जब बात आती है शिक्षा अवधि, बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने की कानूनी और वास्तविक अवधि, जो आमतौर पर 6 से 18 साल तक की होती है. इसे शिक्षा की अवधि भी कहा जाता है, और यह भारत की भविष्य की नींव है। अगर कोई बच्चा 6 साल का है, तो उसकी शिक्षा अवधि शुरू हो जाती है — लेकिन क्या वह 18 साल तक पढ़ता रहता है? नहीं, अक्सर नहीं। आज भी लाखों बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं, क्योंकि घर की जरूरत, दूरी, या सिर्फ इस बात का अभाव कि शिक्षा उनके लिए क्यों जरूरी है।
2020 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भारत की आधुनिक शिक्षा प्रणाली को फिर से डिज़ाइन करने का एक बड़ा प्रयास. इसमें NEP 2020 के नाम से जाना जाता है, और इसने शिक्षा अवधि को 5+3+3+4 के ढांचे में बदल दिया है। यानी पहले 5 साल (प्रारंभिक चरण), फिर 3 साल (प्राथमिक), फिर 3 साल (मध्य), और आखिर में 4 साल (उच्च शिक्षा)। यह नीति सिर्फ समय बढ़ाने के बारे में नहीं है — यह बदलाव के बारे में है। अब बच्चे को याद करने की जगह समझने की आदत डालनी है। यहाँ नंबरों की बजाय विचारों का महत्व है। इसके साथ ही, आधारभूत शिक्षा, 6 से 14 साल की उम्र तक की शिक्षा, जो संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत एक अधिकार है. इसे अब बच्चे का जन्म से ही शुरू करने की बात कही जा रही है — जिसमें प्री-स्कूल और नर्सरी भी शामिल हैं। लेकिन अगर स्कूल में टीचर नहीं है, या बस नहीं चलती, या बच्चे को घर पर काम करना पड़ता है — तो ये सब कागज़ पर की बातें रह जाती हैं।
उच्च शिक्षा की ओर बढ़ने के लिए भी शिक्षा अवधि का महत्व है। अगर कोई बच्चा 10वीं के बाद छूट गया, तो वह बाद में कॉलेज तक नहीं पहुँच पाता। इसलिए शिक्षा अवधि का सवाल सिर्फ स्कूल तक नहीं, बल्कि उसके बाद के रास्ते के बारे में भी है। क्या हम उन बच्चों को सही समर्थन दे रहे हैं, जो घर से बाहर निकलना चाहते हैं? क्या हम उनके लिए व्यावसायिक शिक्षा का विकल्प बना रहे हैं? इन सवालों के जवाब आपको इस पेज पर मिलेंगे — जहाँ हमने शिक्षा अवधि से जुड़े रिपोर्ट्स, आँकड़े, और वास्तविक जीवन की कहानियाँ एकत्र की हैं। ये खबरें आपको बताएँगी कि कहाँ हम सफल हैं, और कहाँ अभी भी बहुत कुछ बाकी है।
राजस्थान शिक्षा विभाग ने सिताराम जाट के आदेश से 13 से 24 अक्टूबर 2025 तक 12 दिन की दिवाली छुट्टी घोषित की है, जिसमें धनतेरस, दिवाली और भाई दूज जैसे सभी त्योहार शामिल हैं।
रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दुसरे दिन पाकिस्तान ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए, सईम अयूब और सऊद शकील की अर्धशतकीय पारीयों के कारण अपनी स्थिति को मजबूत किया। दूसरी ओर, बांग्लादेश शुरुआती फायदा लेने के बाद पकड़ नहीं बना सका।
Agnikul Cosmos के CEO श्रीनाथ रविचंद्रन ने हालिया लॉन्च में दो महिला नेताओं के महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया। कंपनी अपने पहले ऑर्बिटल लॉन्च की तैयारी कर रही है, जो आगामी नौ से दस महीनों में होने की उम्मीद है। कंपनी ने पहले ही विभिन्न तकनीकों को मान्य किया है और लगभग 12-13 ग्राहकों के साथ उन्नत चरण में बातचीत कर रही है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनी रिलायंस जियो 2025 में सार्वजनिक होने की तैयारी कर रही है, जबकि खुदरा क्षेत्र उसके बाद ऑर्गेनाईजेशनल प्राथमिकताओं के चलते लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ने अब तक $25 बिलियन की पूंजी जुटाई है, जिससे इसकी मूल्यांकन $100 बिलियन के पार हो गई है।
AIIMS जोधपुर के छात्र सचिन गोरा ने 2020 NEET-UG परीक्षा में डमी कैंडिडेट की मदद से 60 लाख की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने सचिन, डॉ. अजीत गोरा और डॉ. सुभाष सैनी को गिरफ्तार किया है। जांच में नियमों की गंभीर खामियां उजागर हो रही हैं।
TCS ने Q2 FY2025 में 11,000 नई नियुक्तियां, Rs 11 लाभांश और $72.8 mln में ListEngage अधिग्रहण की घोषणा की, जिससे डिजिटल मार्केटिंग में मजबूती आएगी।