आषाढ़ी एकादशी हिंदू पंचांग में आषाढ़ माह की कृष्ण पक्ष/शुक्ल पक्ष की एकादशी के रूप में मनाई जाती है और यह खासकर महाराष्ट्र में पंढरपुर के विठोबा मंदिर के चलते मशहूर है। आपने भी कभी सुना होगा कि इस दिन पंढरपुर की वारी हजारों-लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है — यह त्यौहार भक्ति और संयम का प्रतीक है।
क्या आप पहली बार व्रत रख रहे हैं? तो डरने की जरूरत नहीं। नीचे सीधी-सीधी जानकारी है जो तुरंत काम आएगी: कब रखें, क्या करें, और ध्यान कौन-सा रखें।
आषाढ़ी एकादशी की तारीख हर साल चंद्र कैलेंडर के अनुसार बदलती है; यह सामान्यतः जून-जुलाई के महीनों में आती है। व्रत रखने के पारंपरिक विकल्प यह हैं — निर्जला (बिना पानी), फलाहारी (फल, सूखे मेवे और दही), या सामान्य रूप से उपवास छोड़कर हल्का रोज़ा।
स्वास्थ्य समस्या, गर्भवती या बुजुर्ग हैं तो किसी भी कठोर उपवास से पहले डॉक्टर से सलाह लें। पहली बार व्रत करने वाले लोग साधारण फलाहारी व्रत रख सकते हैं: फल, दही, सूखे मेवे और सेंधा नमक। शाम को गहरी थकान हो तो हल्का सुप भी ले सकते हैं।
व्रत तोड़ने का समय आमतौर पर द्वादशी के प्रातःकाल या पूजा के बाद तय होता है — स्थानीय पंडित या पंचांग के अनुसार प्ररण (पराना) करें।
पूजा आसान रखें ताकि मन का ध्यान भटके नहीं। सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें। नीचे दिए स्टेप्स फॉलो करें:
1) साफ स्थान पर आसन बिछाएँ और छोटा से मण्डप तैयार करें। तुलसी या पान के पत्ते रखें।
2) भगवान विष्णु/विठोबा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। दीप और धूप रखें।
3) 11 मंत्र या भजन गाकर सरल भक्ति करें — अगर भजन नहीं जानते तो भगवद्गीता के श्लोक या "श्री विष्णु नमः" जप करें।
4) भोग में फल, कच्चा चावल, गुड़ या सेंधा नमक रखें। मांस, मछली, प्याज़-लहसुन पूर्णत: वर्जित रखें।
5) परछाई में ध्यान लगाकर कुछ समय ध्यान या कीर्तन करें; व्रत का असली उद्देश्य मन को साफ़ रखना है।
6) द्वादशी पर पारण करें — हल्का भोजन लेकर धीरे-धीरे व्रत खोलें और भगवत भक्ति का स्मरण करें।
छोटी टिप्स: अगर तीर्थयात्रा संभव हो तो पंढरपुर जैसी जगहों पर सम्मिलित होना आध्यात्मिक अनुभव बढ़ाता है। फिर भी, अकेले घर पर भी भक्ति सच्ची हो सकती है — नियमितता और ईमानदारी मायने रखती है।
आषाढ़ी एकादशी केवल प्रतिज्ञा नहीं, दिनचर्या बदलकर संयम और ध्यान की आदत बनाने का अच्छा मौका है। थोड़ा सा आयोजन, सरल नियम और सच्ची भक्ति — बस इतना ही चाहिए।
देवशयनी एकादशी, जिसे आषाढ़ी एकादशी भी कहते हैं, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2024 में यह त्यौहार 17 जुलाई को पड़ रहा है। इस दिन भगवान विष्णु चातुर्मास के लिए निद्रा में जाते हैं, और धर्मग्रंथों के अनुसार यह व्रत सभी कष्टों को मिटाने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
मैनचेस्टर युनाइटेड ने 1 सितंबर, 2024 को ओल्ड ट्रैफर्ड में लिवरपूल के खिलाफ 3-0 की निराशाजनक हार का सामना किया। मैनचेस्टर युनाइटेड ने शुरुआती हमले और उत्साही दर्शकों के समर्थन के बावजूद गोल करने के कई असफल प्रयास किए। लिवरपूल के मैनेजर अर्ने स्लॉट के नए कार्यकाल का यह शानदार आगाज साबित हुआ, जबकि मैनचेस्टर युनाइटेड के एरिक टेन हाग पर दबाव बढ़ गया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच महिला टी20 विश्व कप 2024 के एक महत्वपूर्ण ग्रुप मैच में मुकाबला होगा। जिसमें भारत को सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए जीत की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया चोटिल खिलाड़ियों के बावजूद मजबूत नजर आ रही है जबकि भारत की नजरें अपनी पूरी ताकत के साथ जीत पर हैं। हर्मनप्रीत कौर और एलिसा हीली के बीच व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता मैच को और भी रोमांचक बनाएगी।
राजनीतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर का अनुमान है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 2019 के प्रदर्शन के समान लगभग 300 सीटें मिल सकती हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई व्यापक गुस्सा नहीं है, जो परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिका हर साल 4 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस मनाता है। हालांकि, 1776 में 2 जुलाई को स्वतंत्रता की घोषणा की गई थी और 4 जुलाई को इसका दस्तखत हुआ था। इस दिन को पूरे देश में आतिशबाजी और उत्सव के साथ जश्न के रूप में मनाया जाता है।
भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा में शहरी क्षेत्रों में अपार सफलता हासिल करते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे प्रमुख शहरों में बीजेपी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। बीजेपी की यह जीत रणनीतिक संदेश और जातिगत समीकरणों के चलते संभव हुई। भाजपा की 'खर्ची और पर्ची' अभियान ने भी कांग्रेस के खिलाफ काम किया।