ऊर्जा विकास एक ऐसी प्रक्रिया है जो ऊर्जा विकास, जीवन के हर पहलू को संचालित करने के लिए ऊर्जा के उत्पादन, वितरण और उपयोग को सुधारने की क्षमता है. यह केवल बिजली का मामला नहीं, बल्कि घरों, अस्पतालों, फैक्ट्रियों और ट्रांसपोर्ट को चलाने की आधारशिला है. आज दुनिया भर में, खासकर भारत में, ऊर्जा विकास का मतलब है कम कार्बन, ज्यादा दक्षता और नवीकरणीय स्रोतों का उपयोग।
इसके साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा, सौर, पवन, जल और जैव ऊर्जा जैसे स्रोतों से बनी ऊर्जा है जो समाप्त नहीं होती. भारत ने पिछले पाँच साल में सौर ऊर्जा क्षमता में दोगुना विस्तार किया है, और अब देश की बिजली की लगभग 40% आपूर्ति इन स्रोतों से हो रही है. यही वजह है कि आज जब आप सुनते हैं कि किसी कंपनी ने नया सौर प्लांट लगाया है, या कोई शहर अपनी बिजली की जरूरत पवन से पूरी कर रहा है — यह सब ऊर्जा विकास का ही एक हिस्सा है।
लेकिन ऊर्जा विकास सिर्फ बिजली के पैनलों तक सीमित नहीं है। ब्रेन ऑर्गनॉइड, मानव स्टेम सेल से बनाए गए छोटे दिमाग के टुकड़े, जो अब जीवित कंप्यूटर के रूप में काम कर रहे हैं. ये तकनीक न सिर्फ बीमारियों के इलाज में मदद कर रही हैं, बल्कि ऊर्जा के उपयोग को भी बदल रही है — क्योंकि इनके लिए चलने में आम कंप्यूटरों की तुलना में करीब 1000 गुना कम बिजली लगती है. यानी अगर आप कल्पना करें कि अगले 10 साल में एआई चिप्स इन जीवित ब्रेन टेक्नोलॉजी पर बनेंगे, तो आपके फोन, लैपटॉप और डेटा सेंटर भी बहुत कम ऊर्जा खपत करेंगे। यही है ऊर्जा विकास की अगली लहर।
और यही वजह है कि आप इस पेज पर ऐसे लेख पाएंगे जो ऊर्जा विकास के उस विस्तार को दिखाते हैं जिसके बारे में आपने सोचा भी नहीं। कुछ लेख बताते हैं कि कैसे स्वीडिश वैज्ञानिकों ने एक ऐसा कंप्यूटर बनाया जिसकी ऊर्जा खपत बिजली के बल्ब से भी कम है। कुछ लेख बताते हैं कि भारत के किसान कैसे अपनी खेती के लिए सौर पंप लगा रहे हैं। कुछ लेख बताते हैं कि कैसे टीसीएस जैसी कंपनियाँ अपने डेटा सेंटर को ऊर्जा दक्ष बना रही हैं। और कुछ लेख बताते हैं कि ऊर्जा के इस बदलाव के बाद हमारे बच्चे कैसे जीवन जीएंगे।
ऊर्जा विकास का मतलब अब सिर्फ बिजली का बिल नहीं है — यह हमारे भविष्य की गुणवत्ता का सवाल है। और यहाँ आपको वो सब कुछ मिलेगा जो इस सवाल का जवाब देता है।
केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है, जिससे प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है। इस घटना के कारण कोझिकोड- बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हैं। निवासी को घर में रहने की सलाह दी गई है। अगले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर का अनुमान है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 2019 के प्रदर्शन के समान लगभग 300 सीटें मिल सकती हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई व्यापक गुस्सा नहीं है, जो परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
18 मई 2024 को बेंगलुरु से कोच्चि जा रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX 1132 को इंजन में आग लगने के बाद केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। उड़ान में सवार 179 यात्रियों और 6 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
पंजाब में 2024 लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के बाद, न्यूज़18 मेगा एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस-नेतृत्व वाली INDIA गठबंधन 8-10 सीटें जीत सकता है, जबकि भाजपा-नेतृत्व वाली NDA गठबंधन को 2-4 सीटें मिलने की संभावना है। आम आदमी पार्टी (AAP) को 0-1 सीट की उम्मीद है। पंजाब में कुल 13 लोकसभा क्षेत्र हैं।
तेलंगाना राज्य इंजीनियरिंग, कृषि और फार्मेसी सामान्य प्रवेश परीक्षा (TS EAPCET) 2024 के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री बी. वेंकटेशम और तेलंगाना राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष आर. लिंबाद्री ने संयुक्त रूप से परिणाम जारी किए। कृषि और फार्मेसी धाराओं के लिए उत्तीर्ण प्रतिशत 89.66% रहा, जिसमें लड़कियों ने 90.18% और लड़कों ने 88.25% हासिल किया।