पुलिस हिरासत का मतलब है कि किसी व्यक्ति को पुलिस की निगरानी में रखा जाना ताकि जांच की जा सके। अक्सर लोग घबरा जाते हैं, पर जानना जरूरी है कि हिरासत और जेल (ज्यूडिशियल कस्टडी) अलग चीजें हैं। हिरासत का उद्देश्य पूछताछ और साक्ष्य इकट्ठा करना होता है, न कि सजा देना।
यह याद रखें: पुलिस किसी को भी बिना वजह घंटों तक नहीं रोक सकती — कानूनी सीमाएँ और प्रक्रियाएँ लागू होती हैं। सबसे पहली चीज जो आपको ध्यान में रखनी चाहिए वह है समय: किसी को गिरफ्तार करने के बाद उसे तय समय के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है।
अगर आप या आपका कोई परिजन हिरासत में है, ये अधिकार तुरंत याद रखें और लागू करवाएँ:
- वकील से मिलने का अधिकार: किसी भी बिंदु पर वकील बुलाने और उनसे सलाह लेने को दबाया नहीं जा सकता।
- परिवार को सूचित करने का अधिकार: आमतौर पर आपको या आपके रिश्तेदार को सूचित करने का अधिकार मिलता है ताकि कोई बाहर से मदद कर सके।
- कारण बताने का अधिकार: गिरफ्तारी के समय पुलिस आपको गिरफ्तारी के कारण बताती है और आपको लिखित शिकायत (FIR/प्रार्थना) की प्रति मांगने का हक है।
- मेडिकल जांच का अधिकार: यदि चोट या बीमारी का शक हो तो तुरंत मेडिकल चेक कराना जरूरी है; बाद में मेडिकल रिपोर्ट सबूत बन जाती है।
- जबरन साइन करने से मना करें: खाली या बिना समझ के दस्तावेज़ पर साइन न करें।
पहला काम: शांत रहें और समय-स्थान नोट कर लें — किसने पकड़ा, कब और कहाँ। ये छोटी सी जानकारी बाद में बहुत काम आएगी।
दूसरा: वकील बुलाएँ। वकील न मिलने पर नजदीकी कानूनी सहायता संस्था या लोकल बार एसोसिएशन से संपर्क करें। वकील रिमांड के समय बचाव की रणनीति बनाएगा और अनावश्यक पुलिस कस्टडी को कम करने में मदद करेगा।
तीसरा: मेडिकल रिपोर्ट कराएँ और कोई भी चोट तत्काल दर्ज कराएँ। तस्वीरें लें, गवाहों के नाम नोट करें।
चौथा: अगर हिरासत अनियोजित या गैरकानूनी लगे तो हैबियस कॉर्पस या संबंधित अदालत में याचिका दायर कर सकते हैं। कई बार जल्दी कानूनी कदम से अनावश्यक रिमांड रोका जा सकता है।
अंत में, याद रखना कि त्वरित और सही कदम सबसे ज्यादा फर्क डालते हैं। हिरासत में सम्मान और सुरक्षा के नियम लागू होते हैं — उन्हें भूलना मत। किसी भी असमंजस में वकील से बात करने को प्राथमिकता दें और समय, जगह व गवाहों की जानकारी संभालकर रखें। अगर आप चाहते हैं, मैं यहां पर ऐसे सामान्य दस्तावेज़ों और वकील से पूछने योग्य सवालों की सूची भी दे सकता/सकती हूँ।
कन्नड़ अभिनेता दर्शन थोगुदीपा और उनकी मित्र व अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा को एक व्यक्ति की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया और छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। मृतक का नाम रेनुकास्वामी है, जिन्होंने कथित तौर पर पवित्रा के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ की थीं। पुलिस जांच जारी है।
8 अक्टूबर 2025 को भारतीय वायुसेना ने हिंदन एयर फोर्स स्टेशन में 93वाँ स्थापना दिवस मनाया, जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जनरल अनिल चौहान और एयर चीफ मार्शल एएस भदौरिया ने भाग लेकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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जॉइंट सीट अलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) ने JoSAA काउंसलिंग 2024 की आधिकारिक तिथियों की घोषणा की है, जो 10 जून, 2024 से शुरू होगी। JEE Main 2024 और JEE Advanced 2024 में पास उम्मीदवार इस काउंसलिंग में भाग लेकर आईआईटी एवं एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में सीट पा सकेंगे।