क्या आप रिटायरमेंट के बाद सुलभ और भरोसेमंद पेंशन चाहते हैं? यूनिफाइड पेंशन स्कीम का लक्ष्य यही है—कई अलग‑अलग पेंशन योजनाओं को एक ही ढांचे में लाकर लाभार्थियों को आसान, पारदर्शी और पोर्टेबल पेंशन देना। इससे पेंशन भुगतान में देरी कम होती है और नियम समझना भी सरल बनता है।
यह योजना सरकारी व अर्ध‑सरकारी कर्मचारियों या किसी विशेष श्रेणी के कामगारों के लिए अलग‑अलग राज्यों/विभागों में लागू हो सकती है। मूल रूप से उद्देश्य यही होता है कि एक ही प्लेटफॉर्म पर योगदान, लाभ और भुगतान नियम हों।
पात्रता आम तौर पर आपकी नोकरी की श्रेणी, सेवा की अवधि और योगदान पर निर्भर करती है। अगर आप नियमित रूप से योगदान करते रहे हैं या आपकी नौकरी के साथ पेंशन प्रावधान जुड़े हैं तो यूनिफाइड पेंशन के लिए आप योग्य हो सकते हैं। सबसे अच्छा तरीका है अपने विभाग या पेंशन कार्यालय से ऑफिसियल गाइड पढ़ना।
मुख्य फायदे: एकल नियम से पेंशन कैलकुलेशन आसान होता है, ट्रांसफर होने पर पेंशन बनाये रखने की सुविधा (पोर्टेबिलिटी), भुगतान में पारदर्शिता और ऑनलाइन मॉनिटरिंग। कई मामलों में पेंशन की प्रोसेसिंग तेज हो जाती है और प्रमाणीकरण के लिए न्यूनतम कागजी कार्रवाई रहती है।
आवेदन का तरीका: कई बार आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होता है; अन्यथा आपकी HR/पेंशन शाखा से फॉर्म लेकर जमा करना होगा। स्टेप्स सरल होते हैं—रिकॉर्ड की पुष्टि, आवश्यक दस्तावेज अपलोड/जमा करना और अंतिम स्वीकृति।
आमतौर पर चाहिए होने वाले दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक या cancelled चेक, नौकरी से संबंधित सेवा प्रमाणपत्र/सेवा रेकॉर्ड, पहचान पत्र, पता प्रमाण और पिछला पेंशन/गैर‑पेंशन से जुड़े कागजात। विभागीय निर्देश अलग हो सकते हैं इसलिए आधिकारिक सूची चेक कर लें।
टैक्स और भुगतान: पेंशन पर टैक्स नियम सामान्य आयकर नियमों पर निर्भर करते हैं। कुछ घटकों पर टैक्स छूट मिल सकती है, पर पूरी जानकारी के लिए अपने कर सलाहकार या आधिकारिक नोटिफिकेशन को देखें।
छोटे लेकिन जरूरी सुझाव: 1) आवेदन से पहले सभी दस्तावेज़ स्कैन करके रखें; 2) नाम और बैंक‑खाता विवरण बिलकुल सही भरें; 3) नॉमिनी और संपर्क जानकारी अपडेट रखें; 4) यदि राज्य बदलते हैं तो पोर्टेबिलिटी नियमों की जानकारी लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: कितना समय लगता है? प्रक्रिया फ़ाइल पूर्णता और विभाग पर निर्भर करती है—कभी कुछ सप्ताह, कभी कुछ महीने। क्या पेंशन ट्रांसफर होती है? अधिकांश यूनिफाइड फ्रेमवर्क में यह मुमकिन है, पर नियम अलग हो सकते हैं।
अगर आप और तेज़ जानकारी चाहते हैं तो अपने विभाग के पेंशन सेल या आधिकारिक पोर्टल पर जाकर लेटेस्ट गाइड पढ़ें। यह कदम आपको रिटायरमेंट के बाद सतत और शांत जीवन की तैयारी में मदद करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य लगभग 23 लाख कर्मचारियों को सुनिश्चित पेंशन लाभ प्रदान करना है। योजना 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी और इसमें वर्तमान राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के सब्सक्राइबर्स को भी शामिल किया जाएगा।
रिलायंस जियो ने अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान्स के दाम बढ़ा दिए हैं, जो 3 जुलाई 2024 से लागू होंगे। नए टैरिफ में मासिक, दैनिक और वार्षिक सभी प्रकार के प्लान्स शामिल हैं। टैरिफ हाइक की वजह से प्लान्स की कीमतों में ₹34 से लेकर ₹600 तक की वृद्धि हुई है। साथ ही, जियो ने दो नए एप्लीकेशन भी लॉन्च किए हैं।
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) ने 2023-24 शैक्षणिक वर्ष के लिए दसवीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। 14 लाख से अधिक छात्र जो परीक्षा में शामिल हुए थे, आज, 27 मई, 2024 को, दोपहर 1 बजे से maharesult.nic.in पर अपने नतीजे देख सकते हैं। डिजिटल मार्कशीट्स DigiLocker पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होंगी। असंतुष्ट छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
महान पुर्तगाली डिफेंडर पेपे ने 33 मिनट के वीडियो के माध्यम से पेशेवर फुटबॉल से संन्यास की घोषणा की। अपने 23 साल के करियर में उन्होंने 34 ट्रॉफी जीतीं। उनकी अंतिम उपस्थिति राष्ट्रीय टीम के लिए यूरोपीय चैम्पियनशिप में फ्रांस के खिलाफ आई थी। पेपे ने अपने करियर की शुरुआत 2002 में मारीटिमो से की थी।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में अमेरिकी बाजारों में तीखी उथल-पुथल दिखी। 2 अप्रैल 2025 को व्यापक टैरिफ घोषणाओं से S&P 500 दो सत्रों में 10% से ज्यादा गिरा और करीब 7 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू उड़ गई। 9 अप्रैल को टैरिफ रोकने के संकेत के बाद जोरदार रैली आई और जून में रिकॉर्ड हाई बने। अगस्त तक S&P 500 साल-दर-साल 8.4% ऊपर रहा।
पूर्व NCB अधिकारी Sameer Wankhede ने दिल्ली हाईकोर्ट में Shah Rukh Khan, Gauri Khan, Netflix और अनेक प्रोडक्शन कंपनियों को 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए डिफेमेशन केस दायर किया है। वह कहानी बताता है कि Netflix की वेब‑सीरीज़ ‘The Bastards of Bollywood’ में उसका चित्रण झूठा और बदनाम करने वाला है। केस 2021 के ड्रग बस्ट और 2023 के भ्रष्टाचार मामले के बीच आता है, जिससे फिल्म‑इंडस्ट्री और कानून व्यवस्था के बीच तनाव फिर से उजागर हो रहा है।