क्या आप जानते हैं कि हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है? यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी रोज़मर्रा की आदतें पृथ्वी पर बड़ा असर डालती हैं। छोटे-छोटे कामों से भी स्थानीय स्तर पर बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। नीचे दिए सुझाव सीधे लागू करने लायक हैं और आज ही शुरू किए जा सकते हैं।
यहां ऐसे कदम हैं जो हर घर तुरंत अपना सकता है — खर्च भी कम और असर भी ज़्यादा:
समूह में काम करने से संदेश तेज़ फैलता है। आप ये गतिविधियाँ करवा सकते हैं:
विश्व पर्यावरण दिवस सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की आदतों का बदलना है। आप छोटे बदलाव से भी अपने मोहल्ले में मिसाल कायम कर सकते हैं। कौन सा सुझाव आपके लिए सबसे आसान लगा? आज एक कदम उठाइए और अपने दोस्तों के साथ शेयर करिए—बदलाव तभी शुरू होता है जब आप उसे दूसरों तक पहुंचाते हैं।
आईटीसी ग्रैंड चोला, चेन्नई ने विश्व पर्यावरण दिवस पर एक विशेष डाइनिंग अनुभव पेश किया है। यह अनुभव स्थिरता और पारंपरिक भारतीय भोजन का संगम है। कार्यकारी शेफ विक्रमजीत रॉय द्वारा तैयार किए गए मेनू में स्थानीय और मौसमी सामग्री का उपयोग किया गया है। होटल ने खाद्य अपशिष्ट कम करने के साथ-साथ बायोडिग्रेडेबल कटलरी का उपयोग भी सुनिश्चित किया है।
मणबा फाइनेंस के आईपीओ को पहले दिन ही 23.79 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, सबसे ज्यादा बोली गैर-संस्थागत निवेशकों से आई। आईपीओ के तहत 1.26 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिनका प्राइस बैंड 114 रुपये से 120 रुपये प्रति शेयर है।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बहनागा बाजार रेलवे स्टेशन पर खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस को मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में कई कोचों को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हो गए। इस घटना के पीछे सिग्नल फेलियर को कारण माना जा रहा है। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
सकट चौथा 2025, 17 जनवरी को, उत्तर भारत में माताएँ नीरजला व्रत रख कर गणेश से बच्चों की लंबी उम्र और समृद्धि की कामना करती हैं।
देवशयनी एकादशी, जिसे आषाढ़ी एकादशी भी कहते हैं, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2024 में यह त्यौहार 17 जुलाई को पड़ रहा है। इस दिन भगवान विष्णु चातुर्मास के लिए निद्रा में जाते हैं, और धर्मग्रंथों के अनुसार यह व्रत सभी कष्टों को मिटाने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर हुए विवाद के बीच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक सुभोध कुमार सिंह को पद से हटा दिया गया। सिंह की सेवाएं कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में 'अनिवार्य प्रतीक्षा' पर रखी गई हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन प्रदीप सिंह खरोला को एनटीए का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनटीए की 'शीर्ष नेतृत्व' की जांच की बात कही है।