जब हम एयर चीफ मार्शल एएस भदौरिया, भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख, जिन्होंने 2019‑2021 में प्रमुख भूमिका निभाई, एएस भदौरिया की बात करते हैं, तो तुरंत दो चीज़ें दिमाग में आती हैं: इंडियन एयर फ़ोर्स, देश की प्रमुख एयरोस्पेस सुरक्षा शक्ति और सैन्य नेतृत्व, उच्चस्तरीय रणनीतिक निर्णयों की बुनियाद. भदौरिया जी ने इन दोनों को मिलाकर भारतीय रक्षा पर गहरा असर डाला। उनकी पढ़ाई, विमानन अनुभव और रणनीतिक सोच ने एयर चीफ मार्शल एएस भदौरिया को एक ऐसा आइकन बना दिया जो आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित करता है।
भदौरिया जी ने अपना करियर जेट पायलट से शुरू करके तेज़ी से कमांड स्तर तक पहुंचा। उन्होंने विमानन तकनीक में नवाचार को तेज़ किया, जिससे भारतीय वायु सेना की एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी, आधुनिक विमान, ड्रोन और रडार सिस्टम विश्वसनीय बनी। उनका एक प्रमुख लक्ष्य था मौजूदा विमानों को अपग्रेड करना और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना। इस दौरान उन्होंने रक्षा नीति में भी बदलाव किए – जैसे कि ‘इंडियन एयर कॉम्पिटेंस’ योजना, जो घरेलू निर्मित विमानों को प्राथमिकता देती है।
समय के साथ उन्होंने समझा कि सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि नेतृत्व का स्टाइल भी सफलता का कारक है। उन्होंने अपने अधीनस्थों को सशक्त बनाने के लिए खुले संवाद और तेज़ निर्णय लेने की प्रक्रिया अपनाई। यही कारण है कि डिफेंस पॉलिसी, रक्षा रणनीति में सुधार लाने की नीति में उनका प्रभाव अभी भी महसूस किया जाता है। उन्होंने भारत के घनिष्ठ मित्र राष्ट्रों के साथ joint exercises को बढ़ाया, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा मिली।
भदौरिया जी की सोच का एक और पहलू था मानव संसाधन विकास। उन्होंने पायलट प्रशिक्षण को आधुनिक सिम्युलेटर तकनीक से लैस किया, जिससे युवा पायलट जल्दी और सुरक्षित रूप से कौशल हासिल कर सके। इससे भारतीय वायु सेना की तैयारियों में उल्लेखनीय सुधार आया। उनका मानना था कि सशक्त और प्रशिक्षित मानव शक्ति ही सबसे बड़ी हथियार है।
इन सभी पहलुओं को देख कर साफ़ पता चलता है कि एयर चीफ मार्शल एएस भदौरिया ने भारतीय वायु सेना को सिर्फ एक हाई‑टेक डिवीजन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक शक्ति बना दिया। उनके द्वारा लाई गई एयरोस्पेस नवाचार, रक्षा नीति में सुधार और सीख‑के‑मौलिक नेतृत्व ने आज के समय में भी कई निर्णयों को दिशा दी है।
अब नीचे आप कई लेखों और समाचारों में भदौरिया जी के करियर, उनके द्वारा उठाए कदम और भारतीय वायु सेना की नई दिशा के बारे में गहराई से पढ़ सकते हैं। इन कवरेज में रक्षा नीतियों की नॉलेज, एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी की प्रगति, और सैन्य नेतृत्व के बदलावों पर विस्तृत जानकारी मिलेगी। आगे पढ़ें और देखें कि कैसे एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय सुरक्षा के परिदृश्य को बदला।
8 अक्टूबर 2025 को भारतीय वायुसेना ने हिंदन एयर फोर्स स्टेशन में 93वाँ स्थापना दिवस मनाया, जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जनरल अनिल चौहान और एयर चीफ मार्शल एएस भदौरिया ने भाग लेकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
War 2 ने Independence Day पर शानदार प्रदर्शन किया और दूसरे दिन की कमाई में कूली को पीछे छोड़ दिया। दोनों फिल्मों के बीच टक्कर देखने लायक रही, जबकि कुल योग में कूली आगे है। War 2 का हिंदी वर्जन दर्शकों के बीच खूब पसन्द किया गया। तीसरे दिन दोनों की कमाई में गिरावट दिखी।
भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने चेन्नई में बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 400 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेकर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। वह कपिल देव और मोहम्मद शमी के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे सबसे तेज भारतीय गेंदबाज हैं। बुमराह ने 227 पारियों में यह मुकाम हासिल किया।
ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में एक यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी 61 यात्रियों की मृत्यु हो गई। विमान साओ पाउलो के लिए उड़ान भर रहा था जब यह संचार खो गया और विन्हेदो शहर में एक रिहायशी समुदाय पर गिर गया।
मणबा फाइनेंस के आईपीओ को पहले दिन ही 23.79 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, सबसे ज्यादा बोली गैर-संस्थागत निवेशकों से आई। आईपीओ के तहत 1.26 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिनका प्राइस बैंड 114 रुपये से 120 रुपये प्रति शेयर है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन, मुकेश अंबानी ने लगातार चौथे वर्ष भी वेतन नहीं लिया। 2021 में COVID-19 महामारी के प्रभाव के कारण उन्होंने यह निर्णय लिया। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने 2024 में भी कोई वेतन, भत्ता, या रिटायरमेंट लाभ नहीं लिया।