जब बात राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, भारत सरकार द्वारा वर्ष‑दर‑वर्ष भारतीय फिल्मों के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने वाला राष्ट्रीय स्तर का सम्मान है। Also known as राष्ट्रीय फिल्मी सम्मान, यह पुरस्कार फ़िल्म निर्माताओं, कलाकारों और तकनीकी टीमों को उनके योगदान के लिए मान्यता देता है।
एक प्रमुख सहायक संस्था दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, भारत के सिनेमा के संस्थापक को श्रद्धांजलि स्वरूप दिया गया सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है, जिसे अक्सर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के साथ मिलकर उल्लेख किया जाता है क्योंकि दोनों ही सिनेमा के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
दूसरा बड़ा नाम फिल्मफेयर पुरस्कार, त्रिकोणीय जमीनी पर आधारित, लोकप्रिय वोटों पर निर्भर एक सार्वजनिक सम्मान है, जो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के साथ सामंजस्य में विभिन्न श्रेणियों को उजागर करता है, जैसे कि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, निर्देशक और संगीत.
इन मुख्य पुरस्कारों में विभिन्न श्रेणियाँ शामिल हैं: सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता‑महिला, संगीत निर्देशक, संगीत, संपादन, सिनेमाटोग्राफी और विशेष प्रभाव. प्रत्येक श्रेणी को अलग‑अलग मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है, और विजेताओं की चयन प्रक्रिया में जूरी की भूमिका अहम होती है.
जूरी का काम केवल फिल्म की कहानी या स्टार पावर नहीं, बल्कि तकनीकी पहलुओं, सामाजिक प्रभाव और नई प्रयोगात्मक तकनीकों को भी देखना है। इस कारण हाल ही में लॉन्च हुए उच्च‑तकनीकी फ़ोन जैसे Xiaomi 17 Pro की कैमरा तकनीक या Oppo F29 5G के डिस्प्ले पर चर्चा, फिल्मों की पोस्ट‑प्रॉडक्शन में भी असर डालती है। तकनीकी उन्नति से फिल्में अधिक जीवंत बनती हैं और इन बदलावों को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अक्सर मान्यता देता है.
पुरस्कारों का बॉक्स‑ऑफ़िस पर प्रत्यक्ष असर भी देखा जाता है। जब किसी फ़िल्म को राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार में नामांकन मिलता है, तो उसकी मैक्सिमम दर्शक संख्या में स्पष्ट वृद्धि होती है—जैसे कांतारा‑1 की शुरुआती समीक्षाएँ और वैकल्पिक रिलीज़‑डेट, या War 2 की ट्रेलर वीडियो जो सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज़ आकर्षित करती है। इस प्रकार पुरस्कार नेटवर्क फ़िल्म के मार्केटिंग और राजस्व दोनों को बूस्ट करता है.
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर दर्शक बदलते रहेंगे, पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का मानदण्ड स्थिर रहता है: कृतित्व, नवाचार, सामाजिक संदेश और कलात्मक गुणवत्ता. इस कारण इस पुरस्कार की वैधता वर्षों से बनी हुई है और इसे फिल्म उद्योग में मानक समझा जाता है. यह दर्शाता है कि कौन से फ़िल्मी प्रोजेक्ट्स भविष्य में प्रभाव डालेंगे.
अब आप आगे स्क्रॉल करके राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से जुड़ी ताज़ा ख़बरें, nominative सूची, विश्लेषण और पिछले विजेताओं की कहानियों को पा सकते हैं। इस संग्रह में आपको पुरस्कार समारोह की झलकियाँ, छूटे हुए अवसर और आगामी फिल्मी घटनाओं की विस्तृत जानकारी मिलेगी, जिससे आप भारतीय सिनेमा के वर्तमान परिदृश्य को बेहतर समझ सकेंगे.
71वीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मोहनलाल को जीवन‑भर की प्रशंसा हेतु दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिया। शाहरुख़ खान और विक्रांत मैसी दोनों ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ख़िताब जिते, जबकि रानी मुखर्जी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री से सम्मानित किया गया। विभिन्न भाषा क्षेत्रों के फ़िल्मों और तकनीकी कार्यों को भी सराहा गया, जिससे भारतीय सिनेमा की विविधता उजागर हुई।
भारतीय फैशन इन्फ्लुएंसर नैंसी त्यागी ने 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपने खुद के डिजाइन किए हुए गुलाबी गाउन में शानदार डेब्यू किया। 20 किलो से अधिक वजन वाला यह गाउन 1,000 मीटर से अधिक कपड़े से बना था और इसे तैयार करने में 30 दिन लगे।
अक्षय कुमार की नई फिल्म 'सर्फिरा', जो कि तमिल हिट 'सूरराई पोटरु' का हिंदी रीमेक है, ने अपने पहले दिन भारत में लगभग 2.40 करोड़ रुपये की कमाई की है। फिल्म में कैप्टन गोपीनाथ की प्रेरक कहानी दिखाई गई है। फिल्म की कमाई पर 'इंडियन 2' के साथ प्रतिस्पर्धा का भी असर पड़ा।
Google ने K.D. Jadhाव की जन्म तिथि पर विशेष डूडल जारी कर भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदकधारक को सम्मानित किया। 1952 के हेलेन्सिंकी खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले जाधव ने स्वतंत्रता के बाद भारतीय खेलों को नई दिशा दी। डूडल के जरिए उनकी कहानी नई पीढ़ी तक पहुँच रही है।
उत्तराखंड में नीदरलैंड के सहकारी मॉडल को अपनाकर सहकारिता वर्ष-2025 शुरू किया गया है। डॉ. धन सिंह रावत ने गांवों में बहुउद्देशीय समितियों का गठन करने की घोषणा की, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी।
सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने शॉर्ट-सेलर हिन्डेनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों को 'निराधार' और 'असत्य' करार दिया है। हिन्डेनबर्ग ने कथित तौर पर दावा किया था कि दोनों ने अडानी समूह को अवैध रूप से निधियों का स्थानांतरण किया। बुच दंपति ने खुलासा किया कि वे अपनी सभी वित्तीय दस्तावेज किसी भी प्राधिकारी को दिखाने के लिए तैयार हैं।