जब बात आती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के वर्तमान शासन के प्रमुख चेहरे और देश की आधुनिक राजनीतिक दिशा के प्रतीक की, तो ये सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक अवधारणा है। वो वह व्यक्ति हैं जिनके निर्णयों ने देश के बजट, बैंकिंग, ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बदल दिया है। उनकी नीतियाँ — जैसे गुटखा बैन, जीएसटी, डिजिटल पेमेंट्स और आधार-अहम योजनाएँ — ने आम आदमी के दिनचर्या को भी बदल दिया है। ये सब इसलिए क्योंकि उनका लक्ष्य सिर्फ सरकारी आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत को एक नए आयाम में ले जाना है।
उनके नेतृत्व में भारतीय राजनीति, एक ऐसी व्यवस्था जहाँ केंद्रीय निर्णय राष्ट्रीय विकास की दिशा तय करते हैं ने अपना नया रूप धारण किया है। राज्यों के बीच सहयोग और एकता पर जोर देने के साथ-साथ, विदेश नीति में भी एक नया दृष्टिकोण आया है। अमेरिका, जापान, यूरोप और मध्य पूर्व के साथ साझेदारी अब सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि सुरक्षा, तकनीक और ऊर्जा के लिए भी है। ये सब तब हुआ जब आर्थिक नीतियाँ, देश के विकास के लिए निर्धारित राजस्व, कर और निवेश के नियम बदली गईं — जैसे निजी क्षेत्र को बड़े बुनियादी ढांचे के लिए खोलना, या नए उद्योगों को आकर्षित करना।
इन बदलावों का असर आम लोगों के जीवन में दिखता है — एक गाँव की महिला जो अब डिजिटल खाते से अपना लाभ पाती है, एक छात्र जिसे ऑनलाइन शिक्षा मिल रही है, या एक छोटा व्यापारी जो अब बिना बैंक के बिना भी लेन-देन कर सकता है। ये सब उनके दृष्टिकोण का ही हिस्सा है। नीति आयोग, भारत के विकास योजनाओं के लिए एक नवीन निर्माण जो पारंपरिक योजना आयोग की जगह लेता है ने भी इस दिशा को मजबूत किया, जहाँ राज्यों को अपनी जरूरतों के अनुसार योजनाएँ बनाने की आजादी मिली।
यहाँ आपको उन खबरें मिलेंगी जो इन बदलावों को दर्शाती हैं — चाहे वो एक बड़ा आर्थिक फैसला हो, या फिर एक छोटी सी योजना जो एक गाँव के जीवन को बदल दे। आप देखेंगे कि कैसे एक नीति ने देश के करोड़ों लोगों के जीवन को छू लिया, और कैसे एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को बदल दिया। ये सब उनके नेतृत्व का हिस्सा है। आपको यहाँ उन घटनाओं की जानकारी मिलेगी जो आज के भारत को बना रही हैं — बिना रंग-बिरंगे शब्दों के, बिना बहाने के, सिर्फ सच्ची और सटीक खबरों के साथ।
महेंद्र सिंह धोनी, जो 'कप्तान कूल' के नाम से मशहूर हैं, आज 43 साल के हो गए हैं। धोनी ने भारतीय क्रिकेट को अपने तीखे दिमाग और शांत कप्तानी से आधुनिक रूप दिया। उनके नेतृत्व में भारत ने तीन प्रमुख आईसीसी ट्रॉफियाँ जीतीं, जिनमें 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का क्रिकेट विश्व कप और 2013 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। उनका अंतर्राष्ट्रीय करियर 2004 में शुरू हुआ और 2020 में उन्होंने सभी तरह के क्रिकेट से सन्यास लिया।
कश्मीर प्रमोद पटेल, पहले भारतीय-अमेरिकी और हिन्दू-अमेरिकी हैं जो FBI का नेतृत्व करेंगे। ट्रम्प के करीबी, उन्होंने Nunes मेमो की रचना की जो FBI की रूस जांच को लेकर विवादास्पद था। उनकी नियुक्ति ने राजनीतिक पूर्वाग्रह के डर को जन्म दिया, जबकि वे सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करने का वादा करते हैं।
आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाला गठबंधन निर्णायक जीत की ओर अग्रसर है, जो 175 में से 150 सीटों पर आगे चल रहा है। यह चुनावी सफलता टीडीपी के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को मुख्यमंत्री के रूप में वापसी कराने की उम्मीद है।
अफगानिस्तान के स्टार ऑल-राउंडर मोहम्मद नबी ने 2025 में पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। 39 वर्षीय नबी ने 2009 में अपना पदार्पण किया था और उन्होंने 165 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 3549 रन बनाए और 171 विकेट लिए। नबी टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके हैं और आगे भी T20 क्रिकेट खेलते रहेंगे।
तमिल स्टार विजय सेतुपति की 50वीं फिल्म 'महाराजा' का निर्देशन निथिलान समीनाथन ने किया है। फिल्म में विजय सेतुपति, अनुराग कश्यप, ममता मोहन दास और अभिरामी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। कहानी महाराजा के इर्दगिर्द घूमती है जो अपनी बेटी ज्योति के साथ एक सैलून चलाता है। एक गुड़िया के गायब होने के बाद, महाराजा और सेल्वम के बीच जुड़ी कहानी धीरे-धीरे सामने आती है।