दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में हर दो साल में DUSU चुनाव होते हैं। 2025 का चुनाव भी अब करीब है और छात्र बहुत उत्सुक हैं। इस लेख में हम आपको प्रमुख उम्मीदवार, उनके वादे, मतदान की तिथियां और चुनाव के दौरान देखे जाने वाले मुद्दे बताने वाले हैं। पढ़ते रहें, ताकि आप सही चुनावी फैसला ले सकें।
इस बार दो बड़े गठबंधन सामने हैं – डेमोक्रेटिक यूनियन (DU) और ऑलियन फ्रीडम फ्रंट (AFF)। डेमोक्रेटिक यूनियन के प्रमुख हैं अनीता सिंह (संचार) और राहुल जैन (कंप्यूटर साइंस)। उनका मंच है कैंपस में बेहतर Wi‑Fi, सस्ती पुस्तकें और लैब में आधुनिक उपकरण। AFF का चेहरा है सौरभ मेहरा (इतिहास) और प्रीति वैष्णव (भौतिकी)। वे छात्र सुविधा के बजाय शैक्षणिक गुणवत्ता, ऐसे कोर्स में इंटर्नशिप और स्नातक के बाद नौकरी प्लेसमेंट पर ज़ोर दे रहे हैं। दोनों दलों ने महिलाओं की सुरक्षा, पर्यावरणीय पहल और कॉलेज में एंटी‑ड्रग अभियान को भी प्राथमिकता दी है।
निवाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों रूप में रखा है। रजिस्ट्रीऑनलाइन.com पर अपना यूनिक आईडी डाल कर आप इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। यदि आप इंटरनेट नहीं इस्तेमाल करते तो कैंपस के प्रत्येक हॉल में लैटिन टर्मिनल लगे होंगे जहाँ आप बॉर्डर स्कैनर से अपना रेज़िडेंस कार्ड स्कैन कर वोट डाल सकते हैं।
मुख्य तिथियां इस प्रकार हैं:
वोट डालते समय अपना फोटो आईडी और छात्र पहचानपत्र साथ रखें। यदि आप पहली बार वोट कर रहे हैं तो कैंपस स्टाफ आपके पहचान को दोबारा जांचेगा। याद रखिये, एक ही व्यक्ति को दो बार वोट नहीं मिल सकता।
छात्रों ने पिछले साल कई बार पूछताछ की थी कि वोटिंग मशीन की सुरक्षा कैसी है। इस बार आयोग ने ब्लॉकचेन‑बेस्ड एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल किया है, जिससे वोटिंग डेटा को छेड़छाड़ से बचाया जा सके। आप खुद भी अपने वोट का ट्रैक कर सकते हैं – बस अपने एम्बेडेड QR कोड स्कैन करें।
अब बात करते हैं उन मुद्दों की जो इस बार सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं। विद्यार्थियों की सबसे बड़ी शिकायतें हैं पाठ्यक्रम में तालमेल की कमी, कैंपस में शौचालय की स्थिति, और किफायती आवास की उपलब्धता। उम्मीदवार इन सब पर अपनी-अपनी योजना लेकर आए हैं:
इन वादों को आप उम्मीदवारों के सोशल मीडिया पेज या DU के आधिकारिक चुनाव पोर्टल पर देख सकते हैं। चुनाव के दौरान विभिन्न डिपार्टमेंट के छात्र समूहों ने भी अपने मंच तैयार किए हैं, इसलिए वोट डालने से पहले उनके बैनर और रैली वीडियो देखना फायदेमंद रहेगा।
अंत में, यदि आप अपने मताधिकार का सही प्रयोग करना चाहते हैं तो अपना वोट समय पर डालें और मौखिक या लिखित रूप में अपने विचार साझा करें। याद रखें, हर वोट से कैंपस का भविष्य बनता है। DUSU Election 2025 आपके हाथ में है – इसे जागरूकता और जिम्मेदारी से करें।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 में ABVP ने 4 में से 3 शीर्ष पद जीते। आर्यन मान अध्यक्ष बने, जबकि उपाध्यक्ष पद NSUI के राहुल झांसला ने जीता। सचिव कुनाल चौधरी और सह-सचिव दीपिका झा (दोनों ABVP) जीते। 52 केंद्रों पर 195 बूथों और 711 EVM के साथ 39.45% मतदान हुआ। हाई कोर्ट ने विजय जुलूसों पर रोक लगाई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को एक पुरातन चांदी का हाथों से नक्काशी किया हुआ ट्रेन मॉडल उपहार स्वरूप में दिया। यह विचित्र मॉडल 92.5 प्रतिशत चांदी से बना है और भारतीय शिल्पकारों की उत्कृष्ट कला को प्रदर्शित करता है। इसमें 'दिल्ली-डेलावेयर' अंकित है जो भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों का प्रतीक है। यह उपहार मोदी के तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान प्रस्तुत किया गया था।
Indian stock market NSE and BSE closed on March 3, 2026, for Holi. Trading resumed March 4. Learn about market confusion and holiday schedule details.
भारतीय तट रक्षक के महानिदेशक राकेश पाल का चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 59 वर्ष के थे और चेन्नई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की यात्रा की तैयारियों के समन्वय के लिए गए थे। राजनाथ सिंह और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अस्पताल में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली लाया जा रहा है।
21 जुलाई, 2023 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में कुछ ही घंटों में कई भूकंपों के झटके महसूस किए गए, जिससे लोग घबरा गए लेकिन कोई हानि नहीं हुई। पहले झटका सुबह 4:09 बजे 4.4 तीव्रता का आया, फिर 4:22 बजे और 4:25 बजे 3.1 और 3.4 तीव्रता के दो और झटके आए। अन्त में 4:31 बजे 2.5 तीव्रता का एक और झटका भी आया। सभी भूकंपों के एपिसेंटर जयपुर के अंदर ही थे। हालांकि, कोई हानि नहीं हुई और ना ही कोई घायल हुआ।
भारत के अद्वितीय फुटबॉलर सनिल छेत्री ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का समापन कुवैत के खिलाफ 0-0 ड्रॉ के साथ किया। 151वें और आखिरी मुकाबले में छेत्री ने कई मौकों पर गोल करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उनकी करियर की यही मील का पत्थर उनकी प्रेरणादायक यात्रा की याद दिलाता है।