़ किसान परेशान हैं। पीएम मोदी के बिहार दौरे में उम्मीद थी कि यह किस्त जारी होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। किसानों को अभी और इंतजार करना होगा। जिन किसानों ने e-KYC पूरी कर ली है, वे पोर्टल पर अपनी स्थिति देख सकते हैं।
18 मई 2024 को बेंगलुरु से कोच्चि जा रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX 1132 को इंजन में आग लगने के बाद केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। उड़ान में सवार 179 यात्रियों और 6 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
तमिल फिल्म 'अमरण', जिसमें सिवकार्थिकेयन और साई पल्लवी ने प्रमुख भूमिकाएँ निभाई हैं, को ट्विटर पर मिल रही हैं सकारात्मक समीक्षाएँ। सिवकार्थिकेयन के बदलाव और साई पल्लवी के प्रभावशाली अभिनय की प्रशंसा हो रही है। फिल्म के निर्देशक राजकुमार पेरियासामी हैं और इसे कमल हासन और सोनी पिक्चर्स द्वारा निर्मित किया गया है।
अफगानिस्तान के स्टार ऑल-राउंडर मोहम्मद नबी ने 2025 में पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। 39 वर्षीय नबी ने 2009 में अपना पदार्पण किया था और उन्होंने 165 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 3549 रन बनाए और 171 विकेट लिए। नबी टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके हैं और आगे भी T20 क्रिकेट खेलते रहेंगे।